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2 जी घोटाला: अजीब दास्तां हैं ये, कहां शुरू कहां खत्म

2जी स्पैक्ट्रम घोटाला मामले में कोर्ट ने पूर्व मंत्री ए. राजा और डीएमके नेता कनिमोझी समेत 44 आरोपियों को बरी कर दिया है।

Danik Bhaskar

Dec 21, 2017, 06:20 PM IST
Video: 2 जी घोटाला Video: 2 जी घोटाला

2जी स्पैक्ट्रम घोटाला मामले में सीबीआई के स्पेशल कोर्ट ने पूर्व मंत्री ए. राजा और डीएमके नेता कनिमोझी समेत 44 आरोपियों और कई कंपनियों को बरी कर दिया। जज ने कहा कि प्रॉसिक्यूशन आरोप साबित करने में नाकाम रहा। लिहाजा सभी को बरी किया जाता है।

2 जी घोटाला कब सामने आया था?
2010 में कैग रहे विनोद राय की रिपोर्ट से घोटाला सामने आया था।
ट्रायल कब शुरू हुआ?
2जी मामले में ट्रायल 6 साल पहले 2011 में शुरू हुआ था। कोर्ट ने 17 आरोपियों के चार्ज तय किए थे।

CAG की रिपोर्ट में क्या था?
इसमें कहा गया कि 2जी स्पैक्ट्रम के अलॉटमेंट के लिए नीलामी नहीं की गई, इससे देश का नुकसान हुआ।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या किया?
सुप्रीम कोर्ट ने 2जी स्पैक्ट्रम आवंटन में पद के दुरुपयोग की बात कही। फरवरी, 2012 में 122 लाइसेंस रद्द कर दिए।


सीबीआई कोर्ट ने क्या फैसला दिया?
21 दिसंबर को सीबीआई कोर्ट ने 2जी केस में राजा-कनिमोझी समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया।

सीबीआई की चार्जशीट में क्या कहा गया था?
- 2011 में राजा-कनिमोझी और अन्य आरोपियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज बनाने, घूस लेने और पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया।

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