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कोई दुकानदार ठगे तो फोन से ही ऐसे करें शिकायत, करोड़ों का ले सकते हैं हर्जाना

एक कंज्यूमर के तौर पर आपको यदि किसी ब्रांड, प्रोडक्ट और सर्विस से शिकायत है तो आप कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत कर सकते हैं।

Danik Bhaskar | Mar 13, 2018, 12:02 AM IST

यूटिलिटी डेस्क। एक कंज्यूमर के तौर पर आपको यदि किसी ब्रांड, प्रोडक्ट और सर्विस से शिकायत है तो आप कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत कर सकते हैं। अलग-अलग इश्यूज के हिसाब से कम्पलेंड कोर्ट मे फाइल की जाती हैं। आप अपने स्मार्टफोन के जरिए ही सेकंड्स में कंज्यूमर ऑनलाइन रिसोर्स एंड इम्पावरमेंट (Core Centre) में ऑनलाइन भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

गवर्नमेंट कंज्यूमर ऑनलाइन रिसोर्स एंड एम्पॉवरमेंट सेंटर (http://corecentre.org/) से पोर्टल रन करती है। यहां शिकायत करने के लिए किसी भी कंज्यूमर को सबसे पहले खुद को रजिस्टर करना होगा। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरना होगा। इसमें नाम, ईमेल, एड्रेस और फोन नंबर डालना होगा। इससे एक यूजर आईडी और पासवर्ड क्रिएट हो जाएगा।

किसी भी रजिस्टर्ड ब्रांड के खिलाफ की जा सकती है शिकायत
आप किसी भी रजिस्टर्ड ब्रांड या सर्विस प्रोवाइड के खिलाफ शिकायत कर सकते हैं। वेबसाइट पर आपको ऐसे सेग्मेंट्स और ब्रांड्स की डिटेल भी मिल जाएगी जो डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स से रजिस्टर्ड हैं। जिसके खिलाफ शिकायत की जा रही है उसकी डिेटेल, शिकायत से रिलेटेड डॉक्युमेंट्स भी शिकायतकर्ता को ऑनलाइन अपलोड करना होते हैं।

स्टेट्स भी चल जाता है पता
कम्पलेंट सबमिट होते ही एक ऑटोमैटिक नंबर जनरेट होता है। यह शिकायतकर्ता को असाइन किया जाता है। इस नंबर के जरिए शिकायत का स्टेट्स पता किया जा सकता है। शिकायतकर्ता एक से ज्यादा कम्पलेंड भी कर सकता है और इनका स्टेट्स भी ट्रैक कर सकता है।

मैसेज भेजकर भी कर सकते हैं शिकायत
आप इस वेबसाइट पर मैसेज करके भी शिकायत कर सकते हैं। वेबसाइट तीन तरह से शिकायत करने का ऑप्शन देती है। पहला ऑनलाइन, दूसरा मैसेज के जरिए और तीसरा, हार्ड कॉपी भेजकर शिकायत की जा सकती है।

कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत करके पा सकते हैं 1 करोड़ से भी ज्यादा का हर्जाना, देखिए अगली स्लाइड में...

इसके अलावा आप कंज्यूमर कोर्ट में भी शिकायत कर सकते हैं...

 

> इंडिया में तीन तरह की कंज्युमर कोर्ट हैं। पहली वे जो डिस्ट्रिक्ट लेवल पर समस्याओं का निराकरण करती हैं। हर राज्य में इस तरह की कोर्ट होती है। यह 20 लाख रुपए तक के मामले की सुनवाई करती हैं।

 

> इसके बाद स्टेट कंज्युमर कोर्ट होती हैं। यह स्टेट लेवल पर कंज्युमर्स की शिकायतों का निराकरण करती हैं। यह कोर्ट 1 करोड़ रुपए तक के मामले में 

डील करती हैं।

 

> तीसरे नंबर पर नेशनल लेवल की कोर्ट होती हैं। यह देशभर के मामले देखती हैं। यहां 1 करोड़ से ज्यादा अमाउंट के जो मामले हैं, वे भी देखे जाते हैं। कंज्युमर कोर्ट में शिकायत के लिए कंज्युमर को कोई लॉयर करने की जरूरत नहीं। आप खुद ही शिकायत कर सकते हैं।

 

कैसे करें कम्पलेंड, देखिए अगली स्लाइड में...

कैसे करें कम्पलेंड...

 

> जिस फोरम में आप कम्पलेंड करना चाहते हैं, पहले उसके ज्युरिडिक्शन के बारे में पता करें। आप जिस क्षेत्र में रहते हैं, वहां की फोरम के ज्युरिडिक्शन में ही आप शिकायत कर सकते हैं।

 

> ज्युरिडिक्शन पता करके सही फोरम पर पहुंचे। कंज्युमर प्रोटेक्शन एक्ट 1986 के तहत कम्पलेंड करने का फॉर्मेट तय है। इस फॉर्म को आप डाउनलोड कर सकते हैं।

 

एडवोकेट की जरूरत नहीं होती, देखिए अगली स्लाइड में....

 

एडवोकेट की जरूरत नहीं होती

 

> आपकी शिकायत से जुड़े सपोर्टिंग डॉक्युमेंट्स अटैच करें। इसमें आप संबंधित प्रोडक्ट खरीदने पर मिला बिल, वॉरंटी-गारंटी डॉक्युमेंट लगा सकते है इसके साथ में आपको एक एफिडेविट भी लगाना होगा। जो इस बात की पुष्टि करेगा कि आपने जो शिकायत की है, वो सही है।

 

> यह शिकायत आप खुद कर सकते हैं, इसके लिए आपको किसी एडवोकेट की जरूरत नहीं। कम्पलेंट रजिस्टर्ड पोस्ट के जरिए भी भेजी जा सकती है। कम्पलेंड की अतिरिक्त कॉपी भी आपको अपने साथ रखनी होगी, क्योंकि यह कई जगह बाद में काम आती है।