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इस साल पत्थरबाजी 90% कम हुई, पहले रोज 50 घटनाएं होती थीं: J&K डीजीपी

DainikBhaskar.com | Last Modified - Nov 13, 2017, 06:12 PM IST

डीजीपी के मुताबिक- पत्थरबाजी कम होने की कई वजहें हैं। इसमें एनआईए की टेरर फंडिंग पर कार्रवाई भी शामिल है।
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    जम्मू-कश्मीर के डीजीपी एसपी. वैद्य ने कहा है कि इस साल पत्थरबाजी में 90 फीसदी तक की कमी आई है।- सिम्बॉलिक
    जम्मू. जम्मू-कश्मीर के डीजीपी एसपी. वैद्य ने कहा है कि इस साल पत्थरबाजी में 90 फीसदी तक की कमी आई है। वैद्य के मुताबिक- पिछले साल हर रोज पत्थरबाजी की 40 से 50 घटनाएं होतीं थीं। लेकिन, अब हालात सुधर रहे हैं। डीजीपी के मुताबिक- पत्थरबाजी कम होने की कई वजहें हैं। इसमें एनआईए की टेरर फंडिंग पर कार्रवाई भी शामिल है। वैद्य ने जम्मू-कश्मीर की जनता की भी इसके लिए तारीफ की।


    पिछले साल क्या थे हालात?

    - न्यूज एजेंसी से बातचीत में वैद्य ने कहा- पिछले साल हर दिन पत्थरबाजी की 40 से 50 घटनाएं होती थीं। लेकिन, इस साल इन घटनाओं में 90 फीसदी तक की कमी आई है।
    - उन्होंने कहा- अब कुछ हफ्तों तक तो पत्थरबाजी की एक भी घटना नहीं होती। जबकि, पिछले साल इसी दौरान हर दिन 50 घटनाएं तक हो जाती थीं। लोगों के मूड में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। कश्मीर में लॉ एंड ऑर्डर के हालात से सबका ताल्लुक है।
    - वैद्य ने कहा- आप आसानी से देख सकते हैं कि हालात किस हद तक बेहतर हुए हैं। कई बार तो पूरी घाटी में एक दिन में पत्थरबाजी की कोई घटना नहीं होती। कई बार हफ्तों तक।
    - डीजीपी ने कहा- पिछले साल तक जुम्मे यानी शुक्रवार को पत्थरबाजी की 50 तक घटनाएं होती थीं। अब एक भी नहीं होती।

    पत्थरबाजी कम होने की क्या वजह?

    - वैद्य ने कहा- लॉ एंड ऑर्डर सुधरने में कई फैक्टर जिम्मेदार हैं। सिर्फ ये माना जाना कि एनआईए ने टेरर फंडिंग के खिलाफ जो कार्रवाई की है, उसकी वजह से ही पत्थरबाजी कम हुई, ये सही नहीं होगा। इसका क्रेडिट जम्मू-कश्मीर की जनता को भी जाता है। क्योंकि वो भी अब समझ चुकी है कि इससे उनका ही नुकसान होता है। दूसरी बात ये कि उनको ये लगने लगा है कि वो जिन पुलिसवालों पर पत्थर फेंक रहे हैं वो उनकी ही कम्युनिटी के हैं।
    - डीजीपी ने ये भी कहा कि टॉप आतंकी कमांडर्स का मारा जाना भी पत्थरबाजी में कमी की एक बड़ी वजह है। नोटबंदी और आतंकवादियों के मददगारों की वजह भी पत्थरबाजी में कमी की वजहें हैं।

    ऑपरेशन ऑल आउट भी मददगार

    - डिटेंशन ऑफ पब्लिक सेफ्टी एक्ट को हालात सुधारने में मददगार बताते हुए वैद्य ने कहा- राज्य में पॉलिटिकल एक्टिविटीज फिर शुरू हो रही हैं। लोग अब आगे आकर इसमें हिस्सा ले रहे हैं। कुल मिलाकर कई फैक्टर्स की वजह से राज्य में हालात सुधरे हैं।
    - वैद्य ने माना कि सेना के ‘ऑपरेशन ऑल आउट’ से भी हालात सुधारने में काफी मदद मिली। इसमें अफसरों और जवानों का अहम रोल रहा और उन्हें इसका क्रेडिट जाता है। इस साल करीब 170 आतंकी मारे जा चुके हैं। डीजीपी ने माना कि राज्य में फिदायीन हमलों का नया ट्रैंड सामने आया है। उन्होंने कहा- हमने 9 फिदायीन हमलावरों को मार गिराया है।
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    वैद्य ने कहा- पिछले साल हर दिन पत्थरबाजी की 40 से 50 घटनाएं होती थीं। लेकिन, इस साल इन घटनाओं में 90 फीसदी तक की कमी आई है। - फाइल
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Web Title: Stone Pelting In Kashmir Valley Decreased By Almost 90% In 2017, Says Jammu And Kashmir DGP S P Vaid
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