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हाथ जोड़कर खड़े रहे आडवाणी, बिना देखे ऐसे आगे बढ़ गए मोदी

सोशल मीडिया पर हो रही है मोदी की आलोचना

Dainik Bhaskar

Mar 10, 2018, 12:22 PM IST
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स्पेशल डेस्क: त्रिपुरा में मुख्यमंत्री बिप्लब देब के शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे पीएम मोदी के अंदाज का हर कोई कायल हो गया। उन्होंने न सिर्फ मंच पर पहुंचते ही धुर विरोधी एक्स सीएम माणिक सरकार से बात की बल्कि प्रोग्राम के बाद उन्हें सी-ऑफ करने के लिए साथ में मंच से नीचे तक गए। लेकिन इस दौरान एक ऐसा वाकया हुआ जिसके लिए सोशल मीडिया पर पीएम मोदी की आलोचना हो रही है। दरअसल पीएम जब मंच पर पहुंचे थे उस वक्त बीजेपी के सीनियर लीडर लालकृष्ण आडवाणी ने हाथ जोड़कर उनका अभिवादन किया, लेकिन मोदी उन्हें नजरअंदाज करते हुए आगे बढ़ गए। सोशल मीडिया पर हो रही है आलोचना...

- सोशल मीडिया पर पीएम मोदी और आडवाणी का ये वीडियो वायरल हो गया है। अभिषेक गुप्ता नाम के एक यूजर ने फेसबुक पर वीडियो के साथ लिखा है 'आडवाणी जी की रैलियों में भोंपू बजाने वाले मोदी की अकड़ तो देखो'
- वहीं एक यूजर ने लिखा है कि 'भारतीय संस्कृति का तकाजा था कि अपने से बड़े आडवाणी का आदर करते, खासकर उस आडवाणी की जिन्होंने उन्होंने मोदी का करियर बनाया....मुसीबत के समय मदद की...'

आडवाणी को गुरु मानते हैं मोदी
मोदी ने एक बार इंटरव्यू में कहा था कि जब वो राजनीति में नहीं थे तो आडवाणी के इंटरव्‍यू से उन्‍हें काफी प्रेरणा मिलती थी। आडवाणी के विचार पढ़ कर उनके विचार को धार मिलती थी।

आडवाणी ने जरूरत के वक्त मोदी को दी थी 'लाइफलाइन'
- लालकृष्ण आडवाणी ने ही गुजरात में नरेंद्र मोदी को प्रोजेक्ट किया था। आगे बढ़ाया था
- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गुजरात दंगों के बाद 'राजधर्म' नहीं निभा पाने के कारण वाजपेयी तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी से इस्तीफा मांगने के पक्ष में थे। लेकिन उस वक्त उनके सबसे बड़े समर्थक लालकृष्ण आडवाणी ने ऐसा करने से रोका।

2005 से रिश्ते में पड़ी दरार
- जिन्ना प्रकरण में जब आडवाणी पूरे अलग-थलग पड़े तब भी मोदी ने एक शब्द भी नहीं बोला।
- 2011 में आडवाणी ने पूरे देश में करप्शन के खिलाफ यात्रा निकाली थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मोदी इस आयोजन के खिलाफ थे। साथ ही, इसके बिहार से शुरू करने के फैसले पर भी विवाद हुआ कि यह गुजरात से शुरू होना चाहिए था। इन विवादों के बीच आडवाणी की ये यात्रा सफल नहीं रही थी।

आडवाणी ने किया मोदी को पीएम बनाने का विरोध
साल 2013 में बीजेपी के सीनियर लीडर लालकृष्ण आडवाणी ने नरेंद्र मोदी को भारतीय जनता पार्टी की तरफ से प्रधानमंत्री उम्मीदवार बनाए जाने का विरोध किया था। मोदी को प्रधानमंत्री पद उम्मीदवार बनाए जाने का सुषमा स्वराज और मुरली मनोहन जोशी भी खिलाफ थे, लेकिन वो पार्टी की बहुमत लाइन के आगे झुक गए।

Did PM Modi ignore LK Advani in the oath ceremony in tripura
Did PM Modi ignore LK Advani in the oath ceremony in tripura
आडवाणी को गुरु मानते हैं मोदी आडवाणी को गुरु मानते हैं मोदी
आडवाणी ने ही मोदी को आगे बढ़ाया आडवाणी ने ही मोदी को आगे बढ़ाया
आडवाणी ने मोदी को किया था प्रोजेक्ट आडवाणी ने मोदी को किया था प्रोजेक्ट
2005 से रिश्तों में पड़ी दरार 2005 से रिश्तों में पड़ी दरार
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Did PM Modi ignore LK Advani in the oath ceremony in tripura
Did PM Modi ignore LK Advani in the oath ceremony in tripura
आडवाणी को गुरु मानते हैं मोदीआडवाणी को गुरु मानते हैं मोदी
आडवाणी ने ही मोदी को आगे बढ़ायाआडवाणी ने ही मोदी को आगे बढ़ाया
आडवाणी ने मोदी को किया था प्रोजेक्टआडवाणी ने मोदी को किया था प्रोजेक्ट
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