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कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती का 82 साल की उम्र में निधन

कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती का निधन हो गया। वे 82 साल के थे। वे काफी दिनों से बीमार चल रहे थे।

Dainik Bhaskar

Feb 28, 2018, 11:48 AM IST
जयेंद्र सरस्वती कांची कामकोटि पीठ के 69वें मठप्रमुख और शंकराचार्य थे। जयेंद्र सरस्वती कांची कामकोटि पीठ के 69वें मठप्रमुख और शंकराचार्य थे।

चेन्नई. कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती का निधन हो गया। वे 82 साल के थे। वे काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। उन्हें सांस लेने की तकलीफ के चलते बुधवार को कामाक्षी अम्मान मंदिर के नजदीक एक हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था।

1994 में बनाए गए थे शंकराचार्य
- 1994 में जयेंद्र कांची कामकोटि पीठम मठ के 69वें शंकराचार्य बनाए गए थे।
- इसी साल जनवरी में भी तबीयत खराब होने के कारण उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था।

मंदिर के प्रबंधक की हत्या का लगा था आरोप
- 2004 में जयेंद्र सरस्वती पर वरदराज पेरूमल मंदिर के प्रबंधक शंकर रमण की हत्या का आरोप लगा था।
- 9 साल तक चले मामले के बाद कोर्ट ने 2013 में उन्हें बरी कर दिया था।
- आरोप था कि जयेंद्र के इशारे पर मंदिर परिसर में 3 सितंबर 2004 को उनकी हत्या कर दी गई।
- कोर्ट ने फैसले में कहा कि हत्या का मकसद साबित न हो पाने के कारण आरोपियों को दोषी नहीं माना जा सकता। सुनवाई के दौरान मामले के 189 में 80 गवाह अपने बयान से पलट गए थे।

वे 22 मार्च 1954 को चंद्रशेखेंद्ररा सरस्वती स्वामीगल ने के उत्तराधिकारी घोषित हुए थे। उस वक्त उनकी उम्र महज 19 साल थी। वे 22 मार्च 1954 को चंद्रशेखेंद्ररा सरस्वती स्वामीगल ने के उत्तराधिकारी घोषित हुए थे। उस वक्त उनकी उम्र महज 19 साल थी।
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जयेंद्र सरस्वती कांची कामकोटि पीठ के 69वें मठप्रमुख और शंकराचार्य थे।जयेंद्र सरस्वती कांची कामकोटि पीठ के 69वें मठप्रमुख और शंकराचार्य थे।
वे 22 मार्च 1954 को चंद्रशेखेंद्ररा सरस्वती स्वामीगल ने के उत्तराधिकारी घोषित हुए थे। उस वक्त उनकी उम्र महज 19 साल थी।वे 22 मार्च 1954 को चंद्रशेखेंद्ररा सरस्वती स्वामीगल ने के उत्तराधिकारी घोषित हुए थे। उस वक्त उनकी उम्र महज 19 साल थी।
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