Hindi News »India News »Latest News »National» पद्मावती विवाद : Supreme Court Dismisses Petition Against Release Of Padmavati

पद्मावती विवाद : पद्मावती के खिलाफ लगी पिटीशन SC से खारिज, रिलीज रोकने की थी मांग

DainikBhaskar.com | Last Modified - Nov 10, 2017, 05:42 PM IST

पद्मावती फिल्म 1 दिसंबर को रिलीज होनी है। करणी सेना और हिंदूवादी संगठन इसका विरोध कर रहे हैं।
  • पद्मावती विवाद : पद्मावती के खिलाफ लगी पिटीशन SC से खारिज, रिलीज रोकने की थी मांग, national news in hindi, national news
    +5और स्लाइड देखें
    पद्मावती फिल्म का विरोध राजस्थान में इसकी शूटिंग के वक्त से ही शुरू हो गया था।
    नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने पद्मावती फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग संबंधी पिटीशन खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि सेंसर बोर्ड ने अभी इस फिल्म को सर्टिफिकेट जारी नहीं किया है। वह एक इंडिपेंडेंट बॉडी है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट को उसके अधिकार क्षेत्र (jurisdiction) में दखल नहीं देना चाहिए। बता दें कि संजय लीला भंसाली के डायरेक्शन और दीपिका पादुकोण के लीड रोल वाली इस फिल्म का विरोध किया जा रहा है। राजस्थान में करणी सेना, बीजेपी लीडर्स और हिंदूवादी संगठनों ने इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है।
    • चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खालविलकर और डीवाय चंद्रचूड की बेंच सिद्धराज सिंह चूडास्मा और 11 अन्य लोगों की पिटीशन पर सुनवाई कर रही थी।
    • पिटीशनर की मांग थी कि मशहूर हिस्टोरियंस की एक कमेटी बनाई जाए। वह कमेटी फिल्म की स्क्रिप्ट जांचे, ताकि रानी पद्मावती की जिंदगी के बारे में कुछ गलत पेश न हो।
    • ऐसे में पिटीशनर्स ने फिल्म की रिलीज पर तब तक रोक लगाने की मांग की थी, जब तक कि इसमें की जा रही कथित ऐतिहासिक भूल को डायरेक्टर सुधार नहीं लेते।

    कैसे शुरू हुआ पद्मावती फिल्म पर विवाद?

    • राजपूत करणी सेना इसका विरोध कर रही है। इसकी शुरुआत राजस्थान में शूटिंग के वक्त हुई थी। सेना का मानना है कि ​इस फिल्म में पद्मिनी और खिलजी के बीच इंटीमेट सीन फिल्माए जाने से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है, जिसके चलते काफी समय से इसका विरोध हो रहा है। शूटिंग के वक्त राजपूत करणी सेना ने कई जगह प्रदर्शन किया था और पुतले फूंके थे।
    • गुजरात बीजेपी ने कहा था कि फिल्म क्षत्रिय समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकती है। लिहाजा, फिल्म को रिलीज से पहले पार्टी के राजपूत प्रतिनिधियों को दिखाया जाना चाहिए। ऐसा करने से रिलीज के वक्त फिल्म के लिए सहूलियत रहेगी और तनाव के हालात से बचा जा सकेगा।

    फिल्म डायरेक्टर का स्टैंड क्या है?

    • पद्मावती का विरोध होने के बाद डायरेक्टर संजय लीला भंसाली ने कहा था कि इस फिल्म में ऐसा कुछ नहीं है, जिसे लेकर विरोध किया जा रहा है।
    • पिछले दिनों एक कलाकार ने पद्मावती की रंगोली बनाई, लेकिन कुछ लोगों ने ये रंगोली बिगाड़ दी। इसके बाद फिल्म में पद्मावती का किरदार निभा रही दीपिका पादुकोण ने इन्फॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग मिनिस्टर स्मृति ईरानी को टैग करते हुए ट्वीट किया था कि इस तरह की घटनाओं पर एक्शन लिया जाना चाहिए।

    BJP सांसद ने लिखा: जिनकी स्त्रियां रोज शौहर बदलती हैं वे जौहर क्या जानें

    • उज्जैन से बीजेपी के सांसद प्रो. चिन्तामणि मालवीय ने पद्मावती फिल्म के विरोध में एक फेसबुक पोस्ट लिखी।
    • इसमें उन्होंने लिखा था, "मैं फिल्म पद्मावती का विरोध और बहिष्कार करता हूं। अपने शुभचिंतकों से अनुरोध करता हूं कि वे इस फिल्म को बिल्कुल न देखें। फिल्म बनाकर चंद पैसों के लालच में इतिहास से छेड़छाड़ करना शर्मनाक और घृणित कार्य है। हर भारतीय नारी की आदर्श रानी पद्मावती जी पर भारतीयों को गर्व है। उन्होंने अपने सतीत्व, देश और समाज की आन, बान, शान के लिए हजारों नारियों के साथ स्वयं को आग में झोंक दिया था। उसे तोड़-मरोड़कर दिखाना वास्तव में इस देश का अपमान है। भंसाली जैसे लोगों को कोई और भाषा समझ में नहीं आती। इन लोगों को सिर्फ जूते की भाषा समझ में आती है।"

    पद्मावती विवाद पर उमा भारती ने खुले खत में क्या लिखा?

