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लोन भरने से चूक गए फिर भी एजेंट नहीं कर सकता बदतमीजी, जानें 8 फाइनेंशियल Right

आप लोन की किस्त भरने में चूक गए हैं, तब भी लेंडर या रिकवरी एजेंट को आप से बदतमीजी नहीं कर सकता।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Dec 21, 2017, 12:03 AM IST

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    यूटिलिटी डेस्क। आप लोन की किस्त भरने में चूक गए हैं, तब भी लेंडर या रिकवरी एजेंट आप से बदतमीजी नहीं कर सकता। किस्त भरने से चूकने पर लेंडर आपको सबसे पहले 60 दिनों का नोटिस दे सकता है। फिर आप ऑथराइज्ड ऑफिसर के सामने अपना केस रख सकते हैं। लेंडर इस पीरियड में आपको परेशान नहीं कर सकता। वह आपको सुबह 7 से शाम 7 बजे के बीच ही कॉल कर सकता है। आज हम ऐसे ही 8 फाइनेंशियल राइट्स के बारे में आपको बताने जा रहे हैं।

    परेशान करे तो FIR कर सकते हैं

    यदि कोई एजेंट आपको परेशान कर रहा है तो आप बैंक में उसकी शिकायत कर सकते हैं। बैंक इस मामले में इन्वेस्टिगेशन करवाएगा। आप संबंधित व्यक्ति के खिलाफ FIR भी दर्ज करवा सकते हैं।

    गलत पैसे कटे तो बैंक आपसे नहीं वसूल सकता

    आपके अकाउंट से यदि कोई अनऑथराइज्ड ट्रांजैक्शन हुआ है तो यह राशि बैंक आप से नहीं वसूल सकता। अनऑथराइज्ड ट्रांजैक्शन की रिपोर्ट तुरंत बैंक में होना जरूरी है। ऐसे में आपको अपना कार्ड भी तुरंत ब्लॉक करवा देना चाहिए, जिससे कोई इसका यूज नहीं कर सके। आप एफआईआर भी दर्ज करवा सकते हैं।

    15 दिनों में रिटर्न ले सकते हैं पॉलिसी, देखिए आगे की स्लाइड में...

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    पॉलिसी रिटर्न लेने का हक

    > जिस पॉलिसी को आप नहीं चाहते, उसे रिटर्न करना आपका हक है। आप पॉलिसी डॉक्युमेंट्स मिलने के 15 दिनों में ऐसी पॉलिसी को रिटर्न कर सकते हैं। यह फ्री लुक पीरियड सभी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसीज और हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसीज पर लागू होता है।

    > पॉलिसी रिटर्न करने के लिए आपको एप्लीकेशन सबमिट करना होगी। अधिकतर इंश्योरेंस कंपनियों के फॉर्म उनकी वेबसाइट्स पर अवेलेबल होते हैं। ऐसे में आपको एजेंट का इंतजार करने की जरूरत नहीं। आप खुद ही इसे सबमिट कर सकते

    हैं।

    कमीशन जानने का हक


    > आपको यह जानने का हक है कि आपको फाइनेंशियल प्रोडक्ट बेचकर डिस्ट्रीब्यूटर या इंश्योरेंस एजेंट कितना कमीशन

    कमा रहा है। कंपनी डिस्ट्रीब्यूटर को कितना कमीशन दे रही है, यह आपको जानने से कोई नहीं रोक सकता। इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स

    में एजेंट का कमीशन प्रीमियम पर डिपेंड करता है।

    > इंश्योरेंस एजेंट की जिम्मेदारी है कि वे इस बारे में आपको पॉलिसी देने से पहले बताए। यदि कोई आपसे यह जानकारी छुपा रहा है तो आप अपनी पॉलिसी के हिसाब से sebi, mutual funds या Irdai में कॉन्टेक्ट कर सकते हैं।

    गलत पैसे कटे तो बैंक आपसे नहीं वसूल सकता, देखिए अगली स्लाइड में...

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    गलत पैसे कटे तो बैंक आपसे नहीं वसूल सकता


    > आपके अकाउंट से यदि कोई अनऑथराइज्ड ट्रांजेक्शन हुआ है तो यह राशि बैंक आप से नहीं वसूल सकता। अनऑथराइज्ड

    ट्रांजेक्शन की रिपोर्ट तुरंत बैंक में देना जरूरी है। ऐसे में आपको अपना कार्ड भी तुरंत ब्लॉक करवा देना चाहिए। जिससे कोई इसका यूज नहीं कर सके। आप एफआईआर भी दर्ज करवा सकते हैं।

    इंश्योरेंस क्लेम करने का हक


    > ऐसी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी जिसे 3 साल पूरे हो चुके हैं, उसके लिए आपको क्लेम करने का हक है। ऐसे में क्लेम के पहले कंपनी पॉलिसी होल्डर की प्रमाणिकता की जांच करती है।

    90 दिनों में टैक्स रिफंड का हक, देखिए अगली स्लाइड में...

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    90 दिनों में टैक्स रिफंड का हक


    > ITR फिल करने के 90 दिनों के अंदर जनरली आपको इनकम टैक्स रिफंड मिल जाना चाहिए। यदि इस पीरियड के बाद भी आपको इनकम टैक्स नहीं मिलता है तो आप इनकम टैक्स ऑफिसर को अप्रोच कर सकते हैं। आप टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर भी रिक्वेस्ट भेज सकते हैं। रिफंड अमाउंट पर 0.5% इंटरेस्ट भी हर महीने दिया जाता है।

    प्रॉपर्टी पर पजेशन का हक


    > कोई भी प्रॉपर्टी आपने खरीदी है तो निश्चित समय में आपको उसका पजेशन मिलना चाहिए। यदि प्रोजेक्ट डिले होता है तो

    आप होम लोन EMI में जितना इंटरेस्ट दे रहे हैं, उतना डेवलपर से ले सकते हैं। ऐसी कंडीशन में आप अपना पूरा पैसा भी डेवलपर से वापस ले सकते हैं। बिल्डर को 45 दिनों में यह राशि आपको चुकाना होगी। बिल्डर यदि कोई गड़बड़ करता है तो आप अपने राज्य के रियल स्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी से इसकी शिकायत कर सकते हैं। संबंधित अधिकारी को 60 दिनों के अंदर आपकी शिकायत का निपटारा करना होगा।

    सर्विस चार्ज न देने का हक, देखिए अगली स्लाइड में...

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    सर्विस चार्ज न देने का हक


    > किसी रेस्टॉरेंट की सर्विस से आप संतुष्ट नहीं हैं तो आप सर्विस चार्ज देने के लिए मना कर सकते हैं। कोई भी रेस्टोरेंट सर्विस चार्ज देने के लिए आप पर दबाव नहीं डाल सकता। यह चार्ज सरकार नहीं वसूलती बल्कि यह चार्ज रेस्टोरेंट संचालक ही वसूल करता है। हालांकि अब अधिकतर संचालक यह चार्ज लेना बंद कर चुके हैं।

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Web Title: Know Your Financial Rights
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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