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अमन के लिहाज से सही नहीं है इंडियन डिफेंस मिनिस्टर की अरुणाचल विजिट: चीन

चीन ने कहा- हम उम्मीद करते हैं कि भारत, चीन के साथ मिलकर बॉर्डर इश्यूज को बातचीत के जरिए हल करने की कोशिश करता रहेगा।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Nov 06, 2017, 03:02 PM IST

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    सीतारमण रविवार को अरुणाचल के अंजा जिले में गई थीं। यह जिला चीन की सीमा से लगा हुआ है।
    बीजिंग/नई दिल्ली.चीन अरुणाचल प्रदेश को विवादित इलाका बताते हुए डिफेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण के वहां जाने पर ऐतराज जताया है। सोमवार को एक बयान में चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री ने कहा- आपको चीन की पोजिशन के बारे में साफ-साफ पता होना चाहिए। भारत की तरफ से यह विजिट (सीतारमण का अरुणाचल दौरा) अमन और शांति कायम करने के लिहाज से सही कदम नहीं है। बता दें कि सीतारमण रविवार को अरुणाचल के अंजा जिले में गई थीं। यह जिला चीन की सीमा से लगा हुआ है।

    अमन बहाली के लिए दोनों देशों का साथ आना जरूरी

    - सीतारमण रविवार को जब अंजा जिले और सीमा से लगे दूर-दराज के इलाके में दौरे के लिए गईं थीं तो उनके साथ जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (ईस्टर्न कमांड) लेफ्टिनेंट जनरल अभय कृष्णा और आर्मी के दूसरे बड़े अफसर भी थे। डिफेंस मिनिस्टर ने यहां तैनात सैनिकों से बातचीत की और बॉर्डर के इस हिस्से में हालात को बारीकी से समझने की कोशिश की।
    - बहरहाल, चीन को इस दौरे से आपत्ति हुई। उसने कहा- इंडियन डिफेंस मिनिस्टर के विवादित क्षेत्र में जाने से इलाके में अस्थिरता का खतरा बढ़ सकता है। अगर यहां अमन कायम रखना है तो भारत और चीन दोनों को मिलकर काम करना होगा।

    अरुणाचल को लेकर विवाद

    - सीतारमण फॉरवर्ड पोस्ट्स पर भी गईं। भारत अरुणाचल को अपना हिस्सा बताता है जबकि चीन इसे साउथ तिब्बत बताते हुए अपना हक जताता है। तिब्बत का एक बड़ा हिस्सा चीन के कब्जे में है।

    चीन ने क्या कहा?

    - चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री की स्पोक्सपर्सन हुआ चुनियांग ने सोमवार को मीडिया ब्रीफिंग में कहा- आपको इस इलाके में चीन की पोजिशन के बारे में साफतौर पर जानकारी होनी चाहिए। इस ईस्टर्न सेक्शन में भारत और चीन के बीच बॉर्डर को लेकर विवाद है। भारत की तरफ से यह विजिट उस इलाके में अमन बहाली के लिहाज से सही कदम नहीं कहा जा सकता।
    - चुनियांग ने आगे कहा- हम उम्मीद करते हैं कि भारत, चीन के साथ मिलकर बॉर्डर इश्यूज को बातचीत के जरिए हल करने की कोशिश करता रहेगा।

    कितनी लंबी बॉर्डर?

    - लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) भारत और चीन को अलग करती है। यह कुल 3,488 किलोमीटर में फैली है। इसके कई हिस्सों पर दोनों देशों के बीच विवाद है। इसे सुलझाने के लिए 19 दौर की बातचीत हो चुकी है। हालांकि, अब तक ठोस नतीजे सामने नहीं आए हैं।
    - भारत और चीन के बीच जून से लेकर अगस्त तक 72 दिन डोकलाम विवाद चला था। इस दौरान, सिक्किम के ट्राइजंक्शन एरिया में दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने थीं। चीन इस इलाके में सड़क बनाना चाहता था। भूटान की अपील पर भारत के सैनिकों ने चीन को एेसा करने से रोक दिया था। इसके बाद तनाव बढ़ गया था। बाद में डिप्लोमैटिक चैनल्स के जरिए मसला सुलझाया गया।
    - बता दें कि डोकलाम विवाद सुलझने के बाद अक्टूबर में सीतारमण ने नाथूला का दौरा किया था। यहां उन्होंने चीन के एक सैनिक को नमस्ते किया था और इस इंडियन ट्रेडिशन के बारे में बताया था। सीतारमण के इस नमस्ते की चर्चा चीन के मीडिया में रही थी।
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    भारत और चीन के बीच जून से लेकर अगस्त तक 72 दिन डोकलाम विवाद चला था।- फाइल
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