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इस 1 गलती से आपकी गाड़ी पुलिस कर लेगी जब्त, कोर्ट लगा सकती है इतना जुर्माना

ड्राइविंग के दौरान सभी नियमों का पालन करना जरूरी है। किसी भी नियम को तोड़ने पर चालान या कुछ महीने की कैद भी हो सकती है।

Danik Bhaskar

Jan 31, 2018, 12:02 AM IST

यूटिलिटी डेस्क। ड्राइविंग के दौरान सभी नियमों का पालन करना जरूरी है। किसी भी नियम को तोड़ने पर चालान या कुछ महीने की कैद भी हो सकती है। हेलमेट नहीं पहनने, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस या फिर इंश्योरेंस नहीं होने पर ट्रैफिक पुलिस द्वारा मौके पर ही चालान काटा जाता है, लेकिन आप ड्रिंक एंड ड्राइव (Drink and Drive) में पकड़े जाते हैं तब आपकी गाड़ी को पुलिस जब्त कर लेगी। इतना ही नहीं, इसके बाद गाड़ी कोर्ट से छुटाना पड़ेगी।

# ड्रिंक एंड ड्राइव पर लगेगी ये धारा

यदि आप ड्रिंक करके ड्राइव करते हैं तब आपके ऊपर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 लगाई जाती है। इसमें लिखा है कि आपने मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 का उल्लंघन किया है जिसके चलते आपका वाहन मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 207 के तहत जब्त किया जाता है। आपको निर्देशित किया जाता है कि उक्त दस्तावेज की मूलप्रति माननीय सी.जे.एम. कोर्ट में प्रस्तुत करें। जिससे आपके वाहन के चालान का निराकरण किया जा सके।

# गाड़ी में इन दस्तावेजों की मूलप्रति रखना जरूरी है

1. लाइसेंस (मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 3 के अनुसार)
2. रजिस्ट्रेशन (मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 39 के अनुसार)
3. फिटनेस (मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 56 के अनुसार)
4. परमिट (मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 66 के अनुसार)
5. बीमा (मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 146 के अनुसार)

आगे की स्लाइड्स पर जानिए आपकी गाड़ी यदि जब्त हो जाती है तो उसे छुड़ाने की प्रॉसेस...

जब आपकी बाइक या कार जब्त हो जाती है तो उसे छुड़ाने की प्रॉसेस जिला कोर्ट से शुरू होती है। जब ट्रैफिक पुलिस आपकी गाड़ी जब्त करती है तब वो आपको एक वाहन जब्ती रसीद देती है। इस रसीद के साथ गाड़ी के सभी ओरिजनल डॉक्युमेंट्स जैसे रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस और बीमा को लेकर कोर्ट जाना होता है। यहां पर ट्रैफिक पुलिस के द्वारा आपसे एक फॉर्म भराया जाएगा जिसमें सभी डॉक्युमेंट्स की फोटोकॉपी लगाई जाएगी। इसके बाद, इस फॉर्म को जज के सामने पेश किया जाएगा। अब जज के ऊपर है कि वो आपके ऊपर कितना चालान करता है। वैसे, मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 लगने पर कम से कम 2000 रुपए का जुर्माना लग सकता है।

 

 

जब आप पर लगने वाला जुर्माना तय हो जाता है तब ट्रैफिक पुलिस द्वारा उसे वसूला जाता है। इस बात का ध्यान रहे कि यदि कोर्ट द्वारा तय किया गया जुर्माना नहीं दिया या फिर वहां से भागने की कोशिश की तब 3 महीने की सजा भी सुनाई जा सकती है। जुर्माना भरे जाने के बाद आपको उसकी एक रिसीप्ट दी जाती है। उसके पीछे ट्रैफिक पुलिस का कोई अधिकारी गाड़ी का नंबर डालकर उसे छोड़ने के लिए लिख देता है। बाद में गाड़ी को ट्रैफिक पुलिस थाने से रिसीप्ट दिखाकर छुड़ाया जा सकता है।

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