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कोर्ट पति पर पत्नी को साथ रखने के लिए दबाव नहीं डाल सकते: SC

DainikBhaskar.com | Last Modified - Nov 26, 2017, 01:17 PM IST

यह मामला पति-पत्नी के बीच तकरार का है। पत्नी को साथ रखने की शर्त के साथ पति को जमानत दी गई थी।
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    SC ने पत्नी-बच्चे के गुजारे के लिए ट्रायल कोर्ट में 10 लाख रुपए जमा करने का ऑर्डर दिया है।

    नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कोर्ट पति पर पत्नी को साथ रखने के लिए दबाव नहीं डाल सकते। इसके साथ ही कोर्ट ने एक पायलट पति को उसकी अलग रह रही पत्नी और बच्चे के गुजारे के लिए 10 लाख रुपए इंटेरिम मेंटेनेंस जमा करने का ऑर्डर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट का वह जमानत ऑर्डर भी बहाल कर दिया, जिसे पति की ओर से समझौते के खिलाफ जाने के बाद रद्द कर दिया गया था।

    रकम कम करने की अपील खारिज

    - जस्टिस आदर्श गोयल और यूयू ललित की बेंच ने कहा, "हम पत्नी को साथ रखने के लिए पति पर दबाव नहीं बना सकते। यह एक इंसानी रिश्ता है। आप (पति) ट्रायल कोर्ट में 10 लाख रुपए जमा करें, जिसे बगैर किसी शर्त के पत्नी निकाल सके।"

    - पति की ओर से पेश हुए वकील ने यह रकम कम करने की गुहार लगाई तो अदालत ने कहा कि यह फैमिली कोर्ट नहीं है, इसलिए इस पर चर्चा नहीं कर सकता।

    4 हफ्ते में जमा करने होंगे 10 लाख
    - बेंच ने कहा, "अगर आप 10 लाख रुपए फौरन जमा करने को राजी हो तो बेल ऑर्डर बहाल किया जाएगा।" इस पर वकील ने पैसा जमा करने की रजामंदी दे दी।

    - इसके बाद कोर्ट ने पिटीशनर को 10 लाख रुपए चार हफ्ते में जमा करने का ऑर्डर दिया।
    - कोर्ट ने कहा कि यह रकम आगे की कार्यवाही के मुताबिक एडजस्ट की जा सकेगी। साथ ही दोनों पक्ष समझौते के लिए भी आजाद हैं।
    - सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट में पेंडिंग कार्यवाही तीन महीने में पूरी की जा सकती है, जैसा कि हाईकोर्ट ने भी निर्देश दिया है।

    क्या है मामला?
    - यह केस पति-पत्नी के बीच तकरार का है। इसमें उनके नाम उजागर नहीं किए गए हैं।
    - पति पर दहेज के लिए तंग करने समेत आईपीसी के कई एक्ट में केस दर्ज है। उसे पत्नी और बच्चे को साथ रखने का समझौता करने की शर्त के साथ जमानत दी गई थी। लेकिन उसने बाद में उन्हें साथ रखने से इनकार कर दिया। इस पर मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने पति की एंटीसिपेटरी बेल अर्जी 11 अक्टूबर को रद्द कर दी थी।
    - कोर्ट का कहना था कि पति ने शिकायतकर्ता के साथ समझौता किया, लेकिन वह अपने वादे से मुकर गया। उसने अपनी जिम्मेदारियों से पीछा छुड़ाने के लिए इसके खिलाफ एक एफिडेविट दायर कर दिया।

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    पत्नी-बच्चे को साथ रखने के समझौते के बाद पति को जमानत दी गई थी। -सिम्बॉलिक इमेज
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Web Title: Supreme Court Said Courts Cannot Force Husband To Keep Wife
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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