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GES 2017: बिजनेस में महिलाओं की अगुआई पर बात कर सकती हैं इवांका

ग्लोबल आंत्रप्रेन्योर समिट में इवांका अमेरिकी डेलिगेशन को लीड कर रही हैं।

Danik Bhaskar | Nov 28, 2017, 01:31 PM IST
GES 2017 के दौरान नरेंद्र मोदी और इवांका ट्रम्प। GES 2017 के दौरान नरेंद्र मोदी और इवांका ट्रम्प।

हैदराबाद. नरेंद्र मोदी और इवांका ट्रम्प ने यहां मंगलवार को आठवें इंटरनेशनल ग्लोबल आंत्रप्रेन्योरशिप समिट का इनॉगरेशन किया। इस मौके पर इवांका ने कहा- "शुक्रिया। यूएस और 150 देशों की ओर से मैं भारत और हैदराबाद का शुक्रिया अदा करती हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी शुक्रिया। जब से आप प्रधानमंत्री चुने गए हैं, आपने ट्रांसफॉर्मेशन को साबित किया है। आपने जो अचीव किया, वो बेमिसाल है। यही बदलाव आप देश के करोड़ों लोगों में ला रहे हैं।" 30 नवंबर तक चलने वाली समिट की थीम- ‘वुमन फर्स्ट, प्रॉस्पेरिटी फॉर ऑल’ है।

इवांका ट्रम्प के स्पीच की 7 अहम बातें

1) मोदी की तारीफ की, कहा - वे बेमिसाल हैंं

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में इवांका ने कहा, "आप यहां जो अचीव कर रहे हैं, वह बेमिसाल है। बचपन में चाय बेचने से लेकर आपके भारत का प्रधानमंत्री बनने तक के सफर से आपने यह साबित कर दिया है ट्रांसफॉर्मेशन मुमकिन है।"

- "व्हाइट हाउस में भारत का सच्चा दोस्त मौजूद है। भारत दुनिया की सबसे तेज रफ्तार से बढ़ती इकोनॉमी है।"

2 ) दुनिया भी आपकी बिरयानी का स्वाद चखे

- ''प्रधानमंत्री मोदी की लीडरशिप में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। आपने नई यूनिवर्सिटीज खोली हैं। आपके डॉक्टर्स लाइफ सेविंग मेडिसिन बना रहे हैं। भारत के स्पेसक्राफ्ट चांद और मंगल तक जा रहे हैं। भारत के लोग हमें इन्सपायर कर रहे हैं। अपने खुद के एंटरप्राइज, आंत्रप्रेन्योरशिप और हार्ड वर्क से भारत के लोगों ने करीब 13 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। ये एक शानदार इम्प्रूवमेंट है और मैं जानती हूं कि पीएम मोदी की लीडरशिप में भारत लगातार विकास करेगा। मैं मोदी जी की तारीफ करना चाहूंगी, जो इस बात में पूरा यकीन रखते हैं कि मानवता का विकास महिलाओं को सशक्त किए बिना अधूरा है।''

- "मैं अपने देश के विदेश मंत्रालय और भारत के अफसरों का भी शुक्रिया अदा करती हूं। अब हो सकता है कि दुनिया भी आपकी बिरयानी का स्वाद चखे। इनोवेटर्स हैदराबाद में रहते हैं। कुछ ही किमी की दूरी पर एशिया का सबसे बड़ा इन्क्यूबेटर शुरू होने वाला है। यहां के लोग हमेशा एक अच्छे कल के लिए कोशिशें करते हैं।''

3 ) आप अपना भविष्य बनाने के लिए यहां हैं

- "आंत्रप्रेन्योर्स हमारी इकोनॉमी को आगे बढ़ा रहे हैं। इसलिए हम आज यहां जमा हुए हैं। आंत्रप्रेन्योर्स दिन-रात एक ऐसी कामयाबी के लिए काम कर रहे हैं, जिससे करोड़ों लोगों की जिंदगी में बदलाव आ सकता है। आप अपना भविष्य बनाने के लिए यहां हैं। मैं खासतौर पर वुमन आंत्रप्रेन्योर्स का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं। जब महिलाएं तरक्की करती हैं, तभी देश या सोसाइटी अपने शिखर पर पहुंचती हैं।"

4 ) 2014-16 के बीच वुमन आंत्रप्रेन्योर्स 10 फीसदी बढ़ी
- "मेरे पिता के प्रेसिडेंट बनने के बाद मुझे उनके बिजनेस में काम करने का मौका मिला। इसके जरिए मैं कई लोगों को एम्पावर करने की कोशिश कर रही हूं। हम ऐसी पॉलिसीज पर काम कर रहे हैं जिससे आंत्रप्रेन्योर्स तरक्की कर सकें। दुनियाभर में 2014-16 के बीच वुमन आंत्रप्रेन्योर्स 10 फीसदी बढ़ी हैं। माइनॉरिटी वुमन भी आंत्रप्रेन्योर्स बन रही हैं। यूएस में 10 लाख आंत्रप्रेन्योर्स हैं, जो 90 लाख लोगों को नौकरियां दे रही हैं।"
- "महिलाएं आज बेमिसाल मुकाम हासिल कर रही हैं। महिलाएं गैप को भरने में बहुत बड़ी भूमिका निभा सकती हैं। वे अपना बिजनेस स्टार्ट करने, उसे बढ़ाने में कामयाब हो सकती हैं।"

5 ) 1500 महिलाओं को देखकर मुझे फख्र है

- "इस तरह की इवेंट में पहली बार 1500 महिलाएं हिस्सा ले रही हैं। ये मेजॉरिटी है। मुझे ये देखकर फख्र हो रहा है। एक ऐसी ऐतिहासिक सिटी में होना गर्व की बात है, जो टेक्नोलॉजी की दुनिया में चमक रही है।"

