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लोन के लिए आम आदमी की घिस जाती हैं चप्पलें... और यहां ऐसे दे दिया हजारों करोड़ का कर्ज

DainikBhaskar.com | Last Modified - Feb 15, 2018, 02:22 PM IST

बैंकिंग इंडस्ट्री की यह सबसे बड़ी धोखाधड़ी 177.17 करोड़ डॉलर यानी 11,356 करोड़ रुपए की है।
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    स्पेशल डेस्क: कहा जाता है कि सरकारी बैंक से लोन लेने में चप्पलें घिस जाती हैं, ग्रामीण भारत में आमतौर पर होता भी ऐसा ही है। जहां 25 हजार के लोन के लिए भी बैंक 50 बार चक्कर लगवाते हैं और रकम के एवज में पूरा घर गिरवी रकवा लेते हैं, ऐसे में अगर आपको बता चले कि एक बैंक ने 11 हजार करोड़ से ज्यादा का लोन दिया वो भी बिना गांरटी पर, तो तय मानिए की दाल में कुछ काला है, या यूं कहें कि पूरी दाल ही काली है, आपको बताते हैं कि देश के सबसे बड़े बैंक फ्रॉड के बारे में। कौन है नीरव मोदी और कैसे हुई धोखाधड़ी...

    क्या है मामला ?
    बैंकिंग इंडस्ट्री की यह सबसे बड़ी धोखाधड़ी 177.17 करोड़ डॉलर यानी 11,356 करोड़ रुपए की है। इसे मुंबई की ब्रेडी हाउस ब्रांच में अंजाम दिया गया। बैंक ने इस सिलसिले में डायमंड कारोबारी नीरव मोदी, उनकी पत्नी, भाई और बिजनेस पार्टनर के खिलाफ सीबीआई में दो शिकायतें दर्ज कराई हैं। सीबीआई की एफआईआर के आधार पर एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) ने भी मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। बैंक ने भी 10 इम्प्लॉइज सस्पेंड कर दिए हैं।


    ऐसे हुआ फ्रॉड ?
    पीएनबी के कुछ अफसरों ने नीरव मोदी को गलत तरीके से लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) दी। इसी एलओयू के आधार पर मोदी और उनके सहयोगियों ने दूसरे बैंकों से विदेश में कर्ज ले लिया। एलओयू एक तरह की बैंक गारंटी होती है। इसके आधार पर विदेशी बैंक या भारतीय बैंक की विदेशी ब्रांच कर्ज देती हैं। बैंकिंग एक्सपर्ट के मुताबिक, ऐसे मामलों में अंतिम देनदारी एलओयू जारी करने वाले बैंक पर बनती है।

    बैंक अफसरों ने गलत तरीके से दी अंडरटेकिंग

    पीएनबी की शिकायत के मुताबिक, डायमंड का कारोबार करने वाली तीन कंपनियों डायमंड आर यूएस, सोलर एक्सपोर्ट्स और स्टेलर डायमंड्स ने 16 जनवरी को कॉन्टैक्ट किया। नीरव मोदी, उसकी पत्नी, भाई और बिजनेस सहयोगी इन कंपनियों में पार्टनर हैं। ये कंपनियां विदेशी सप्लायरों को भुगतान के लिए शॉर्ट टर्म क्रेडिट (कर्ज) चाहती थीं। अंतरराष्ट्रीय या भारतीय बैंक की इंटरनेशल ब्रांचेज इम्पोर्टर्स को यह क्रेडिट देती हैं। बैंक अधिकारियों ने लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) देने से पहले 100% कैश मार्जिन मांगा। तीनों फर्मों ने कहा कि वे पहले भी यह सुविधा लेती रही हैं, हालांकि बैंक के रिकॉर्ड में ऐसा कहीं नहीं दिखा। मार्च 2010 से बैंक के फॉरेक्स डिपार्टमेंट में कार्यरत डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी ने मनोज खरात नाम के एक अन्य बैंक अधिकारी के साथ मिलकर इन कंपनियों को फर्जी तरीके से एलओयू दे दिया। पकड़ में आने से बचने के लिए उन्होंने इसकी एंट्री भी नहीं की। आंतरिक जांच में पता चला का दोनों अधिकारियों ने पहले भी गलत तरीके से एलओयू दिया था।

    धोखाधड़ी की रकम बैंक के मुनाफे का 8 गुना
    यह रकम 2016-17 में बैंक के 1,325 करोड़ के मुनाफे का 8 गुना, बैंक के 35,365 करोड़ के मार्केट कैप का एक तिहाई और 4.5 लाख करोड़ के कुल कर्ज का 2.5% है।

    सेलेब्रिटी पहनती हैं नीरव मोदी की ज्वेलरी
    इंटरनेशनल ज्वेलरी मार्केट में नीरव मोदी जाना-माना नाम है। उनकी ज्वेलरी को केट विंसलेट, ताराजी हेन्सन, कार्ली क्लॉस और वायोला डेविस जैसी इंटरनेशनल और प्रियंका चोपड़ा, अनुष्का शर्मा जैसी एक्ट्रेस और मॉडल ऑस्कर जैसे समारोह में पहन चुकी हैं। इनमें कई नीरव की ब्रांड एम्बेसडर भी रही हैं। दुनिया के डायमंड कैपिटल एंटवर्प में जन्मे नीरव 'नीरव मोदी' ब्रांड नाम से प्रोडक्ट बेचते हैं। नीरव की नेटवर्थ 11,500 करोड़ रुपए है।

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Web Title: Nirav Modi PNB Fraud Scam
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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