    • उमा भारती ने खुले खत में लिखा, "तथ्य को बदला नहीं जा सकता है। उसे अच्छा या बुरा कहा जा सकता है। सोचने की आजादी किसी की निंदा या स्तुति का अधिकार हमें देती है। जब आप किसी ऐतिहासिक तथ्य पर फिल्म बनाते हैं तो उसके फैक्ट को वॉयलेट नहीं किया जा सकता है।"
    • "रानी पद्मावती की गाथा एक ऐतिहासिक तथ्य है। अलाउद्दीन खिलजी एक व्यभिचारी हमलावर था। उसकी बुरी नजर रानी पद्मावती पर थी और इसीलिए उसने चित्तौड़ को नष्ट कर दिया था।"
    • "पद्मावती के पति राणा रतन सिंह अपने साथियों के साथ वीरगति को प्राप्त हुए थे। खुद पद्मावती ने उन हजारों औरतों के साथ जीवित ही खुद को आग के हवाले कर जौहर कर लिया था, जिनके पति वीरगति को प्राप्त हुए थे। हमने यही इतिहास पढ़ा है। आज भी खिलजी के लिए नफरत और पद्मावती के लिए सम्मान और उनके दुखद अंत के लिए वेदना होती है।"
    • उमा ने इस खत में लिखा था, "आज भी मनचाहा रिस्पॉन्स नहीं मिलने पर कुछ लड़के लड़कियों के चेहरे पर तेजाब डाल देते हैं। वो किसी भी धर्म या जाति के हों, मुझे अलाउद्दीन खिलजी के वंशज लगते हैं।"
    आगे की स्लाइड्स में पढ़ें, पूर्व राजघरानों ने भी पद्मावती फिल्म को लेकर जताया था विरोध...
  • पद्मावती विवाद : पद्मावती के खिलाफ लगी पिटीशन SC से खारिज, रिलीज रोकने की थी मांग, national news in hindi, national news
    +5और स्लाइड देखें
    गज सिंह जोधपुर के पूर्व राजघराने से हैं।

    ऐतिहासिक नामों के गलत इस्तेमाल से दूर रहें फिल्मकार

    जोधपुर के पूर्व राजघराने के गज सिंह के मुताबिक, "ऐतिहासिक फिल्मों के निर्माण का सार्थक प्रयास आज तक नहीं हुआ है। ऐसी फिल्मों का उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन होता है, न कि इतिहास का सही प्रस्तुतिकरण। फिल्मकारों को ऐतिहासिक नामों के दुरुपयोग से दूर रहना होगा।"
  • पद्मावती विवाद : पद्मावती के खिलाफ लगी पिटीशन SC से खारिज, रिलीज रोकने की थी मांग, national news in hindi, national news
    +5और स्लाइड देखें
    बीकानेर की पूर्व रॉयल फैमिली की सिद्धि कुमारी ने जताया विरोध।

    एक डिस्क्लेमर से कुछ नहीं बदलेगा, यह विरोध जायज

    बीकानेर से सिद्धि कुमारी ने कहा "डायरेक्टर एक डिस्क्लेमर से अपनी स्क्रिप्ट का बचाव करेंगे कि किरदार काल्पनिक हैं, लेकिन राजस्थान को गलत तथ्यों से काफी चोट पहुंचेगी, क्योंकि यहां का हर कण पद्मावती के बलिदान को जानता है।"
  • पद्मावती विवाद : पद्मावती के खिलाफ लगी पिटीशन SC से खारिज, रिलीज रोकने की थी मांग, national news in hindi, national news
    +5और स्लाइड देखें
    मेवाड़ के पूर्व राजघराने के महेन्द्र सिंह।

    भंसाली ने इतिहास को उपन्यास बनाकर पेश कर दिया

    मेवाड़ के पूर्व राजघराने के महेन्द्र सिंह मेवाड़ का कहना है, "इसी तरह कोई पीएम मोदी के चरित्र से जोड़कर कुछ भी दिखाएगा तो क्या सेंसर बोर्ड पास कर देगा? क्या बोर्ड को पता भी है कि ग्रेनेडियर्स (सेना की एक यूनिट) का स्थापना दिवस जौहर दिवस के दिन ही मनाया जाता है।"
  • पद्मावती विवाद : पद्मावती के खिलाफ लगी पिटीशन SC से खारिज, रिलीज रोकने की थी मांग, national news in hindi, national news
    +5और स्लाइड देखें
    करौली के पूर्व राजघराने से अंशिका कुमारी भंसाली।

    भंसाली से दो साल से लगातार तथ्य सुधारने को कह रहे हैं

    करौली के पूर्व राजघराने से अंशिका कुमारी के मुताबिक, " पिछले दो सालों से पद्मावती से जुड़े तथ्यों को फिल्म में शामिल करने को कहा जा रहा है। उन्हें कम से कम रानी पद्मावती के घराने से तो बातचीत कर तथ्यों की जानकारी लेनी चाहिए थी।"
  • पद्मावती विवाद : पद्मावती के खिलाफ लगी पिटीशन SC से खारिज, रिलीज रोकने की थी मांग, national news in hindi, national news
    +5और स्लाइड देखें
    भिंडर रॉयल फैमिली से ताल्लुक रखने वाले रणधीर सिंह भिंडर ने जाहिर की नाराजगी।

    पहले मेवाड़ के राजपरिवार को फिल्म दिखाएं भंसाली

    भिंडर रॉयल फैमिली से ताल्लुक रखने वाले रणधीर सिंह भिंडर का कहना है, "हम विधानसभा में भी मुद्दे को उठा चुके हैं। हमारी मांग है कि ऐसी कमेटी बनाई जाए जिसमें पूर्व महाराणा महेंद्र सिंह के परिवार और इतिहासकारों को शामिल किया जाए। पहले उनके समक्ष फिल्म की स्क्रीनिंग हो।"
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए India News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: पद्मावती विवाद : Supreme Court Dismisses Petition Against Release Of Padmavati
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

      More From National

        Trending

        Live Hindi News

        0
        ×