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PAK के एटमी हथियार खतरा, छोटी जंग भी न्यूक्लियर वॉर में बदल सकती है:रिपोर्ट

एटलांटिक काउंसिल ने अपनी नई रिपोर्ट का टाईटिल दिया है ‘एशिया इन द सेकंड न्यूक्लियर एज’।

Dainik Bhaskar

Nov 26, 2017, 03:40 PM IST
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान ने अब तक अपने एटमी हथियारों के बारे में दुनिया को जानकारी नहीं दी है।- फाइल रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान ने अब तक अपने एटमी हथियारों के बारे में दुनिया को जानकारी नहीं दी है।- फाइल

वॉशिंगटन/नई दिल्ली. पाकिस्तान के एटमी हथियार साउथ एशिया के लिए बहुत बड़ा खतरा है। इनकी वजह से साधारण जंग भी एटमी जंग में तब्दील हो सकती है। एक अमेरिकी थिंक टैंक की रिपोर्ट में यह वॉर्निंग दी गई है। बता दें कि कुछ दिनों पहले भी एक रिपोर्ट में यही बात कही गई थी। इस रिपोर्ट में तो यहां तक कहा गया था कि पाकिस्तान के एटमी हथियारों तक आतंकी गुटों की पहुंच मुमकिन हो सकती है।

खतरनाक है पाकिस्तान का एटमी हथियार प्रोग्राम

- एटलांटिक काउंसिल ने अपनी नई रिपोर्ट का टाईटिल दिया है ‘एशिया इन द सेकंड न्यूक्लियर एज’। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान ने अब तक अपने एटमी हथियारों के बारे में दुनिया को जानकारी नहीं दी है। लेकिन, उसके ये हथियार इस क्षेत्र (साउथ एशिया) के अमन के लिए बहुत बड़ा खतरा बन सकते हैं।
- रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के एटमी हथियार पूरे इलाके की सेफ्टी और सिक्युरिटी के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। इसकी वजह ये है कि अगर कन्वेंशनल वॉर (पारंपरिक जंग) भी होती है तो इन हथियारों की वजह से वो न्यूक्लियर वॉर में तब्दील हो सकती है। हालांकि, पाकिस्तान ने अब तक अपने इन वेपंस को ऑपरेशनल नहीं किया है। लेकिन, वो दुनिया और साउथ एशिया के लिए खतरा तो हैं ही।

पाकिस्तान की स्थिरता बड़ा मुद्दा

- रिपोर्ट में कहा गया है कि इस क्षेत्र में लगातार बड़े पैमाने पर न्यूक्लियर वेपंस बनाए जा रहे हैं लेकिन, इससे भी बड़ा सवाल ये है कि उनकी सिक्युरिटी कैसे और कौन कर रहा है। क्योंकि, इन हथियारों की सिक्युरिटी संभालने वाले संगठनों पर ही सवालिया निशान है।
- रिपोर्ट के मुताबिक- पाकिस्तान की स्थिरता ही अपने आप में बड़ा सवाल खड़ा करता है। पिछले चालीस साल में पाकिस्तान के अपने पड़ोसी देशों से रिश्ते बहुत अच्छे नहीं रहे हैं। भारत और अफगानिस्तान से उसकी छोटी-छोटी झड़पें होती रही हैं।

आतंकवाद का खतरा भी मौजूद

- अमेरिकी थिंक टैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में कट्टरपंथी, आतंकी और नॉन स्टेट एक्टर्स भी बहुत बड़ा खतरा हैं। पाकिस्तान के अंदर भी आतंकियों ने दहशत फैलाने में कोई कमी नहीं छोड़ी। वहां, पहले भी इस तरह के हमले होते रहे हैं।
- जिस तरह के हालात हैं उनसे लगता है कि पाकिस्तान के एटमी हथियार चोरी भी हो सकते हैं। ये बात भी रिपोर्ट में कही गई है। इसमें आगे कहा गया है कि न्यूक्लियर कमांड एंड कंट्रोल में किसी भी वक्त परेशानी खड़ी हो सकती है और ये फेल भी हो सकती है।
- इस रिपोर्ट को गौरव कम्पानी और भरत गोपालस्वामी ने तैयार किया है। इसके आखिर में कहा गया है कि भारत भी पाकिस्तान के एटमी हथियारों को लेकर सतर्क है और उसके पास भी इस तरह के कई वेपंस का मौजूद हैं।

एटलांटिक काउंसिल ने अपनी नई रिपोर्ट का टाईटिल दिया है ‘एशिया इन द सेकंड न्यूक्लियर एज’। एटलांटिक काउंसिल ने अपनी नई रिपोर्ट का टाईटिल दिया है ‘एशिया इन द सेकंड न्यूक्लियर एज’।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान ने अब तक अपने एटमी हथियारों के बारे में दुनिया को जानकारी नहीं दी है।- फाइलरिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान ने अब तक अपने एटमी हथियारों के बारे में दुनिया को जानकारी नहीं दी है।- फाइल
एटलांटिक काउंसिल ने अपनी नई रिपोर्ट का टाईटिल दिया है ‘एशिया इन द सेकंड न्यूक्लियर एज’।एटलांटिक काउंसिल ने अपनी नई रिपोर्ट का टाईटिल दिया है ‘एशिया इन द सेकंड न्यूक्लियर एज’।
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