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शहादत महानता है लेकिन जरूरी नहीं कि दुश्मनों से लड़ते वक्त आप जान दे दें: पर्रिकर

पर्रिकर ने कहा कि डिफेंस मिनिस्टर रहने के दौरान मेरी हमेशा यही कोशिश रही कि कम से कम लोगों की जान जाए।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Nov 05, 2017, 01:19 PM IST

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    पर्रिकर ने कहा कि जवान हमारी सीमाओं की सुरक्षा के लिेए जो करते हैं, उसे भुलाया नहीं जा सकता।
    पणजी. गोवा के सीएम और पूर्व डिफेंस मिनिस्टर मनोहर पर्रिकर ने रविवार को कहा कि शहादत महानता है। देश के लिए कुर्बान होना जरूरी है, लेकिन इसके ये मायने नहीं कि जब आप लड़ने जाएं तो जान दे दें। बेहतर होगा कि आप अपने दुश्मन को मारिए।


    कोशिश रही कि कम लोग मारे जाएं

    - न्यूज एजेंसी के मुताबिक गोवा में मैराथन रेस के प्रोग्राम में पर्रिकर ने कहा कि डिफेंस मिनिस्टर रहने के दौरान मेरी हमेशा यही कोशिश रही कि कम से कम लोगों की जान जाए।
    - "मैंने जवानों से यही कहा कि खुद की जान देने से बेहतर है कि दुश्मन को मारो।"
    - "देश के लिए सबकुछ कुर्बान करना अच्छी बात है लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि आप खुद ही मारे जाएं। हमारा मकसद दुश्मन को मारना होना चाहिए।"
    - "जवान हमारी सीमाओं की सुरक्षा के लिेए जो करते हैं, उसे भुलाया नहीं जा सकता।"


    दिव्यांग समाज का जरूरी हिस्सा

    - पर्रिकर ने कहा, "कभी-कभी दिव्यांग, सामान्य लोगों से ज्यादा समाज में अपना कॉन्ट्रिब्यूशन दे देते हैं।"
    - "मैं आज इस प्रोग्राम में इसलिए आया कि दिव्यांग समाज का अहम हिस्सा हैं। मैं उनकी योग्यता जानता हूं। अगर वे किसी फील्ड में कमजोर रहते हैं तो दूसरे किसी काम को बेहतर कर पाते हैं।"
    पर्रिकर के पहले दिए बयान
    - फरवरी 2017 को पर्रिकर ने कहा, "मैं जानता हूं कि अगर कोई कैंडिडेट रैली करता है तो आप लोग उसके आसपास घूमने के लिए 500 रुपए लेते हो, ठीक है। लेकिन यह बात जरूर याद रखना कि जब वोट करो तो कमल (बीजेपी का सिंबल) ही चुनना।" ये बयान गोवा में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिया गया था। बाद में चुनाव आयोग ने पर्रिकर को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया था।
    - इसी साल मार्च में पर्रिकर ने दिग्विजय सिंह की तरफ इशारा करते हुए राज्यसभा में कहा, "आप गोवा में घूमते रहे और हमने सरकार बना ली।"
    - पिछले साल एक बुक लॉन्चिंग इवेंट में पर्रिकर ने आमिर खान के बयान पर कहा था, "मैं केवल यह इशारा करने की कोशिश कर रहा हूं कि यदि कोई ऐसे बोलता है तो उसे उसके जीवन का सबक सिखाना चाहिए।''
    - ''जब एक्‍टर (आमिर खान) ने ऐसा किया तो जिस कंपनी को वह एन्डोर्स कर रहे थे, वह ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी थी। हमारे कुछ लोग काफी स्‍मार्ट हैं। एक टीम थी जो इस पर काम कर रही थी। वे लोगों को कह रहे थे कि आप ऑर्डर दो और सामान लौटा दो। कंपनी को सबक सीखना चाहिए। उन्‍हें अपना ऐड वापस लेना पड़ा। हमें अपने देश से प्‍यार करना चाहिए। उनका बयान एरोगेंट था।"
    - 2015 में एक अवॉर्ड फंक्शन में आमिर से पूछा गया था कि इन्टॉलरेंस पर विरोध करने का तरीका सही है क्या?
    - इस पर उन्होंने कहा था, ''कई लोगों को लगता है कि उनके आसपास इन्टॉलरेंस, असुरक्षा और निराशा का माहौल बढ़ता जा रहा है। हम अखबारों में पढ़ते हैं कि क्या हो रहा है।''
    - ''मुझे भी इस बारे में कई बार सतर्क किया जा चुका है। कोई गलत करता है, तो उसे सजा मिलनी चाहिए। 1984 में जो हुआ वो भयानक था, पर उसका हवाला देकर आज को सही नहीं ठहराया जा सकता।''
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    देश के लिए सबकुछ कुर्बान करना अच्छी बात है लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि आप खुद ही मारे जाएं। हमारा मकसद दुश्मन को मारना होना चाहिए। (फाइल)
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