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बैंक में जमा पैसा वापस मिलने की नहीं होगी गारंटी, ऐसे हैं FRDI बिल के प्रावधान

फ्यूचर में ऐसा हो सकता है कि बैंक में आपका जो पैसा जमा है, उस पर ही आपका कंट्रोल न हो।

Danik Bhaskar | Dec 27, 2017, 11:49 AM IST

यूटिलिटी डेस्क। फ्यूचर में ऐसा हो सकता है कि बैंक में आपका जो पैसा जमा है, उस पर ही आपका कंट्रोल न हो। यदि कोई बैंक दिवालिया होती है तो वह आपके पैसे का इस्तेमाल कर सकता है। जी हां, कुछ ऐसे ही प्रावधान फाइनेंशियल रिजॉल्यूशन एंड डिपोजिट इंश्योरेंस (FRDI) बिल 2017 में किए गए हैं। यह डिपोजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) एक्ट की जगह लेगा। कहा जा रहा है कि इससे बैंक में जमाकर्ताओं का पैसा वापस मिलने की गारंटी नहीं रहेगी।

1 लाख मिलने की गारंटी भी खत्म होगी
नए नियम लागू होने के बाद 1 लाख रुपए वापस मिलने की गारंटी भी खत्म हो जाएगी। अभी यह नियम है कि बैंक में आपका कितना भी पैसा जमा हो, अगर बैंक दिवालिया हो गया तो आपको 1 लाख रुपए तक ही मिलेंगे। FRDI बिल में कितने रकम की गारंटी होगी, इस बात का जिक्र नहीं है। यह रकम ज्यादा भी हो सकती है कम भी।

FRDI बिल क्या है?
फाइनेंशियल रेज्योलुशन एंड डिपॉजिट इंश्योरेंस (FRDI) बिल का मकसद एक ऐसा रेज्योलुशन कॉरपोरेशन गठित करने का है, जो वित्तीय संस्थानों पर नजर रखे। संस्थानों को रिस्क प्रोफाइल के आधार पर कैटेगराइज करे और उन्हें दिवालिया होने से बचाए। यह बैंक और बीमा जैसी वित्तीय कंपनियों के जोखिम की मॉनिटरिंग करेगा। बैंक बंद होने की नौबत आती है तो उसका रिजॉल्यूशन प्लान बनाएगा।

डूबने के डर से पैसा निकाल रहे लोग
ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एसएस सिसोदिया के अनुसार नए बिल से जमाकर्ताओं के मन में बैंकों में जमा रकम डूबने का डर समा गया है। कई बैंक मैनेजरों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि रोजाना दर्जनों लोग इस डर से पैसे निकाल रहे हैं।

आपके पैसे का कर सकते हैं यूज, देखिए आगे की स्लाइड्स में...

आपके जमा पैसे का इस्तेमाल कर सकेंगे...

 

> एफआरडीआई बिल के प्रावधानों के अनुसार दिवालिया हो रहे फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट को बचाने के लिए वे उसे कर्ज लेने वाली संस्था के साथ ही जमाकर्ताओं की रकम का भी इस्तेमाल कर सकेंगे। 

 

67 परसेंट एफडी 1 लाख रुपए से कम के , देखि अगली स्लाइड में...

67 परसेंट एफडी 1 लाख रुपए से कम के 

 

> बैंक जमाकर्ता के 1 लाख रुपए का बीमा रिजर्व बैंक की सब्सिडियरी डीआईसीजीसी के पास कराते हैं। प्रति ग्राहक सालाना 100 रुपए देने पड़ते हैं। 67 परसेंट एफडी 1 लाख रुपए से कम के हैं। यानी बैंक फेल हुआ तो छोटे जमाकर्ता इस बीमा के कारण सुरक्षित होंगे। 

आप रिस्क कैसे कम कर सकते हैं...

 

> अभी घबराने की जरूरत नहीं है। पिछले 50 सालों में देश में शायद ही कोई बैंक दिवालिया हुआ है। फिर भी आप अपनी रकम को अलग-अलग बैंकों में जमा करके रिस्क को कम कर सकते हैं।