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नायडू क्यों मांग रहे हैं आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य का दर्जा, ये पूरी कहानी

आंध्र प्रदेश राज्य को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिए जाने से तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) नाराज है।

Danik Bhaskar | Mar 08, 2018, 01:37 PM IST
टीडीपी चीफ और राज्य के सीएम चंद्र बाबू नायडू ने एनडीए से खुद को अलग कर लिया। टीडीपी चीफ और राज्य के सीएम चंद्र बाबू नायडू ने एनडीए से खुद को अलग कर लिया।

स्पेशल डेस्क. आंध्र प्रदेश राज्य को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिए जाने से तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) नाराज है। टीडीपी चीफ और राज्य के सीएम चंद्र बाबू नायडू ने एनडीए से खुद को अलग कर लिया। वहीं, वित्त मंत्री जेटली ने कहा है कि हम इस मांग से सहमत नहीं हैं, लेकिन पहले से घोषित स्पेशल पैकेज के बराबर रकम मुहैया कराने को तैयार हैं। टीडीपी का एनडीए से अलग होने का फैसला राजनीतिक या नहीं। ये आने वाला वक्त बताएगा, लेकिन हम आम लोगों के मन में एक सवाल ये उठता है कि आखिर ये विशेष राज्य का दर्जा होता क्या है? आखिर ये किन परिस्थिति में दिया जाता है ? किन राज्यों के पास पहले से ही ये दर्जा मौजूद है? आइए जानते हैं एक सवाल...

क्या है विशेष राज्य का दर्जा?
देश की तीसरी पंचवर्षीय योजना यानी 1961-66 तक और फिर 1966-1969 तक केंद्र के पास राज्यों को अनुदान देने का कोई फिक्स फॉर्मूला नहीं था। उस समय सिर्फ योजना के अनुसार की ग्रांट दी जाती थी। 1969 में केंद्रीय सहायता का फॉर्मूला बनाते समय 5वें वित्त आयोग ने गाडगिल फॉर्म्युले के अनुरूप तीन राज्यों को विशेष राज्य का दर्जा दिया। इसमें असम, नागालैंड और जम्मू-कश्मीर शामिल थे। इसका आधार था इन राज्यों का पिछड़ापन, दुरूह भौगोलिक स्थिति और वहां व्याप्त सामाजिक समस्याएं।

क्या है इसका फायदा?
जब किसी को राज्य को विशेष दर्जा मिलता है तो केंद्र सरकार अपनी तरफ से उसे 90% ग्रांट दे देती है। बाकी 10% बिना ब्याज का लोन देती है। यानी राज्य को सिर्फ केंद्र को 10% रकम की वापस करनी होती है, वो भी बिना किसी ब्याज के। विशेष राज्य को एक्साइज ड्यूटी में भी रियायत मिलती है। इससे बिजनेसमैन इंडस्ट्री लगा सकें।

किस तरह दिया जाता है?
भारतीय संविधान में स्पेशल स्टेटस का प्रावधान है। इस कानून को संसद के दोनों सदनों (लोकसभा-राज्यसभा) ने दो तिहाई बहुमत से पास किया था।

कौन इसको अप्रूव करती है?
स्पेशल कैटेगरी स्टेटस (SCS) देने का अधिकार भारत सरकार का बॉडी नेशनल डेवलपमेंट काउंसिल को है।


किन परिस्थिति में इसे दिया जाता है?
नेशनल डेवलपमेंट काउंसिल इन पैरामीटर पर किसी राज्य को यह दर्जा देता है-
1# पहाड़ी, मुश्किल इलाके और कम संसाधन वाला राज्य
2# कम जनसंख्या घनत्व और अंतरराष्ट्रीय सीमा को शेयर करने वाला राज्य
3# आर्थिक और ढांचागत पिछड़ापन
4# राज्य में इकोनॉमी के हिसाब से माहौल न होना

अभी किन राज्यों के पास ये दर्जा है?
- असम
- नगालैंड
- जम्मू और कश्मीर
- अरुणाचल प्रदेश
- मणिपुर
- मेघालय
- मिजोरम
- सिक्किम
- त्रिपुरा
- उत्तराखंड
- हिमाचल प्रदेश

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसे देने से मना कर दिया है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसे देने से मना कर दिया है।
कश्मीर समेत 11 राज्यों को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया है। कश्मीर समेत 11 राज्यों को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया है।