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दो साल बाद फिर विवाद: शाहजहांपुर एडीएम ने NESTLE पर लगाया 62 लाख का जुर्माना

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर शहर के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने कंपनी पर 45 लाख के साथ ड्रिस्ट्रिब्यूटर्स पर 17 लाख क

Danik Bhaskar | Nov 29, 2017, 02:54 PM IST
दो साल पहले मैगी में नुकसानदेह लेड पाए जाने के बाद इसे पूरे देश में बैन कर दिया गया था। दो साल पहले मैगी में नुकसानदेह लेड पाए जाने के बाद इसे पूरे देश में बैन कर दिया गया था।

शाहजहांपुर. नेस्ले कंपनी अपने प्रोडक्ट मैगी नूडल्स के सैम्पल में गड़बड़ी की वजह से फिर चर्चा में है। इस बार यूपी के शाहजहांपुर के एडीएम ने 62 लाख का जुर्माना लगाया है। इसमें से 45 लाख रुपए कंपनी को और 17 लाख रुपए 8 डिस्ट्रीब्यूटर्स को देने होंगे। बता दें कि दो साल पहले मैगी में नुकसानदेह लेड पाए जाने के बाद इसे पूरे देश में बैन कर दिया गया था।

नेस्ले ने किया अपना बचाव
- नेस्ले इंडिया ने इसे 2015 का फूड स्टैंडर्ड से जुड़ा पुराना मामला बताया।
- कंपनी ने स्टेटमेंट जारी कर कहा, "हम दावा करते हैं कि मैगी नूडल्स सौ फीसदी सेफ हैं। हमें अभी तक इस मामले में (जुर्माने के बारे में) ऑर्डर नहीं मिला है, लेकिन जानकारी मिली है कि टेस्ट किए गए सैम्पल 2015 के हैं, जिनमें कुछ नुकसानदेह सब्सटान्स (एश कॉन्टेंट) पाए गए थे।"

'हम आगे अपील करेंगे'
- कंपनी ने स्टेटमेंट में आगे लिखा, "हम इस मामले में ऑर्डर का इंतजार कर रहे हैं। ऑर्डर मिलने के बाद हम अपनी तरफ से अपील करेंगे। 2015 में नेस्ले इंडिया और कुछ कंपनियों ने इस मामले में अधिकारियों से स्टैंडर्ड तय करने की अपील की थी, ताकि जांच करने वाले अधिकारियों और कंज्यूमर्स के बीच प्रोडक्ट क्वालिटी को लेकर कोई कन्फ्यूजन ना पैदा हो। जिसके बाद अधिकारियों ने इन्स्टेंट नूडल्स के लिए स्टैंडर्ड्स सेट कर दिए थे और अब हमारे प्रोडक्ट्स इन स्टैंडर्ड्स को फॉलो करते हैं।"

फूड अथॉरिटी ने 2015 में 3 वॉयलेशन पाए थे
1. मैगी में लेड तय लिमिट से ज्यादा थी।
2. कंपनी ‘नो एडेड एमएसजी’ का लेबल लगाकर गुमराह कर रही थी।
3. मैगी ओट्स मसाला नूडल्स विद टेस्टमेकर को बिना प्रोडक्ट अप्रूवल के बेचा जा रहा था।

लेड-MSG के इन खतरों ने बढ़ाईं थीं नेस्ले की मुश्किलें

इनग्रीडिएंट नुकसान
लेड सीएसई के मुताबिक लेड हेवी मेटल होता है। यह शरीर में घुलता नहीं, जमा होता जाता है। बच्चे, प्रेग्नेंट महिलाओं को इससे सबसे ज्यादा नुकसान। किडनी, लिवर खराब हो सकते हैं। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, लेड के एक्सपोजर से हर साल दुनियाभर में 1.43 लाख मौतें हो रही हैं।
मोनो सोडियम ग्लूटामेट (MSG) मेंटल और फिजिकल हेल्थ के लिए खतरनाक। शुरुआती तौर पर हाइपर टेंशन और सिर दर्द की शिकायत हो सकती है।

नेस्ले इंडिया ने इसे 2015 का फूड स्टैंडर्ड से जुड़ा पुराना मामला बताया है। नेस्ले इंडिया ने इसे 2015 का फूड स्टैंडर्ड से जुड़ा पुराना मामला बताया है।