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आरक्षण को लेकर कांग्रेस ने हमारी बात मानी, हमें उसका फॉर्मूला मंजूर: हार्दिक पटेल

गुजरात में 9 और 14 दिसंबर को 2 फेज में चुनाव होना है। नतीजे 18 दिसंबर को आएंगे।

Danik Bhaskar | Nov 22, 2017, 11:17 AM IST
Video- हार्दिक बोले- आरक्षण पर कांग्रेस ने बात मानी... Video- हार्दिक बोले- आरक्षण पर कांग्रेस ने बात मानी...

अहमदाबाद. गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 के पहले कांग्रेस के लिए बुधवार को अच्छी खबर आई। कांग्रेस और पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति (PASS) के बीच आरक्षण को लेकर सहमति बन गई। पास के कन्वीनर हार्दिक पटेल ने इसका एलान किया। उन्होंने बताया - "आरक्षण को लेकर कांग्रेस ने हमारी बात मानी हैं। कांग्रेस का फॉर्मूला मंजूर है। सरकार बनने पर कांग्रेस आरक्षण के लिए बिल पास करेगी।" बता दें कि इससे पहले कांग्रेस ने पास की 5 मांगों में से चार मान ली थींं। गुजरात में 9 और 14 दिसंबर को 2 फेज में चुनाव होना है। नतीजे 18 दिसंबर को आएंगे।

हार्दिक पटेल के प्रेस कॉन्फ्रेंस की 5 अहम बातें

1) जो भी सर्वे हो, वो ओबीसी कम्युनिटी को साथ रखकर हो

- हार्दिक पटेल ने कहा- "1994 के बाद अलग-अलग राज्यों में 50% से ज्यादा आरक्षण दिया गया है। मैं इतना बताना चाहता हूं कि विपक्ष कोई कानून बनाता है, तो लोग चैलेंज करते हैं। जो भी सर्वे हो वो ओबीसी कम्युनिटी को साथ रखकर हो।"

- "हमारी लड़ाई अधिकारों के लिए है। आजादी के बाद हर किसी को अधिकार है, वो अपनी आवाज उठाए। बीते दिनों मीडिया में माहौल बनाया गया है कि टिकट को लेकर पाटीदारों ने विवाद किया। लेकिन मैं साफ करना चाहता हूं कि पाटीदारों ने कांग्रेस से कोई टिकट नहीं मांगा।"

2) कांग्रेस की सरकार बिल लाएगी

- हार्दिक पटेल ने कहा- "अगर कांग्रेस की सरकार बनती है तो आरक्षण को लेकर एक बिल असेंबली में लाया जाएगा। इसमें आर्टिकल 47 को शामिल करेंगे। पाटीदार समाज गरीब है। अगर मंडल कमीशन के मुताबिक सर्वे होगा तो सब सामने आ जाएगा।"

3) ढाई साल तक पार्टी ज्वाइन नहीं करूंगा

- हार्दिक ने कहा- "मैं जनता का एजेंट हूं। बार-बार कहता हूं कि मैं ढाई साल तक कोई पार्टी ज्वाइन नहीं करूंगा। बीजेपी के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। कांग्रेस को हमारा खुला समर्थन नहीं है, लेकिन बीजेपी के खिलाफ लड़ेंगे। कुल मिलाकर कांग्रेस के साथ हैं।"

4) लोगों को खरीद रही है बीजेपी

- "बीजेपी 1-1 लाख रुपए जनता के बीच बांट रही है, लेकिन मैं मानता हूं कि जनता मूर्ख नहीं है। बीजेपी ने निर्दलीय उम्मीदवारों को 200 करोड़ रुपए बांटे हैं। हमारी लड़ाई अधिकारों के लिए है। राजनीति में सौदेबाजी के खिलाफ हूं।"

5) मैंने कांग्रेस से एक टिकट भी नहीं मांगा

- "मैंने कांग्रेस से एक भी टिकट नहीं मांगा। किसी भी पार्टी के बैनर तले प्रचार नहीं करूंगा। मेरी लड़ाई पाटीदारों के आरक्षण के लिए है। हमारे जिस एक साथी को कांग्रेस से टिकट मिला है, उसका विरोध नहीं होगा। हम भी चाहते हैं कि एक अच्छा और ईमानदार आदमी जनता का प्रतिनिधित्व करे। सूरत में हमने, हार्दिक पटेल ने विरोध नहीं किया था, लोगों ने विरोध किया था। कांग्रेस पार्टी अब लोगों की बात सुनने लगी है।"

किस फॉर्मूले पर सहमति बनी?

- पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति के मुताबिक, कांग्रेस एससी/एसटी/ओबीसी के 49% आरक्षण को ज्यों का त्यों रखेगी। पाटीदार और दूसरी गैर आरक्षित जातियों के लिए संविधान में दी गई व्यवस्था के तहत कानून बनाएगी।

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पूरे मामले को ऐसे समझें

कौन हैं पटेल-पाटीदार वोटर?

- गुजरात में 19 साल से बीजेपी को सत्ता दिलाने में पाटीदारों की अहम भूमिका है। गुजरात के मौजूदा 182 विधायकों में से 44 विधायक पाटीदार हैं। 20 फीसदी पाटीदार वोटरों का 83 सीटों पर असर है। इन 20 फीसदी पाटीदारों में से 80 फीसदी ने 2012 के चुनाव में बीजेपी को सपोर्ट किया था।

आरक्षण क्यों मांग रही है पाटीदार कम्युनिटी?

