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चीन की तरह भारत में भी चाह रहे थे टू चाइल्ड पॉलिसी, फिर सुप्रीम कोर्ट ने कही ये बात

क्या भारत में सिर्फ दो बच्चे ही पैदा करने का कानून पास हो सकता है।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Mar 10, 2018, 07:38 PM IST

चीन की तरह भारत में भी चाह रहे थे टू चाइल्ड पॉलिसी, फिर सुप्रीम कोर्ट ने कही ये बात

स्पेशल डेस्क.क्या भारत में सिर्फ दो बच्चे ही पैदा करने का कानून पास हो सकता है। क्या भारत सरकार चीन की तरह वन चाइल्ड पॉलिसी लेकर आ सकती है। ये बात हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि याचिका में सरकार से ऐसी गुजारिश की गई है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी याचिका को खारिज कर दिया है। क्या है मामला...

- सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को भारत की तेजी से बढ़ती जनसंख्या को रोकने वाली याचिका को खारिज कर दिया है।

- तीन वकीलों की इस पीआईएल में कहा गया है कि जनसंख्या विस्फोट को रोकने के लिए दो बच्चों को पैदा करने की पॉलिसी लागू करे।

- हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि ये सुप्रीम कोर्ट का मामला नहीं है। ये संसद से जुड़ा मसला है और कोर्ट इसमें दखल नहीं दे सकता।

देश में हो सकते हैं सिविल वॉर जैसे हालात
- पीआईएल में कहा गया था कि सरकार को फैमिली प्लानिंग और एडॉप्शन को प्रमोट करना चाहिए।
- जिस तरह से जनसंख्या बढ़ रही है, इससे 2022 तक भारत में सिविल वॉर का खतरा मंडरा रहा है। उस समय भारत की जनसंख्या 1.5 बिलियन को छू लेगी।
- इसमें आगे कहा गया कि केंद्र सरकार को ऐसी पॉलिसी या अवॉर्ड देने चाहिए, जो लोगों को सिर्फ दो ही बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करें।
- जो इस पॉलिसी को तोड़ने की कोशिश करे, उसे सजा भी दी जाए।
- जनसंख्या बढ़ने से बेरोजगारी, गरीबी, अशिक्षा, खराब स्वास्थ्य और प्रदूषण जैसे समस्या होंगी।

क्या थी चीन की वन चाइल्ड पॉलिसी
- चीन में ये सखत कदम 1979 में आबादी पर लगाम लगाने के मकसद से उठाया गया था।
- नीति को लागू करने के लिए वहां बड़े पैमाने पर नसबंदी की गई और जबरन गर्भपात जैसे उपाय अपनाए गए।
- मगर अब वहां बूढ़े लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस बुजुर्ग पीढ़ी को सहारा देने के लिए नौजवान आबादी की कमी हो रही है।
- इसे देखते हुए चीन ने अपनी नीति बदली। उसका अनुमान है कि 2050 तक देश में ऐसे तीन करोड़ अतिरिक्त लोग आ सकेंगे, जो काम करने की उम्र के लोग होंगे।

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