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यहां बेड पर सफेद चादर बिछाकर वर्जिनिटी का सबूत मांगते हैं लोग

यर्वदा के भटनगर में कंजरभट समुदाय है जो सुहागरात के दिन दुल्हन का वर्जिनिटी टेस्ट कराता है।

Dainik Bhaskar

Jan 26, 2018, 01:41 PM IST
सांकेतिक फोटो सांकेतिक फोटो

नेशनल डेस्क. पुणे के पिंपरी में तीन लोगों की इसलिए पिटाई कर दी गई क्योंकि वो सुहागरात पर होने वाली वर्जिनिटी टेस्ट का विरोध कर रहे थे। पीड़ितों ने पिटाई करने वालों के खिलाफ शिकायत की। जिसके बाद 40 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। लेकिन सवाल कि आखिर वो कौन लोग हैं जो सुहागरात के दिन वर्जिनिटी टेस्ट करते हैं। कैसे करते हैं वर्जिनिटी टेस्ट...

यर्वदा के भटनगर में कंजरभट नाम का समुदाय रहता है। समुदाय में सालों से परंपरा रही है कि वो दुल्हनों की सुहागरात पर वर्जिनिटी टेस्ट करते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या किसी ने इसका विरोध नहीं किया।

विरोध में बना 'स्टॉप द वी'
वर्जिनिटी टेस्ट के विरोध में कंजरभट समुदाय के ही कुछ युवाओं ने 'स्टॉप द वी' नाम से एक वॉट्सएप ग्रुप बनाया। जिसमें 50 से ज्यादा लोग जुड़े हुए हैं। इस ग्रुप की मेंबर ने बताया कि वी का मतलब वर्जिनिटी टेस्ट है। इसी ग्रुप के तीन लोगों को पीटा गया है।

कैसे करते हैं वर्जिनिटी टेस्ट
समुदाय की परंपरा के अनुसार सुहागरात से पहले गांव की पंचायत दुल्हन को एक सफेद चादर देती है। फिर सभी लोग दूल्हा-दुल्हन के कमरे के बाहर इंतजार करते हैं। अगले दिन चादर पर लाल धब्बे के निशान मिलते हैं तो दुल्हन टेस्ट में पास हो जाती है। लेकिन अगर चादर पर लाल धब्बे नहीं मिले तो दुल्हन पर शादी से पहले किसी और से संबंध बनाने का आरोप लगता है। इसके बाद उसे कई तरीकों से प्रताड़ित किया जाता है।

इंडोनेशिया में नौकरी के लिए महिलाएं देती हैं वर्जिनिटी टेस्ट
इंडिनेशिया में महिलाओं को मॉर्डर पुलिस फोर्स में भर्ती होने के लिए वर्जिनिटी टेस्ट देना होता है। इस टेस्ट के खिलाफ 2014 में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने एक गाइडलाइन जारी की थी। इंडोनेशिया की मानव अधिकारी संगठन ने इसके खिलाफ कदम उठाए। फिर भी प्रशासन कोई सख्त कदम उठाने में असफल ही रहा।

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