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Moody's की रेटिंग में अपग्रेडिंग से सरकार के फैसलों पर मुहर लगी: जेटली

Dainikbhaskar.com | Last Modified - Nov 17, 2017, 02:46 PM IST

अमेरिकी एजेंसी Moodys ने 13 साल बाद भारत की क्रेडिट रेटिंग में सुधार किया है।
    • VIDEO: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। (फाइल)

      नई दिल्ली. अमेरिकी एजेंसी Moody's ने 13 साल बाद भारत की क्रेडिट रेटिंग में सुधार किया है। एजेंसी ने शुक्रवार को भारत की रेटिंग Baa3 से बढ़ाकर Baa2 कर दी है। इस पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि रेटिंग में सुधार बताता है कि देश की अर्थव्यवस्था अनुशासन में है। ऐसा अपग्रेड तब होता है, जब इकोनॉमी के लिए सकारात्मक कदम उठते हैं। बता दें कि Moody's ने भारत की क्रेडिट रेटिंग बढ़ने की वजह यहां इकोनॉमिक और इंस्टीट्यूशनल रिफॉर्म्स को बताया है। 2004 में Moody's ने भारत को Baa3 रेटिंग दी थी। इसे सबसे निचला इन्वेस्टमेंट ग्रेड माना जाता है।

      - अरुण जेटली ने कहा, "आज सुबह 13 साल के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था को मूडीज का अपग्रेड मिला है। इस प्रकार अपग्रेड तब होता है, जब इकोनॉमी के लिए सकारात्मक कदम उठते हैं। बीते सालों में हुए सरकार के फैसलों से अर्थव्यवस्था मजबूत हुई।"

      - "हमने स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स के लिए जो कदम उठाए मसलन आधार को खातों से जोड़ा जाना, बैंकरप्सी कोड, डिजिटाइजेशन, जीएसटी जैसे कदम उठाए, मूडीज की अपग्रेडिंग सरकार के फैसलों पर मुहर लगाती है।"

      भारत में लगातार ग्रोथ हो रही

      - न्यूज एजेंसी के मुताबिक, Moody's ने अपने स्टेटमेंट में कहा, "भारत की रेटिंग अपग्रेड होने की वजह वहां हो रहे इकोनॉमिक रिफॉर्म्स हैं। जैसे-जैसे वक्त बीतता जाएगा, भारत की ग्रोथ में इजाफा होगा। यह भी मुमकिन है कि मीडियम टर्म में सरकार पर कर्ज का भार कम होता जाए।"
      - "हमारा मानना है कि रिफॉर्म्स को सही तरीके से लागू करने पर कर्ज के तेजी से बढ़ने और ग्रोथ कम होने का खतरा कम होगा।"
      - हालांकि, Moody's ने सलाह दी है कि भारत को ये भी ध्यान रखना चाहिए कि ज्यादा कर्ज कहीं उसका क्रेडिट प्रोफाइल खराब न कर दे।

      मंत्री रविशंकर प्रसाद ने किया ट्वीट

      - "इंटरनेशनल एजेंसी Moody's ने 2004 के बाद पहली बार भारत की रेटिंग अपग्रेड की है। ये मोदी सरकार में भरोसे को दिखाता है।"

      क्या है मूडीज, कैसे दी जाती है रेटिंग?

      - रेटिंग देने के इस सिस्टम देने की शुरुआत 1909 में जॉन मूडी ने की थी। इसका मकसद इन्वेस्टर्स को एक ग्रेड देना है, ताकि मार्केट में उसकी क्रेडिट बन सके।
      - एजेंसी ने ग्रेडिंग के लिए 9 सिम्बल- Aaa, Aa, A, Baa, Ba, B, Caa, Ca और C तय किए हैं। Aa से लेकर Caa तक की 1, 2, 3 सब-कैटेगरी भी होती हैं।
      - फिलहाल, Moody's ग्लोबल कैपिटल मार्केट का अहम हिस्सा है। ये फाइनेंशियल मार्केट को क्रेडिट रेटिंग, रिसर्च टूल्स और एनालिसिस देता है।
      - Moody's कॉरपोरेशन, Moody's इन्वेस्टर्स सर्विस की पेरेंट कंपनी है, जो क्रेडिट रेटिंग और रिसर्च का काम करती है।
      - 2016 में कॉरपोरेशन का रेवेन्यू 3.6 बिलियन डॉलर (करीब 23 हजार 321 करोड़ रुपए) था। एजेंसी का काम दुनिया के 41 देशों में है, जिसमें करीब 11 हजार 700 लोग काम करते हैं।

    • Moody's की रेटिंग में अपग्रेडिंग से सरकार के फैसलों पर मुहर लगी: जेटली, national news in hindi, national news
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    Web Title: Finance Minister Arun Jaitley Moodys Upgradation Of Indias Rating
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