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रोहिंग्या से हथियार नहीं मिले, पर आतंकी कनेक्शन को दरकिनार नहीं कर सकते: BSF

इंटेलिजेंस एजेंसियों के मुताबिक, देश में फिलहाल 36 हजार रोहिंग्या शरणार्थी अलग-अलग हिस्सों में रह रहे हैं।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Nov 29, 2017, 07:48 PM IST

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    बीएसएफ डीजी केके शर्मा ने बुधवार को रोहिंग्या मुद्दे पर मीडिया से बात की। -फाइल

    नई दिल्ली.बीएसएफ के डायरेक्टर जनरल केके शर्मा ने कहा कि इंटेलिजेंस इनपुट के हिसाब से 36 हजार रोहिंग्या शरणार्थी देश के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे हैं। हालांकि, अब तक जो रोहिंग्या पकड़े गए, उनके पास से कोई हथियार या गोला बारूद नहीं मिला। लेकिन हम इंटेलिजेंस के इनपुट को दरकिनार नहीं कर सकते हैं, जिसमें कहा गया है कि रोहिंग्या के आतंकी संगठनों से लिंक हैं। बांग्लादेश से लगी सीमा पर खास चौकसी बरती जा रही है, क्योंकि करीब 10 लाख रोहिंग्या ने बांग्लादेश में शरण ली है। शर्मा ने यह बात बीएसएफ के 52वें स्थापना दिवस (1 दिसंबर) से पहले कही।

    बांग्लादेश बॉर्डर पर 87 रोहिंग्या को पकड़ा

    - उन्होंने कहा, ''जहां तक मेरी जानकारी में है, फिलहाल 36 हजार रोहिंग्या देश के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे हैं। ये पुलिस-इंटेलिजेंस एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर जनरल ऑब्जर्वेशन है।''

    - ''फिलहाल, बॉर्डर पर रोहिंग्या मुस्लिमों के कब्जे से हथियार, गोला-बारूद मिलने या आतंकी कनेक्शन का कोई मामला सामने नहीं आया है। लेकिन जैसा कि हमें इंटेलिजेंस से इनपुट मिला है कि रोहिंग्या के आतंकी संगठनों से लिंक हो सकते हैं। ये खतरनाक और काफी गंभीर मसला है। मुझे एजेंसियों के इनपुट पर संदेह नहीं है।''

    रोहिंग्या को गिरफ्तार नहीं करते, वापस लौटाते हैं: शर्मा

    - केके शर्मा ने कहा, ''हमारे जवान रोहिंग्या को बॉर्डर से ही वापस लौटा देते हैं, उन्हें गिरफ्तार नहीं करते हैं। ये मुद्दा काफी गंभीर है। ताजा अनुमान के हिसाब से करीब 10 लाख रोहिंग्या मुस्लिमों ने म्यांमार से आकर बांग्लादेश में शरण ली है। भारत में भी इनकी संख्या बढ़ सकती है, इससे इनकार नहीं किया जा सकता है।''

    - ''हम उद्देश्य साफ है कि किसी भी अवैध शरणार्थी को देश की सीमा में घुसने की इजाजत नहीं दे सकते हैं। चाहे वो रोहिंग्या हो या फिर बांग्लादेशी। सभी को वापस लौटाया जाता है। बांग्लादेश बॉर्डर से लगी संवेदनशील पोस्टों पर हमने चौकसी बढ़ाई है। यहां अवैध शरणार्थियों पर नजर रखने के लिए जवानों सर्विलांस इक्विपमेंट्स मुहैया कराए हैं।''

    ज्यादातर रोहिंग्या जम्मू-कश्मीर जाना चाहते हैं

    - बीएसएफ के मुताबिक, एजेंट भारत में रोहिंग्या को अच्छी नौकरी का झांसा देते हैं। उनसे कहा जाता है कि जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु और वेस्ट बंगाल जैसे राज्यों में मुस्लिमों के साथ रहने और काम करने का मौका मिलेगा।

    - ज्यादातर रोहिंग्या जम्मू-कश्मीर जाना पसंद करते हैं, क्योंकि वहां उनकी संख्या ज्यादा है। वे कुछ सालों से कश्मीर में रह रहे हैं। यहां पहुंचने के बाद वह अपने रिश्तेदारों को भी बुलाने की कोशिश करने लगते हैं। इंटेलिजेंस एजेंसियों के मुताबिक, कुछ रोहिंग्या सरकारी नौकरियों में भी हैं।

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    बीएसएफ के मुताबिक, करीब 10 लाख रोहिंग्या मुस्लिमों ने बांग्लादेश में शरण ली है। -फाइल
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    पिछले दिनों रोहिंग्या शरणार्थियों को देश से निकालने के लिए प्रदर्शन हुए थे। -फाइल
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