--Advertisement--

मोदी ने कहा था टैक्स क्रांति, वर्ल्ड बैंक बोला- भारत का GST रेट दुनिया में सबसे ज्यादा

वर्ल्ड बैंक की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का जीएसटी रेट दुनिया में दूसरे सबसे ऊंचा है।

Dainik Bhaskar

Mar 15, 2018, 05:14 PM IST
आम आदमी आज भी जीएसटी काे समझ पाने में नाकाम है। आम आदमी आज भी जीएसटी काे समझ पाने में नाकाम है।

स्पेशल डेस्क. क्या आप जानते हैं कि जीएसटी के नाम पर हम भारतीयों से दुनिया में सबसे ज्यादा टैक्स वसूला जा रहा है। अब याद कीजिए, बीते साल एक जुलाई को संसद सेंट्रल हॉल में पीएम मोदी ने जीएसटी को लॉन्च करते हुए क्या कहा था? उन्होंने कहा था कि ये भारत की पेचीदा टैक्स प्रणाली का सबसे सरल रूप है। ये नई टैक्स क्रांति है। लेकिन आज भी आम आदमी जीएसटी के बारे में कुछ नहीं जानता। अब वर्ल्ड बैंक की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का जीएसटी रेट दुनिया में दूसरे सबसे ऊंचा है। रिपोर्ट में 115 देशों के जीएसटी की तुलना भारत से की थी। वहीं, वर्ल्ड बैंक का ये भी कहना है कि भारतीय सिस्टम ने इसे बेहद जटिल बना दिया है। 14 मार्च को ‘इंडिया डेवलपमेंट अपडेट’ की छमाही रिपोर्ट में बातें कही गई हैं।

क्या है भारत के टैक्स स्लैब की कहानी
- भारत ने एक जुलाई 2017 को अमल में लाए गए जीएसटी के ढांचे में पांच स्लैब 0, 5%, 12%, 18%, and 28% बनाए हैं। सभी चीजें और सर्विस को इसी दायरे में हैं।
- सरकार ने कई चीजों और सर्विस को इसके दायरे से बाहर भी रखा है। इसके अलावा कुछ पर काफी कम टैक्स लगाए गए हैं।
- सोने पर 3% तो कीमती पत्थरों पर 0.25% के रेट से टैक्स लगाया है।

- वहीं, एल्कोहल, पेट्रोलियम प्रोडक्ट, रियल एस्टेट पर लगने वाला स्टाम्प ड्यूटी और बिजली बिल को इससे बाहर रखा गया है।


पाकिस्तान और घाना जैसी हालत
- 115 में 49 देशाें में एक टैक्स स्लैब और 28 देशों में दो स्लैब हैं। वहीं, भारत उन देशों में शामिल है, जहां पांच स्लैब हैं।
- भारत के अलावा इस लिस्ट में इटली, लग्जमबर्ग, पाकिस्तान और घाना जैसे देश है।
- गौर करने वाली बात ये है कि भारत को छोड़कर वर्तमान में चारों देशों की इकोनॉमी डाउन है।

रिपोर्ट में क्या बोला वर्ल्ड बैंक
- भारत में टैक्स रिफंड की रफ्तार धीमी है। इसका असर पूंजी की उपलब्धता पर पड़ सकता है।
- रिपोर्ट में टैक्स प्रणाली के प्रावधानों को अमल में लाने पर होने वाले खर्च को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
- हालांकि भारत की इंटरनेशनल मार्केट में अच्छी साख होने के वजह से भविष्य में स्थिति में सुधार सकती है।
- भारत को टैक्स रेट की संख्या कम करना चाहिए। कानूनी प्रावधान और प्रोसेस को सरल बनाना चाहिए।

आगे की स्लाइड्स में देखें, क्या है जीएसटी, क्याें लागू किया गया? जानें जीएसटी से जुड़ी ऐसी ही आम बातें..

एक जुलाई को संसद के सेंट्रल हॉल में जीएसटी लॉन्च एक जुलाई को संसद के सेंट्रल हॉल में जीएसटी लॉन्च

क्या है GST?
- GST का मतलब गुड्स एंड सर्विसेज टैक्‍स है। इसको केंद्र और राज्‍यों के 17 से ज्‍यादा इनडायरेक्‍ट टैक्‍स के बदले में लागू किया गया है। ये ऐसा टैक्‍स है, जो देशभर में किसी भी गुड्स या सर्विसेज की मैन्‍युफैक्‍चरिंग, बिक्री और इस्‍तेमाल पर लागू होता है।
- इससे एक्‍साइज ड्यूटी, सेंट्रल सेल्स टैक्स (सीएसटी), स्टेट के सेल्स टैक्स यानी वैट, एंट्री टैक्स, लॉटरी टैक्स, स्टैंप ड्यूटी, टेलिकॉम लाइसेंस फीस, टर्नओवर टैक्स, बिजली के इस्तेमाल या बिक्री और गुड्स के ट्रांसपोर्टेशन पर लगने वाले टैक्स खत्म होते हैं।
- सरल शब्‍दों में कहें ताे जीएसटी पूरे देश के लिए इनडायरेक्‍ट टैक्‍स है, जो भारत को एक समान बाजार बनाता है। जीएसटी लागू होने पर सभी राज्यों में लगभग सभी गुड्स एक ही कीमत पर मिलती हैं। अभी एक ही चीज के लिए दो राज्यों में अलग-अलग कीमत चुकानी पड़ती थी। इसकी वजह अलग-अलग राज्यों में लगने वाले टैक्स थे। इसके लागू होने के बाद देश बहुत हद तक सिंगल मार्केट बन गया।

2# आखिर क्या हो जाएगा जीएसटी से?
- जीएसटी यानी गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स। इसे केंद्र और राज्यों के 20 से ज्यादा इनडायरेक्ट टैक्स के बदले लगाया गया है। जीएसटी के बाद एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स, एडिशनल कस्टम ड्यूटी, स्पेशल एडिशनल ड्यूटी ऑफ कस्टम, वैट/सेल्स टैक्स, सेंट्रल सेल्स टैक्स, एटरटेनमेंट टैक्स, ऑक्ट्रॉय एंड एंट्री टैक्स, लग्जरी जैसे टैक्स खत्म हो गए।

 

3# दुनिया में कितने फीसदी तक है जीएसटी?
- जीएसटी 150 देशों में लागू है। लेकिन रेट अलग-अलग हैं।
- जापान में 5%, सिंगापुर में 7%, जर्मनी में 19%, फ्रांस में 19.6% है।
- स्वीडन में 25%, ऑस्ट्रेलिया में 10%, कनाडा में 5%, न्यूजीलैंड में 15% और पाकिस्तान में 18% तक है।

X
आम आदमी आज भी जीएसटी काे समझ पाने में नाकाम है।आम आदमी आज भी जीएसटी काे समझ पाने में नाकाम है।
एक जुलाई को संसद के सेंट्रल हॉल में जीएसटी लॉन्चएक जुलाई को संसद के सेंट्रल हॉल में जीएसटी लॉन्च
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..