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अयोध्या में राम जन्मभूमि पर सिर्फ मंदिर बनेगा, कुछ और नहीं: संघ प्रमुख

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को कर्नाकट के उडूपी में धर्म संसद को संबोधित किया।

Danik Bhaskar | Nov 24, 2017, 05:51 PM IST
Video: मोहन भागवत ने कहा कि लोगों को लुभाने के लिए राम मंदिर बनाने का एलान नहीं किया है... Video: मोहन भागवत ने कहा कि लोगों को लुभाने के लिए राम मंदिर बनाने का एलान नहीं किया है...

बेंगलुरु. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने अयोध्या में राम जन्मभूमि पर ही मंदिर बनाने की बात कही। भागवत ने शुक्रवार को कहा, "राम जन्मभूमि पर कोई दूसरा ढांचा नहीं, बल्कि सिर्फ राम मंदिर बनेगा। ये हमारी आस्था का मामला है।" भागवत ने यह बात कर्नाटक के उडूपी में धर्म संसद में स्पीच के दौरान कही। धर्म संसद में विश्व हिंदू परिषद् (VHP) के नेताओं, कई मठों के प्रमुख समेत करीब 2 हजार साधु-संत मौजूद थे। उधर, एआईएमआईएम के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भागवत के बयान को आपत्तिजनक बताया।

राम मंदिर बनेगा, ये आस्था का मुद्दा

- संघ प्रमुख ने कहा, ''राम जन्मभूमि पर राम मंदिर ही बनेगा और कुछ नहीं। उन्हीं पत्थरों से बनेगा, उन्हीं की अगुआई में बनेगा जो पिछले 20-25 साल से इसका झंडा उठाकर चल रहे हैं।''

- ''अयोध्या में राम मंदिर बनाने को लेकर कोई संदेह के हालात पैदा नहीं होने चाहिए। हम इसे बनाएंगे। ये कोई जनता को लुभाने वाला एलान नहीं है, बल्कि हमारी आस्था का मुद्दा है। ये कभी नहीं बदलेगा। मंदिर के लिए लोगों का जागरूक होना जरूरी है।''

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मंदिर निर्माण संभव लग रहा है: संघ प्रमुख

- भागवत ने कहा कि सालों की कोशिशों और बलिदान के बाद अब यह (मंदिर निर्माण) संभव लग रहा है। हम अपना लक्ष्य हासिल करने के करीब है, लेकिन इस स्थिति में ज्यादा सावधानी बरतनी होगी। हालांकि, अभी मामला कोर्ट के पास है।

अयोध्या मुद्दे पर संघ आग से खेल रहा: ओवैसी

- एआईएमआईएम के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ''संघ प्रमुख ने आपत्तिजनक बयान दिया है। ये सुप्रीम कोर्ट को मैसेज देने की कोशिश है कि वे क्या चाहते हैं? यह बेहद नाजुक मामला है और आरएसएस इस मुद्दे पर आग से खेल रहा है। मुझे उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट संघ परिवार के विचार और उनकी डिजाइन को समझेगा।''

भागवत ने और क्या कहा?

- आरएसएस चीफ ने कहा कि देश के मौजूदा माहौल को देखते हुए हिंदू साधु-संतों को बड़े पैमाने पर साथ आना चाहिए। समाज को बांटने वाली ताकतों से लोग सावधान रहें।
- ''हमें धर्म परिवर्तन कराने वालों तक पहुंचने और इसके तरीकों को समझने की जरूरत है। समाज की शक्ति एकता में है। जब ये खत्म होती है तो देश विरोधी ताकतें सिर उठाने लगती हैं। समाज को एक करने के लिए दलितों और पिछड़ों को बराबरी पर लाने की जरूरत है। हमें जातियों के बंधन से ऊपर उठना होगा।''

- ''सभी जानते हैं कि जब गाय बूचड़खानों में बेच दी जाती है, तब क्या होता है। समाज की उदासीनता के चलते गौरक्षकों को आगे आना पड़ता है। गाय के प्रति समाज लापरवाह है। जो इसकी चिंता करते हैं, वे इसकी रक्षा के लिए आते हैं। गौरक्षकों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।''

क्यों बुलाई गई है धर्म संसद?

- राम मंदिर बनाने, धर्म परिवर्तन पर रोक, गौरक्षा, छुआछूत को दूर करने और सामाजिक बदलाव के मुद्दे पर चर्चा के लिए वीएचपी ने उडूपी में धर्म संसद बुलाई है।

- 3 दिन चलने वाली संसद में समाज में जाति और लिंग के आधार पर भेदभाव को दूर करने के साथ हिंदू समाज को एकजुट करने के लिए रास्ता निकाला जाएगा।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने क्या फैसला दिया था?

- 30 सितंबर, 2010 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने विवादित 2.77 एकड़ की जमीन को मामले से जुड़े 3 पक्षों में बराबर-बराबर बांटने का आदेश दिया था।

- बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। अगली सुनवाई 5 दिसंबर को होगी।

मोहन भागवत ने कहा कि राम मंदिर बनाने के लिए लोगों को जागरूक होना पड़ेगा। -फाइल मोहन भागवत ने कहा कि राम मंदिर बनाने के लिए लोगों को जागरूक होना पड़ेगा। -फाइल