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भारत में अमीरी-गरीबी का अंतर बढ़ा, 101 अरबपतियों की संपत्ति GDP के 15% के बराबर हुई: रिपोर्ट

भारत में असमानता (Inequality) तीन दशक से लगातार बढ़ रही है।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Feb 23, 2018, 01:31 PM IST

  • भारत में अमीरी-गरीबी का अंतर बढ़ा, 101 अरबपतियों की संपत्ति GDP के 15% के बराबर हुई: रिपोर्ट
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    रिपोर्ट में अमीरी-गरीबी का अंतर बढ़ने के लिए सरकारी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। -सिम्बॉलिक इमेज

    नई दिल्ली. भारत में असमानता (Inequality) तीन दशक से लगातार बढ़ रही है। पिछले साल अरबपतियों की संपत्ति जीडीपी के 15% तक पहुंच गई। 5 साल पहले उनके पास जीडीपी के 10% के बराबर दौलत थी। ऑक्सफैम इंडिया ने गुरुवार को जारी रिपोर्ट में यह बात कही है। अमीरों की अमीरी और गरीबों की गरीबी बढ़ने के लिए इसने सरकारी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। भारत की जीडीपी 2.6 लाख करोड़ डॉलर यानी करीब 168 लाख करोड़ रुपए है। 2017 में यहां अरबपतियों की संख्या (6,500 करोड़ से ज्यादा नेटवर्थ वाले) 101 थी।

    - ‘इंडिया इनइक्वलिटी रिपोर्ट 2018’ में कहा गया है कि भारत दुनिया के सबसे असमान देशों में है। यहां असमानता का पैमाना कमाई, खर्च और संपत्ति है।
    - रिपोर्ट लिखने वाले प्रो. हिमांशु के मुताबिक, इसे रोकने के लिए ज्यादा कमाई वालों पर ज्यादा टैक्स लगाया जाए। प्रॉपर्टी टैक्स दोबारा लागू हो और विरासत में मिली संपत्ति पर टैक्स लगे।
    - पिछले महीने दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक से पहले ऑक्सफैम ने एक रिपोर्ट जारी की थी। इसमें कहा गया था कि 2017 में भारत में जो संपत्ति पैदा हुई उसका 73% हिस्सा 1% बड़े अमीरों को मिला। जिन मुट्‌ठीभर लोगों के हाथों में संपत्ति है, उनकी अमीरी में भी तेजी से इजाफा हो रहा है।

    2017 में भारत के 67 करोड़ गरीबों की संपत्ति में सिर्फ 1% बढ़ोतरी हुई

    लिबरलाइजेशन: सिर्फ अमीरों को मिला फायदा

    - 50% गरीबों के पास 1991 में 9% संपत्ति थी, 2012 में यह घटकर 5.3% रह गई।

    - टॉप 1% अमीरों के पास 1991 में 17% संपत्ति थी, यह 2012 में बढ़कर 28% हो गई।

    - टॉप 10% अमीर लोगों की संपत्ति की हिस्सा इस दौरान 51% से बढ़कर 63% हो गया।

    - कुल खर्च का 44.7% शीर्ष 20% लोग करते हैं, सबसे कमजोर 20% लोगों का खर्च महज 8.1% है।

    - शहरों में टॉप 10% लोगों का खर्च सबसे गरीब 10% लोगों की तुलना में 19.6 गुना है।

    12 साल पहले अरबपतियों की संपत्ति जीडीपी का 5% थी

    - 2005 में देश के अरबपतियों की संपत्ति जीडीपी के 5% के बराबर थी। 2008 में यह बढ़कर 22% पर पहुंच गई। उसी साल दुनिया की इकोनॉमी में गिरावट आई। इससे 2012 में संपत्ति भी कम हुई और अरबपतियों की संपत्ति जीडीपी की तुलना में 10% रह गई। लेकिन उसके बाद जैसे-जैसे हालात सुधरते गए, इनकी संपत्ति भी बढ़ती गई। 2017 में यह जीडीपी की 15% हो गई है।

    भारत में: एक साल में 20.9 लाख करोड़ रुपए बढ़ गई 1% अमीरों की संपत्ति

    - 2017 में देश में जो संपत्ति पैदा हुई उसका 73% हिस्सा 1% बड़े अमीरों को मिला।
    - 20.9 लाख करोड़ का इजाफा 1% अमीरों की संपत्ति में, 67 करोड़ गरीबों की संपत्ति 1% बढ़ी।

    दुनिया में: सिर्फ 8 लोगों के पास है आधे गरीबों के बराबर संपत्ति

    - 2015 से दुनिया के सबसे अमीर 1% लोगों के पास बाकी लोगों की तुलना में ज्यादा संपत्ति है। बिल गेट्स और जेफ बेजो जैसे 8 सबसे अमीर लोगों की संपत्ति सबसे गरीब आधे लोगों के बराबर है।
    - आने वाले 20 सालों में 500 से ज्यादा लोग अपने वारिसों को 136 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति विरासत में देंगे।
    - 1988 से 2011 के दौरान सबसे गरीब 10% लोगों की संपत्ति 200 रुपए से भी कम और टॉप 1% की कमाई में 182 गुना बढ़ी।

  • भारत में अमीरी-गरीबी का अंतर बढ़ा, 101 अरबपतियों की संपत्ति GDP के 15% के बराबर हुई: रिपोर्ट
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    भारत की जीडीपी 2.6 लाख करोड़ डॉलर यानी करीब 168 लाख करोड़ रुपए है।
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Web Title: India Inequality Report 2018
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