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करप्शन के आरोपों में सऊदी अरब में गिरफ्तार किए गए 11 प्रिंस, 4 मिनिस्टर हिरासत में

इस कमेटी की अगुआई क्राउन प्रिंस सलमान कर रहे हैं। उन्हें अरेस्ट वॉरन्ट जारी करने और ट्रैवल पर बैन लगाने का हक है।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Nov 05, 2017, 09:19 AM IST

खोबर (सऊदी अरब). यहां करप्शन के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के तहत 11 प्रिंस को गिरफ्तार किया गया है। 4 मिनिस्टर और कई पूर्व मिनिस्टर को हिरासत लेकर पूछताछ की जा रही है। नेशनल गार्ड के चीफ प्रिंस मितेब बिन अब्दुल्ला को बर्खास्त कर दिया गया है। इनके अलावा इकोनॉमिक मिनिस्टर और नेवल फोर्स के कमांडर को भी बदल दिया गया है।
लोकल ब्रॉडकास्टर अल-अरबिया के मुताबिक, 2009 में जेद्दा में आई बाढ़ और 2012 में मर्स वायरस का इन्फैक्शन फैलने के मामलों की जांच नए सिरे से शुरू की गई है। इसके तहत करप्शन की जांच के लिए नई कमेटी बनाए जाने के 4 घंटे के अंदर ही यह कार्रवाई की गई है। इस घटनाक्रम ने समूचे देश को हिला कर रख दिया है।

ऑफिशियल स्टेटमेंट नहीं दिया गया

गिरफ्तार किए गए लोगों में सऊदी के अरबपति प्रिंस अल-वलीद बिन तलाल भी शामिल हैं। हालांकि, इन गिरफ्तारियों के बारे में अब तक कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी नहीं किया गया है। गिरफ्तार या अरेस्ट किए गए सभी लोगों के नाम भी सामने नहीं आए हैं।

प्रिंस मितेब भी थे तख्त के दावेदार

  • बर्खास्त किए गए प्रिंस मुतेब के पिता मरहूम शाह अब्दुल्लाह ने नेशनल गार्ड की अगुआई की थी। उन्होंने ही इस आर्म्ड विंग को ताकतवर फोर्स में बदला था।
  • इसे सत्ताधारी सऊदी परिवार और मक्का-मदीना में धार्मिक स्थलों और तेल गैस भंडारों की सिक्युरिटी का जिम्मा सौंपा गया। मुतैब को तख्त का दावेदार माना जा रहा था।
  • शाह ने इकोनॉमिक और इम्प्लॉयमेंट मामलों के मंत्री अब्देल फकेह को भी बदल दिया है। उनकी जगह उनके डिप्टी मोहम्मद अल तुवैजरी को अप्वॉइंट किया गया है।
  • सऊदी नेवल फोर्सेज की कमांडर पाेस्ट से एडमिरल अब्दुल्ला अल सुल्तान को भी बर्खास्त कर दिया गया है। उनकी जगह एडमिरल फाहद बिन अब्दुल्ला अल गिफैली को अप्वॉइंट किया गया है।

करप्शन के खिलाफ लड़ाई इस्लामिक जिम्मेदारी

  • इस बीच किंगडम के टॉप खलीफाओं की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह इस्लामिक जिम्मेदारी है कि करप्शन के खिलाफ लड़ाई लड़ी जाए।
  • सरकार का कहना है कि एंटी करप्शन कमेटी को इस बात का हक है कि वह लोगों को गिरफ्तारी का वारंट जारी कर सके, लोगों के बैंक खाते सीज कर सके और उन पर पाबंदी लगा सके।
  • यह कमेटी फंड की भी जांच कर सकती है, साथ ही फंड के ट्रांसफर पर भी रोक लगा सकती है। जब तक यह मामला जुडीशियरी के पास नहीं जाता है तब तक कमेटी ऐसे फैसले ले सकती है।

क्राउन प्रिंस की अगुआई में बनी कमेटी

सऊदी अरब की गवर्नमेंट न्यूज एजेंसी एसपीए के मुताबिक, इस कमेटी की अगुआई क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान कर रहे हैं। उन्हें अरेस्ट वॉरन्ट जारी करने या ट्रैवल बैन करने का हक है।

काफी वक्त से मिल रही थी शिकायत

  • शाही आदेश में कहा गया है, "कमेटी का गठन कुछ लोगों के गलत कामों की तरफ झुकाव, जनता से ज्यादा खुद के फायदों को तरजीह देने और पब्लिक फंड की चोरी की जांच के लिए किया गया है।"
  • बता दें कि सऊदी अरब के लोग लंबे समय से शिकायत करते रहे हैं कि सरकार में बैठे लोग पब्लिक फंड का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।
  • 2 साल के क्राउन प्रिंस दुनियाभर से इंन्वेस्टमेंट को अट्रैक्ट करना चाहते हैं। वे देश को एक बिजनेस वाली जगह बनाना चाहते हैं। इसके पीछे मकसद इकोनॉमी की ऑइल रेवेन्यु पर डिपेंडेंसी हटाना है।
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