- "जब हमारी महिलाएं सशक्त होंगी, तभी हमारे परिवार, हमारी इकोनॉमी और हमारा समाज आगे बढ़ पाएगा।"

6 ) देश की तरक्की महिलाओं से ही होगी

- "यूएस स्मॉल बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन ने इस साल महिलाओं को दिए जाने वाले कर्ज को बढ़ाकर 50 करोड़ डॉलर से ज्यादा कर दिया है। कुछ देशों में महिलाओं के प्रॉपर्टी रखने, अकेले फैसले लेने या बिना पुरुषों के बाहर जाने पर पाबंदी रहती है, लेकिन यूएस में ऐसा नहीं है। इस साल जी-20 समिट में यूएस ने वर्ल्ड बैंक के साथ मिलकर वुमन आंत्रप्रेन्योरशिप इनिशिएटिव शुरू किया है।"

- "जब महिलाएं आंत्रप्रेन्याेर बनती हैं तो वे पुरुषों के मुकाबले ज्यादा महिलाओं को हायर करती हैं। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद हैं। हम मानते हैं कि देश की तरक्की महिलाओं से ही होगी। अगर भारत में वर्कफोर्स में जेंडर गैप कम हो जाए तो इकोनॉमी पर 150 अरब डॉलर का फर्क जाएगा।"

7) रेयान जैसी महिलाएं सभी को इन्सपायर करती हैं

- "यहां रेयान है जो महज 15 साल की है। वह रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए काम कर रही हैं। रेयान जैसी महिलाएं हर आंत्रप्रेन्योर्स की कहानी को बयां करती हैं। ये महिलाएं लोगों की जिंदगी बचा रही हैं और उनकी जिंदगी को बदल रही हैं। महिलाएं और पुरुष बड़ा सपना देखने और बड़े मकसद को हासिल करने के लिए बने हैं। वे दोनों मिलकर दुनिया को बन सकते हैं।"

8) यूएस ने महिलाओं का लोन 3200 करोड़ किया

- इवांका ने कहा, "अमेरिका भी महिलाओं के लिए बहुत कुछ कर रहा है। मिसाल के तौर पर यूएस स्मॉल बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन ने केवल इसी साल के लिए महिलाओं को दिए जाने वाला लोन 500 मिलियन डॉलर करीब 3200 करोड़ रुपए तक बढ़ा दिया है। नेशन वाइड इनिशिएटिव SCORE के जरिए पुरुष और महिलाएं उन लोगों को कोचिंग दे रहे हैं, जो खुद CEO बनना चाहते हैं। हमारा एडमिनिस्ट्रेशन देश और दुनियाभर में महिलाओं को बेहतर मौके देने के लिए कोशिश कर रहा है। ऐसा हम डोमेस्टिक रिफॉर्म्स और इंटरनेशनल इनिशिएटिव के जरिए कर रहे हैं। US वर्ल्ड बैंक के साथ वुमन इम्पावरमेंट फाइनेंस इनिशिएटिव का फाउंडिंग मेंबर है। इसके जरिए विकासशील देशों में महिलाओं को कैपिटल, नेटवर्क और मेंटोरशिप मुहैया कराई जाएगी।"

क्या है खास इस GES में

पहली बार यूएस प्रेसिडेंट नहीं, उनकी बेटी हैं खास मेहमान

- 2010 से लेकर 2016 तक जहां-कहीं यह ग्लोबल समिट हुई, यूएस डेलिगेशन की अगुआई बराक ओबामा ने प्रेसिडेंट होने के नाते या जॉन कैरी ने विदेश मंत्री होने के नाते की। इस बार यूएस डेलिगेशन को इवांका लीड कर रही हैं। इसे लेकर अमेरिका में कॉन्ट्रोवर्सी भी हुई है। इवांका के साथ अमेरिका के 38 राज्यों से 350 लोग आए हैं।

साउथ एशिया में पहली बार हो रही GES

- हैदराबाद में यह ग्लोबल आंत्रप्रेन्योरशिप समिट 28 से 30 नवंबर के बीच हो रही है। इसकी थीम 'वुमन फर्स्ट एंड प्रॉस्पेरिटी फॉर ऑल' है। 2010 में इस समिट की शुरुआत बराक ओबामा ने की थी। इसके बाद यह पहला मौका है जब किसी साउथ एशियाई देश में यह समिट हो रही है।

- भारत और अमेरिका इस समिट के को-होस्ट हैं। समिट की अगुआई नीति आयोग कर रहा है। इसमें 127 देशों से 1500 आंत्रप्रेन्योर्स और 300 इन्वेस्टर्स समेत करीब 2000 लोग हिस्सा ले रहे हैं।

मोदी और इवांका मंगलवार को ग्लोबल आंत्रप्रेन्योरशिप समिट में शामिल हुए। मोदी और इवांका मंगलवार को ग्लोबल आंत्रप्रेन्योरशिप समिट में शामिल हुए।
समिट में ऐसा पहली बार हो रहा है जब अमेरिकी डेलिगेशन की अगुआई प्रेसिडेंट या विदेश मंत्री नहीं कर रहे। (फाइल) समिट में ऐसा पहली बार हो रहा है जब अमेरिकी डेलिगेशन की अगुआई प्रेसिडेंट या विदेश मंत्री नहीं कर रहे। (फाइल)
इवांका के साथ अमेरिका के 38 राज्यों से 350 लोग समिट में आए हैं। इवांका के साथ अमेरिका के 38 राज्यों से 350 लोग समिट में आए हैं।