Hindi News »National »Ayodhya Vivad »Latest News» Declare Cow National Animal Humans Will Be Safe Muslim Body

मुस्लिम संगठन ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की

जीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की है।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Feb 08, 2018, 08:27 AM IST

मुस्लिम संगठन ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की

नेशनल डेस्क. देश के बड़े मुस्लिम संगठनों में से एक जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की है। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इससे इंसानों और गाय दोनों को सुरक्षित रखा जा सकता है। साथ ही पूरे देश में बीफ पर रोक लगेगी और गोहत्या से जुड़ी हिंसा को भी रोका जा सकेगा।

मदनी ने कहा कि उत्तर प्रदेश, असम, झारखंड और राजस्थान में गाय की वजह से हिंसा हुईं। जिसमें मुसलमान और दलितों को भी मारा-पीटा गया। इसलिए गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर देना चाहिए। जिससे गाय को संरक्षित किया किया जा सके। गाय को लेकर वही कानून लागू होना चाहिए जो दूसरे संरक्षित जानवरों के लिए है। बता दें कि जमीयत उलेमा-ए- हिंद इंडिया की लीडिंग इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन में से एक है। 1919 में बने इस संगठन से करीब 10 मिलियन लोग जुड़े हुए हैं।

इससे पहले भी मुंबई में मौलाना मदनी ने एक प्रेस कांफ्रेंस में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने पर जोर दिया था। प्रोग्राम में शामिल स्वामी अग्निवेश ने कहा था कि गाय को सड़कों पर छोड़ने वालों के खिलाफ भी कानून बनाने की जरूरत है।

मोदी भी जता चुके हैं चिंता

पीएम मोदी भी अगस्त 2016 और फिर जून 2017 में कथित गौ-रक्षकों को असमाजिक तत्व कह चुके हैं। उन्होंने कहा था कि गांधी जी ऐसी हरकतों को बर्दाश्त नहीं करते। हालांकि इसके बाद भी मोदी की बातों का बहुत असर नहीं दिखा। साल 2017 के पहले छह महीने में गौ-रक्षा के नाम पर 20 हिंसक वारदातें सामने आई हैं।

गोहत्या को लेकर हुईं बड़ी घटनाएं

जुलाई 2016- गुजरान के ऊना में दलित युवकों की पिटाई

8 सितंबर 2016- यूपी के दादरी में अखलाक की हत्या। फ्रिज में बीफ रखने का आरोप था।

5 अप्रैल 2017- अलवर में पहलू खान की हत्या, गाय तस्करी में शामिल होने का आरोप

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Latest News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×