Home | National | Latest News | National | Hindus should beget 4 children till Civil Code is implemented

सिविल कोड लागू होने तक हिंदू 4 बच्चे पैदा करें, आबादी का संतुलन बनेगा: स्वामी गोविंद देव

विश्व हिंदू परिषद् की ओर से आयोजित धर्म संसद का रविवार को आखिरी दिन है।

DainikBhaskar.com| Last Modified - Nov 25, 2017, 09:23 PM IST

1 of
Hindus should beget 4 children till Civil Code is implemented
विश्व हिंदू परिषद् ने उडूपी में 3 दिन की धर्म संसद का आयोजन किया है।

बेंगलुरु.   कर्नाटक के उडूपी में चल रही धर्म संसद में शनिवार को स्वामी गोविंददेव गिरी महाराज ने हिंदुओं की आबादी बढ़ाने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि जब तक यूनिफॉर्म सिविल कोड (सबके लिए एक नियम) लागू नहीं हो जाता है, हिंदू कम से कम 4 बच्चे पैदा करें। इससे देश में जनसंख्या के असंतुलन पर रोक लगाई जा सकेगी। स्वामी ने कहा कि सरकार दो बच्चों की पॉलिसी पर जोर दे रही है, लेकिन ये हिंदुओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। गोविंद देव हरिद्वार के भारत माता मंदिर के स्वामी हैं। विश्व हिंदू परिषद् की ओर से आयोजित धर्म संसद का रविवार को आखिरी दिन है।

 

जहां हिंदुओं की आबादी घटी, उस इलाके को खो दिया

 

- स्वामी गोविंददेव ने कहा, ''जिन इलाकों में हिंदू आबादी कम हुई। वहां जनसंख्या में असंतुलन पैदा हुआ और भारत ने उस जगह को खो दिया। जब तक सरकार सभी के लिए अधिकतम 2 बच्चों की पॉलिसी लेकर नहीं आती है। हिंदुओं को कम से कम 4 बच्चे पैदा करने चाहिए।''

- गौरक्षा के मुद्दे पर गोविंग देव ने कहा, ''गौरक्षक शांति प्रिय लोग हैं, आज उन पर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं। गौरक्षा की आड़ लेकर कुछ अपराधी भी अपने मंसूबों को अंजाम देने की कोशिश करते हैं।''

 

साक्षी महाराज भी बता चुके हैं कितने बच्चे पैदा करें?

 

- हिंदु संगठनों के कई नेता अपने समुदाय की आबादी को लेकर बयान दे चुके हैं। 2015 में उन्नाव के बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने भी हिंदू महिलाओं को नसीहत दी थी।  

- उन्होंने कहा था, ''हर हिंदू महिला को 4 बच्चे जरूर पैदा करने चाहिए। इनमें से एक को देश की रक्षा के लिए सीमा पर भेजना, एक को साधु-संतों को देने चाहिए। भारत में 4 बीबियों और 40 बच्चों के चलन पर रोक लगेगी।''

 

अयोध्या में राम जन्मभूमि पर सिर्फ मंदिर बनेगा, कुछ और नहीं: संघ प्रमुख

 

- पहले दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने धर्म संसद में कहा, ''अयोध्या में राम जन्मभूमि पर राम मंदिर ही बनेगा और कुछ नहीं। उन्हीं पत्थरों से बनेगा, उन्हीं की अगुआई में बनेगा जो पिछले 20-25 साल से इसका झंडा उठाकर चल रहे हैं।''
- ''अयोध्या में राम मंदिर बनाने को लेकर कोई संदेह के हालात पैदा नहीं होने चाहिए। हम इसे बनाएंगे। ये कोई जनता को लुभाने वाला एलान नहीं है, बल्कि हमारी आस्था का मुद्दा है। ये कभी नहीं बदलेगा। मंदिर के लिए लोगों का जागरूक होना जरूरी है।'' (पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें)

 

धर्म संसद में कितने साधु-संत जुटे?

 

- विश्व हिंदू परिषद् (VHP) ने उडूपी में तीन दिन तक चलने वाली धर्म संसद का आयोजन किया है। रविवार को इसका आखिरी दिन होगा।

- इस धार्मिक आयोजन में देशभर के करीब 2000 साधु-संत, मठों के प्रमुख और वीएचपी नेता शामिल हो रहे हैं। 

 

क्यों बुलाई गई है धर्म संसद?

 

- राम मंदिर बनाने, धर्म परिवर्तन पर रोक, गौरक्षा, छुआछूत को दूर करने और सामाजिक बदलाव के मुद्दे पर चर्चा के लिए वीएचपी ने उडूपी में धर्म संसद बुलाई है। 

- 3 दिन चलने वाली संसद में समाज में जाति और लिंग के आधार पर भेदभाव को दूर करने के साथ हिंदू समाज को एकजुट करने के लिए रास्ता निकाला जाएगा।

Hindus should beget 4 children till Civil Code is implemented
शुक्रवार को धर्म संसद में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने राम मंदिर को लेकर बयान दिया।
prev
next
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

Trending Now