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गूगल ने प्लेस्टोर से हटाया UC ब्राउजर, भारतीय यूजर्स का डाटा चीन को भेजने का आरोप

गूगल ने भी यूसी ब्राउजर के इस तरह से किसी का पर्सनल डाटा स्टोर करने को पॉलिसी के खिलाफ पाया और प्लेस्टोर से हटा दिया।

Danik Bhaskar | Nov 16, 2017, 10:29 AM IST
चीनी ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा के मालिकाना हक वाले यूसी ब्राउजर पर भारतीय यूजर्स का पर्सनल डाटा चीन स्थित अपने सर्वर पर भेजने का आरोप है। (सिम्बॉलिक) चीनी ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा के मालिकाना हक वाले यूसी ब्राउजर पर भारतीय यूजर्स का पर्सनल डाटा चीन स्थित अपने सर्वर पर भेजने का आरोप है। (सिम्बॉलिक)

नई दिल्ली. गूगल ने यूसी ब्राउजर को 30 दिन के लिए अपने प्लेस्टोर से हटा दिया है। यानी अब गूगल प्लेस्टोर से यूसी ब्राउजर डाउनलोड नहीं किया जा सकेगा। चीनी ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा के मालिकाना हक वाले यूसी ब्राउजर पर भारतीय यूजर्स का पर्सनल डाटा चीन स्थित अपने सर्वर पर भेजने का आरोप है। ये भी आरोप है कि अगर यूजर इस ब्राउजर को अनइंस्टॉल कर देता है या ब्राउजिंग हिस्ट्री मिटा भी देता है, फिर भी डिवाइस पर यूसी का कंट्रोल रहता है। दो महीने से यूसी ब्राउजर इस मामले को लेकर विवाद में था। भारत सरकार ने भी इस मामले में यूसी से पूछताछ की थी और सरकारी डिजिटल लैब से जांच करने के लिए भी कहा था।


IMEI नंबर और लोकेशन जैसी जानकारियां भेजने का आरोप

- डाटारिसर्च फर्म स्टैटकाउंटर ने भी इसे सही बताते हुए कहा था कि यूसी ब्राउजर यूजर के फोन आईएमईआई नंबर और लोकेशन जैसी जानकारियां चीन स्थित अपने सर्वर पर भेज रहा है।
- गूगल ने भी यूसी ब्राउजर के इस तरह से किसी का पर्सनल डाटा स्टोर करने को पॉलिसी के खिलाफ पाया और इसे प्लेस्टोर से हटा दिया।
- इस बीच, गूगल की ओर से यूसी को भेजा गया एक ई-मेल लीक हुआ है। इसके मुताबिक, यूसी ब्राउजर स्पैम लिंक्स और रिडायरेक्ट करने वाले गलत लिंक के जरिए अपने डाउनलोड्स बढ़ाने का काम भी कर रहा था।

UC ने गूगल के क्रोम को पछाड़ा

- पिछले एक महीने में दुनियाभर में 50 करोड़ यूजर्स ने यूसी ब्राउजर डाउनलोड किया था। इनमें से 10 करोड़ डाउनलोड भारत में ही किए गए थे। यूसी ब्राउजर भारत में छठा सबसे ज्यादा डाउनलोड किया जाने वाला ऐप है।
- स्टैटकाउंटर के मुताबिक, यूसी ब्राउजर ने भारत में 50% मार्केट पर पकड़ बनाकर गूगल के ब्राउजर गूगल क्रोम को भी पीछे छोड़ दिया था।
- इतनी बड़ी संख्या में डाउनलोड होने के बाद ही गूगल ने यूसी ब्राउजर की एक्टिविटी पर नजर रखनी शुरू की थी।
- हालांकि प्लेस्टोर से बैन होने के बाद भी जिन यूजर्स के फोन पर यूसी ब्राउजर पहले से डाउनलोड है, उस पर काम करता रहेगा। साथ ही आईओएस, विंडोज और ब्लैकबेरी पर भी ये अभी मौजूद है।

इधर, गूगल भी कर रहा जासूसी

- गूगल पर भी वॉइस असिस्टेंट फीचर के जरिए यूजर्स की जासूसी करने का आरोप लगा है।
- डाटा रिसर्च करने वाली माउंटेन व्यू कंपनी ने गूगल वॉइस असिस्टेंट के स्टोर किए डाटा की स्टडी की। इसमें पता चला कि यूजर के फोन पर वॉइस असिस्टेंट फीचर बंद होने के बाद भी ये यूजर की कही गई बातों को रिकॉर्ड करता रहता है।
- माउंटेन व्यू ने बताया कि वॉइस असिस्टेंट के यूजर्स को गूगल अकाउंट से लॉगइन कर माय एक्टिविटी सेक्शन में जाना चाहिए। यहां कोई निजी जानकारी दिखने पर वो डिलीट एक्टिविटी ऑप्शन का इस्तेमाल कर सकते हैं।

डाटारिसर्च फर्म स्टैटकाउंटर ने भी इसे सही बताते हुए कहा था कि यूसी ब्राउजर यूजर के फोन आईएमईआई नंबर और लोकेशन जैसी जानकारियां चीन स्थित अपने सर्वर पर भेज रहा है। (फाइल) डाटारिसर्च फर्म स्टैटकाउंटर ने भी इसे सही बताते हुए कहा था कि यूसी ब्राउजर यूजर के फोन आईएमईआई नंबर और लोकेशन जैसी जानकारियां चीन स्थित अपने सर्वर पर भेज रहा है। (फाइल)