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बिका हुआ माल वापस लेने से इंकार नहीं कर सकते दुकानदार, जानें अपने अधिकार

दुकानों के बाहर लिखा होता है कि 'बिका हुआ माल, वापस नहीं होगा' लेकिन क्या आप जानते हैं कि...

Danik Bhaskar | Jan 16, 2018, 02:01 PM IST

यूटिलिटी डेस्क। कई बार हम देखते हैं कि दुकानों के बाहर लिखा होता है कि 'बिका हुआ माल, वापस नहीं होगा' लेकिन क्या आप जानते हैं कि आप बिका हुआ माल वापस कर सकते हैं। इस तरह के मामले में कंज्यूमर फोरम ग्राहक के पक्ष में फैसला सुना चुकी हैं।

महाराष्ट्र कंज्यूमर फोरम ने इस तरह के मामले में न सिर्फ कंज्यूमर के हक में फैसला सुनाया था बल्कि कंज्यूमर का सामान वापस लेकर पैसे लौटाने के आदेश भी सेलर को दिए थे। विक्रेता पर 1000 रुपए का जुर्माना लगाया गया था। डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स भी 1999 में सामान की बिक्री पर दी जाने वाली रसीद पर बिका हुआ माल वापस नहीं होगा, छापने पर रोक लगा चुका है। एक कंज्यूमर के तौर पर आपको कई अधिकार मिले हुए हैं, आज हम बता रहे हैं कि कोई सेलर आप से ठगी करे तो आप उसकी शिकायत कहां और कैसे कर सकते हैं।

तीन तरह की कंज्यूमर कोर्ट, देखिए अगली स्लाइड्स में...

तीन तरह की कंज्युमर कोर्ट...

 

> इंडिया में तीन तरह की कंज्युमर कोर्ट हैं। पहली वे जो डिस्ट्रिक्ट लेवल पर समस्याओं का निराकरण करती हैं। हर राज्य में इस तरह की कोर्ट होती है। यह 20 लाख रुपए तक के मामले की सुनवाई करती हैं।

 

> इसके बाद स्टेट कंज्युमर कोर्ट होती हैं। यह स्टेट लेवल पर कंज्युमर्स की शिकायतों का निराकरण करती हैं। यह कोर्ट 1 करोड़ रुपए तक के मामले में डील करती हैं।  

 

> तीसरे नंबर पर नेशनल लेवल की कोर्ट होती हैं। यह देशभर के मामले देखती हैं। यहां 1 करोड़ से ज्यादा अमाउंट के जो मामले हैं, वे भी देखे जाते हैं। कंज्युमर कोर्ट में शिकायत के लिए कंज्युमर को कोई लॉयर करने की जरूरत नहीं। आप खुद ही शिकायत कर सकते हैं। 

 

 

कैसे करें कम्पलेंड, देखिए अगली स्लाइड्स में...

कैसे करें कम्पलेंड...


> जिस फोरम में आप कम्पलेंड करना चाहते हैं, पहले उसके ज्युरिडिक्शन के बारे में पता करें। आप जिस क्षेत्र में रहते हैं, वहां की फोरम के ज्युरिडिक्शन में ही आप 

शिकायत कर सकते हैं।ज्युरिडिक्शन पता करके सही फोरम पर पहुंचे। कंज्युमर प्रोटेक्शन एक्ट 1986 के तहत कम्पलेंड करने का फॉर्मेट तय है। इस फॉर्म को आप डाउनलोड कर सकते हैं। 

 

> आपकी शिकायत से जुड़े सपोर्टिंग डॉक्युमेंट्स अटैच करें। इसमें आप संबंधित प्रोडक्ट खरीदने पर मिला बिल, वॉरंटी-गारंटी डॉक्युमेंट लगा सकते है इसके साथ में आपको एक एफिडेविट भी लगाना होगा। जो इस बात की पुष्टि करेगा कि आपने जो शिकायत की है, वो सही है। 

 

> यह शिकायत आप खुद कर सकते हैं, इसके लिए आपको किसी एडवोकेट की जरूरत नहीं। कम्पलेंट रजिस्टर्ड पोस्ट के जरिए भी भेजी जा सकती है। कम्पलेंड की अतिरिक्त कॉपी भी आपको अपने साथ रखनी होगी, क्योंकि यह कई जगह बाद में काम आती है।  

आप कंज्युमर कम्पलेंट्स रिड्रेसल काउंसिल की वेबसाइट http://ccrc.in पर ऑनलाइन भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।