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मोदी सरकार पिछड़ों के विकास को लेकर कमिटेड: क्रीमीलेयर फैसले पर अमित शाह

अमित शाह ने ओबीसी के लिए क्रीमीलेयर इनकम लिमिट बढ़ाने के फैसले पर मोदी सरकार की तारीफ की है।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Aug 24, 2017, 08:55 AM IST

नई दिल्ली. अमित शाह ने ओबीसी के लिए क्रीमीलेयर इनकम लिमिट बढ़ाने के फैसले पर मोदी सरकार की तारीफ की है। शाह ने कहा, "इस कदम से यह पता चलता है कि बीजेपी और उसकी सरकार पिछड़ों और अन्य सामाजिक वर्गों के समग्र विकास (holistic development) के लिए संवेदनशील (sensitive) और प्रतिबद्ध (committed) है।" बता दें कि ओबीसी आरक्षण को लेकर केंद सरकार ने बुधवार को दो अहम फैसले किए थे। पहला- ओबीसी आरक्षण में क्रीमीलेयर की इनकम लिमिट 6 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रुपए सालाना कर दी। दूसरा- ओबीसी की सेंट्रल लिस्ट में जातियों के लिए कोटे के अंदर कोटा तय करने को मंजूरी दे दी।हाशिये पर रहने वालों को भी मिलेगा आरक्षण...

- न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक बीजेपी प्रेसिडेंट शाह ने कहा, "मोदी सरकार का यह फैसला पिछड़े वर्गों को आरक्षण और अन्य योजनाओं से मिलने वाले फायदों को न्यायसंगत करने की दिशा में एक बेहतर पहल है। इससे पिछड़ा वर्ग में हाशिये पर रहने वालों को भी आरक्षण और अन्य सरकारी योजनाओं का फायदा मिल सकेगा।"
- शाह ने कहा, "इस प्रोविजन से ओबीसी में जिन जातियों को आर्थिक पिछड़ेपन की वजह से आरक्षण और अन्य सुविधाओं की ज्यादा जरूरत है, उन्हें प्रायोरिटी दी जा सकेगी।"
कांग्रेस पर साधा निशाना
- शाह ने विपक्षी कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि मोदी सरकार ने इन्हीं प्रयासों के तहत ओबीसी को कॉन्स्टीट्यूशनल दर्जा देने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया था, लेकिन देश की सबसे पुरानी पार्टी (कांग्रेस) के विपरीत रुख के कारण इससे संबंधित कॉन्स्टीट्यूशनल अमेंडमेंट नहीं हो सका।
ट्वीट कर फैसले का स्वागत किया
- शाह ने ट्वीट कर सरकार के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने लिखा- "पिछड़े वर्गों को मिलने वाले आरक्षण और अन्य योजनाओं के दायरे का विस्तार कर इसे और अधिक न्यायसंगत करने के मोदी सरकार के फैसले का अभिनंदन।" शाह ने 2 और ट्वीट कर सरकार के इस कदम को सार्थक पहल बताया है।
क्या है फैसला?
- ओबीसी क्रीमीलेयर की लिमिट 4 साल में चौथी बार बढ़ाई गई है। इसके साथ ही सरकार ने तय किया है कि ओबीसी के लिए तय 27% कोटे को इस कैटेगरी में अलग-अलग सब कैटेगरी बनाकर बांटा जाएगा।
- सरकार ने केंद्र सरकार की नौकरियों के लिए ओबीसी में क्रीमी लेयर की लिमिट बढ़ाकर 8 लाख रुपए सालाना की है। फिलहाल, यह 6 लाख रुपए सालाना है। क्रीमीलेयर की लिमिट बढ़ाए जाने का मतलब यह है कि इस कैटेगरी में आने वाले किसी कैंडिडेट जिसकी इनकम 8 लाख रुपए सालाना हो तो उसे आरक्षण का फायदा मिलेगा। ओबीसी में सब-कैटेगराइजेशन की जांच के लिए सरकार ने एक कमीशन बनाने को भी मंजूरी दे दी है।
9 राज्‍यों में OBC में है सब-कैटेगरी
- अभी देश के 9 राज्‍यों आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पुड्डुचेरी, हरियाणा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्‍ट्र एवं तमिलनाडु में पिछड़ी जातियों के सब-कैटेगराइजेशन की
व्‍यवस्‍था है।
क्या है क्रीमीलेयर?
- क्रीमीलेयर में आने वाले ओबीसी के लोग आरक्षण के दायरे से बाहर हो जाते हैं। सरकारी नौकरियों और एजुकेशन इंस्टीट्यूट ओबीसी के लिए 27% आरक्षण है।
- इस आरक्षण का लाभ लेने में शर्त यह है कि परिवार की सालाना इनकम क्रीमी लेयर के दायरे में ना आती हो। अभी तक सालाना इनकम की लिमिट छह लाख रुपए तक थी।
अब यह 8 लाख रुपए कर दी गई है।
- जिनकी सालाना इनकम इस लिमिट से अधिक होती है उन्हें क्रीमीलेयर कहा जाता है और वे आरक्षण के लिए पात्र नहीं होते।
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