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पैराडाइज पेपर: जयंत सिन्हा और आरके सिन्हा बने भाजपा की आफत

dainikbhaskar.com | Last Modified - Nov 06, 2017, 01:12 PM IST

पैराडाइज पेपर मामले में केंद्रीय विमानन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा का नाम आने से भाजपा की परेशानियां बढ़ गई हैं।
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पैराडाइज पेपर मामले में केंद्रीय विमानन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा का नाम आने से भाजपा की परेशानियां बढ़ गई हैं। इतना ही नहीं भाजपा सांसद आरके सिन्हा का नाम भी इस लिस्ट में है और इन दोनों सिन्हाओं के चलते भाजपा को दिक्कत होनी तय है।
आइए जानते हैं भाजपा के दो सिन्हाओं पर पैराडाइज पेपर में क्या क्या खुलासे किए गए हैं।

जयंत सिन्हा बनाम ओमेडयार


पहले सिन्हा हैं मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा। जयंत सिन्हा पूर्व भाजपा सांसद यशवंत सिन्हा के पुत्र हैं औऱ इस समय केंद्रीय विमानन मंत्री हैं। जयंत सिन्हा का नाम जबसे पैराडाइज पेपर में आया है तबसे भाजपा खामोश है। पेपर कहते हैं कि जयंत सिन्हा मंत्री बनने से पहले ओमेडियार नेटवर्क के मैनेजिंग डायरेक्टर थे और इसी ओमेडियार नेटवर्क ने अमेरिकी कंपनी डी लाइट डिजाइन में एक बहुत बड़ा निवेश किया था।
पेंच ये है कि डी लाइट डिजाइन ने टेक्स हेवेन केमैन आइलैंड में अपनी एक सब्सिडियरी कंपनी बनाई थी। जाहिर तौर पर ये सब कुछ टैक्स और काली कमाई बचाने के लिए की गई कसरत थी।
टेक्स हैवेन देशों में निवेश की पोल खोलने वाली लीगल फर्म एप्पलबी के मुताबिक डी लाइड डिजाइन ने केमैन आइलैंड स्थित सब्सिडियरी कंपनी से 3 मिलियन यूएस डॉलर का कर्ज लिया था। कर्ज 2012 में लिया गया और उस वक्त जयंत सिन्हा ओमेडियार के डायरेक्टर के पद पर नियुक्त थे।

सिन्हा की सफाई


हालांकि जयंत सिन्हा ने सफाई दी है कि जब वो राजनीतिक जीवन में आए, तब वो ओमेडियार के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे चुके थे। लेकिन इस तथ्य पर जयंत सिन्हा के पास कोई जवाब नहीं है कि जब उन्होंने चुनाव लड़ा तो उन्होंने ओमेडियार के डायरेक्टर पद पर रहने की बात क्यों नहीं बताई।
इतना ही नहीं जब सिन्हा केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हुए तब भी उन्होंने लोकसभा सचिवालय या पीएमओ को ये बात नहीं बताई। ये तथ्य जयंत सिन्हा के खिलाफ जा सकता है और मोदी सरकार के लिए परेशानी का सबब बन सकता है।

आरके सिन्हा


भाजपा के राज्यसभा सांसद रविंद्र किशोर सिन्हा का नाम भी पेपर में आया है। मालूम हो संसद में सबसे रईस सांसद के तौर पर पहचाने जाने वाले आरके सिन्हा प्राइवेट सिक्योरिटी सर्विस फर्म एसआईएस (SIS) के संस्थापक हैं। सिन्हा ने माल्टा में अपनी ही कंपनी की एक सब्सिडियरी कंपनी 'एसआईएस एशिया पैसिफिक होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड' बनाई। इस कंपनी की डायरेक्टर सिन्हा की पत्नी हैं और कुछ शेयर सिन्हा के नाम पर भी हैं।
अब नया पेंच देखिए 'एसआईएस एशिया पैसिफिक होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड' (सिन्हा के कुछ शेयर वाली कंपनी) ने टेक्स हेवेन ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में एक नई कंपनी बनाई। कंपनी का नाम रखा गया एसआईएस इंटरनैशनल होल्डिंग। इस कंपनी के 3,999,999 सिन्हा की पहली विदेशी कंपनी के पास हैं, जिसकी डायरेक्टर सिन्हा की पत्नी है। वर्जिन आइलैंड स्थित कंपनी का महज एक शेयर सिन्हा के नाम पर है।

पत्रकार से बने


आरके सिन्हा कभी पत्रकार थे, बाद में उन्होंने सिक्योरिटी कंपनी बनाई जिसने उनकी किस्मत ही बदल दी। अब वो देश के रईसों में गिने जाते हैं और उनकी कंपनी के 250 से ज्यादा ब्रांच हैं। 2016 में सिन्हा की कंपनी ने 4000 करोड़ का टर्नओवर दिखाया था।

आरके सिन्हा


बिहार से 2014 में रविन्द्र किशोर सिन्हा ने बतौर बीजेपी सदस्य राज्य सभा में शामिल हुए. रविन्द्र किशोर की खास बात है कि मौजूदा संसद में वह सबसे अमीर सदस्य हैं। पूर्व में पत्रकार रहे सिन्हा प्राइवेट सिक्योरिटी सर्विस फर्म एसआईएस (सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विसेज) के प्रमुख हैं. इस सिक्योरिटी फर्म की विदेश में भी रजिस्टर्ड दो कंपनियां मौजूद हैं।
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Web Title: pairaadaaij pepar: jynt sinhaa aur aarke sinhaa bane bhaajpaa ki aaft
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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