- इस समाज में पिछले कुछ सालों में जॉब और एजुकेशन के क्षेत्र में कमी को लेकर काफी शिकायतें आईं। फिर ओबीसी के तहत 27% आरक्षण की मांग की गई। इसके बाद हार्दिक पटेल की अगुआई में 2015 में बड़ा आंदोलन हुआ।

आरक्षण पर सरकार का क्या रुख रहा?

- हार्दिक पटेल और उनका आंदोलन 27 फीसदी ओबीसी कोटा के तहत ही पाटीदारों के लिए आरक्षण की मांग कर रहा था। सरकार का कहना था कि हम ओबीसी कैटेगरी में आरक्षण नहीं दे सकते। इसकी जगह इकोनॉमिकली बैकवर्ड क्लास की नई कैटेगरी में 10% आरक्षण दे सकते हैं।

कांग्रेस की कब एंट्री हुई?

- कांग्रेस 2015 में हार्दिक पटेल की अगुआई में हुए आरक्षण आंदोलन के वक्त से ही बीजेपी को कटघरे में खड़ा कर रही थी। कुछ महीनों पहले जब गुजरात में चुनावी सरगर्मी तेज हुई तो कांग्रेस ने हार्दिक पटेल को सपोर्ट करना शुरू किया।
- पिछले दिनों हार्दिक पटेल के आरक्षण आंदोलन और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर डील होने की भी बात सामने आई। लेकिन कुछ ही घंटों बाद कांग्रेस के दफ्तरों में तोड़फोड़ हो गई। इन दफ्तरों में पाटीदार और कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए।

क्या कांग्रेस देगी इन सवालों के जवाब?

- हार्दिक पटेल की प्रेस कॉन्फ्रेंस से कुछ सवाल खड़े हुए हैं, जिन पर कांग्रेस को स्थिति साफ करनी होगी।
- पहला- पाटीदारों को आरक्षण देने का वह फॉर्मूला क्या है, जिस पर हार्दिक के मुताबिक कांग्रेस राजी हो गई है? हालांकि उन्होंने कुछ राज्यों के 50% आरक्षण देने की बात को सामने रखा।
- दूसरा- क्या हार्दिक के दावे के मुताबिक कांग्रेस अपने मेनिफेस्टो में आरक्षण के फॉर्मूले को डिटेल में पेश करेगी?
- तीसरा- क्या कांग्रेस पाटीदारों को आरक्षण देने के लिए बिल पास कराएगी, जिसका हार्दिक पटेल दावा कर रहे हैं?

पाटीदार अहम क्यों?

पाटीदार वोट कितने हैं 20%
20% पाटीदारों में लेउवा कितने 60%
20% पाटीदारों में कड़वा कितने 40%
2012 में बीजेपी को कितने पाटीदार वोट मिले 80%
बीजेपी के पास कितने पाटीदार विधायक 182 में से 44
अहम क्यों? 19 साल से BJP को सत्ता में रखने में भूमिका

आगे की स्लाइड्स में पढ़ें... पहले 5 में से 4 मांगें मान ली थीं कांग्रेस ने

 पहले 5 में से 4 मांगें मान ली थीं कांग्रेस ने 

 

पहले 5 में से 4 मांगें मान ली थीं कांग्रेस ने 

 कुछ दिन पहले कांग्रेस और पास नेताओं के बीच एक मीटिंग हुई थी। इसमें पाटीदार नेताओं ने पांच मांगें रखी थीं। उस वक्त चार पर दोनों के बीच सहमति बन गई थी। 

 

पहली- कांग्रेस ने कहा कि आंदोलन के वक्त पाटीदारों के खिलाफ दर्ज राजद्रोह के केस वापस लेंगे। 

दूसरी- बीजेपी ने 35 में से 20 लाख रुपए सिर्फ कुलदेवी के मंदिर को दिए, जबकि पहले पाटीदार आंदोलन में शहीद हुए हर शख्स के परिवार को 35 लाख रुपए देने की बात तय हुई थी। कांग्रेस ने कहा है कि वो आंदोलन में शहीद हुए हर शख्स के परिवार को 35 लाख रुपए देगी। अगर उस फैमिली में कोई नौकरी में जाने लायक हुआ तो एक शख्स को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी।"

तीसरी- आंदोलन के वक्त पुलिस ने पाटीदार नेताओं पर गोली और लाठी चलाई। उसके दोषी अफसरों पर क्या एक्शन होगा? बीजेपी ने सीआईडी जांच का झांसा दिया। कांग्रेस ने कहा कि अगर उनकी (कांग्रेस की) सरकार बनती है, तो जिन लोगों ने गोली या लाठी चलाई। हम उस पर जांच समिति बनाएंगे। इसमें राज्य के काबिल और ईमानदार अफसर होंगे। 

चौथी: ​आरक्षण पर कांग्रेस ने पहले कहा था कि ये टेक्निकल मुद्दा है। उनका कहना है कि अगर वो सत्ता में आते हैं, हमें आरक्षण देते हैं, तो इसे कोर्ट खारिज कर सकता है। तब क्या होगा? इसलिए, वो संविधान के दायरे में आना चाहिए। बीजेपी ने ईबीसी से जो दिया, वो कोर्ट ने खारिज कर दिया। कांग्रेस ने कहा कि हम इस मुद्दे पर सर्वे कराएंगे।" 

पांचवीं: बीजेपी ने पाटीदार समुदाय के लिए आयोग बनाया। इसका सिर्फ नोटिफिकेशन जारी हुआ। कोई कानून नहीं बनाया गया। कांग्रेस ने कहा है कि हमारी सरकार बनाती तो 600 करोड़ के इस आयोग को 2 हजार करोड़ तक ले जाएंगे। इसे संवैधानिक आधार पर लागू किया जाएगा। इसका सेंट्रल दर्जा होगा। अभी ये स्टेट का मामला होता है।"