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नासा का टूल बताएगा, ग्लेशियर पिघलने से किस शहर को कितना खतरा

नासा के इस टूल की बदौलत तटीय इलाकों में बाढ़ के लिए प्लानिंग कर रही सरकारों को मदद मिलेगी।

Dainik Bhaskar

Nov 16, 2017, 10:30 PM IST
नासा के टूल से ये अनुमान लगाया जा सकता है कि ग्लेशियर्स पिघलने पर किन शहरों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा। (फाइल) नासा के टूल से ये अनुमान लगाया जा सकता है कि ग्लेशियर्स पिघलने पर किन शहरों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा। (फाइल)

लॉस एंजेल्स. अमेरिका के नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) ने एक नया टूल डेवलप किया है। इस टूल की मदद से ये अनुमान लगाया जा सकता है कि ग्लोबल वॉर्मिंग के चलते ग्लेशियर्स के पिघलने पर कितना पानी बढ़ेगा। रिसर्चर्स के मुताबिक, टूल से ये भी अंदाजा लगाया जा सकेगा कि ग्लेशियर्स पिघले तो दुनिया में किन शहरों को पानी के बढ़ते स्तर की वजह से कितना खतरा होगा। नासा के इस टूल की बदौलत बाढ़ के लिए प्लानिंग में सरकारों को काफी मदद मिलेगी।


किस तरह से देगा जानाकारी ?
- रिसर्चर्स के मुताबिक, नासा का ये टूल ग्रेविटेशनल इफेक्ट और धरती के चक्कर लगाने के असर को देखकर ये बताएगा कि दुनिया में किस तरह से पानी का लेवल बढ़ेगा।
- ये हर शहर के लिए ऐसे ग्लेशियर्स, आइस शीट, आइस कैप के बारे में बताएगा जो उस शहर के लिए खास अहमियत रखते हों।


किस तरह से है फायदेमंद?
- नासा के सीनियर साइंटिस्ट एरिक इविंस ने कहा, "शहर और देश बाढ़ से निपटने के लिए प्लान बना रहे हैं। उन्हें आने वाले 100 सालों को ध्यान में रखकर सोचना होगा। वे उसी तरह से खतरे का आकलन करना चाहते हैं, जिस तरह से इंश्योरेंस कंपनियां करती हैं।'
- इस टूल से सरकारों को ऐसी जानकारी मिलेगी, जिससे उन्हें ये पता चल सकेगा कि किस शहर के लिए सबसे ज्यादा गंभीर रहना होगा।

स्टडी में किन शहरों का जिक्र
- रिसर्चर्स के मुताबिक, स्टडी में सामने आया कि ग्रीनलैंड के नॉर्थ-वेस्टर्न हिस्से में बदलाव आने से लंदन का सी लेवल बुरी तरह से प्रभावित होगा। न्यूयॉर्क को तब फिक्र की जरूरत होगी, जब ग्रीनलैंड के पूरे नॉर्दर्न और ईस्टर्न इलाके में बदलाव आए।

नासा के इस टूल से सरकारों को प्लानिंग करने में मदद मिलेगी। (फाइल) नासा के इस टूल से सरकारों को प्लानिंग करने में मदद मिलेगी। (फाइल)
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नासा के टूल से ये अनुमान लगाया जा सकता है कि ग्लेशियर्स पिघलने पर किन शहरों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा। (फाइल)नासा के टूल से ये अनुमान लगाया जा सकता है कि ग्लेशियर्स पिघलने पर किन शहरों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा। (फाइल)
नासा के इस टूल से सरकारों को प्लानिंग करने में मदद मिलेगी। (फाइल)नासा के इस टूल से सरकारों को प्लानिंग करने में मदद मिलेगी। (फाइल)
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