Hindi News »National »Ayodhya Vivad »Latest News» Real Hero Shaheed Major Padmapani Acharya

सीने पर खाई गोलियां, फिर भी पाकिस्तानियों को खदेड़ने में लगा रहा ये वीर सपूत

कारगिल के इस सूरमा पर हमेशा रहेगा नाज

DainikBhaskar.com | Last Modified - Feb 22, 2018, 12:44 PM IST

  • सीने पर खाई गोलियां, फिर भी पाकिस्तानियों को खदेड़ने में लगा रहा ये वीर सपूत
    +3और स्लाइड देखें
    मेजर आचार्य को कई गोलियां लगी थीं, लेकिन वो लड़ते रहे

    स्पेशल डेस्क: पाकिस्तान के खिलाफ करगिल युद्ध में मिली जीत को 18 साल से ज्यादा का वक्त हो गया है। इस जंग में भारतीय सेना ने पाकिस्तान को बुरी तरह खदेड़ा था, हालांकि भारत को जीत की बड़ी कीमत चुकीनी पड़ी थी, हमारे 527 जाबाज सैनिक शहीद हो गए थे, वहीं 1300 से ज्यादा सैनिक घायल हुए थे। ऐसे ही एक वीर सपूत थे मेजर पद्मपाणि आचार्य। मेजर पद्मपाणि करगिल वॉर के दौरान दुश्मन की गोलाबारी में शहीद हो गए थे। पद्मपाणि पिता बनने वाले थे कि करगिल युद्ध शुरू हो गया...

    मेजर पद्मपाणि आचार्य
    21 जून, 1968 को हैदराबाद में जन्मे पद्मपाणि ने उस्मानिया विश्वविद्यालय से स्नातक किया था। पद्मापणि 1993 में सेना में शामिल हुए। मद्रास में ट्रेनिंग के बाद पद्मपाणि को राजपूताना रायफल में कमीशन मिला। 1996 में पद्मपाणि की शादी हुई थी। वो पिता बनने वाले थे कि करगिल युद्ध शुरू हो गया।

    कारगिल में मेजर पद्मपाणि का पराक्रम
    28 जून 1 999 को, राजपूताना राइफल्स के मेजर पद्मपनी आचार्य को कंपनी कमांडर के रूप में दुश्मन के कब्जे वाली अहम चौकी को आजाद कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई। यहां दुश्मन न सिर्फ अत्याधुनिक हथियारों से लैस था बल्कि माइंस बिछा कर रखी हुई थी। मेजर पद्मपाणि की अगुवाई में फोर्स ने फायरिंग और गोलों की बारिश के बीच अपना अभियान जारी रखा। मेजर पद्मपाणि को कई गोलियां लग चुकी थीं इसके बावजूद वो आगे बढ़ते रहे और बहादुरी और साहस से पाकिस्तानियों को खदेड़ कर चौकी पर कब्जा किया, हालांकि खुद मेजर पद्मपाणि इस मिशन को पूरा करने के बाद शहीद हो गए। मेजर पद्मपाणि को पराक्रम के लिए मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया।

    बेटे की शहादत पर फख्र
    पद्मपाणि के पिता जगन्नाथम भारतीय वायुसेना में थे और अब रिटायर हो चुके हैं। उन्हें अपने बेटे की शहादत पर गर्व होता है। पद्मपाणि का छोटा भाई कैप्टन संभव आचार्य भी सेना में है।

  • सीने पर खाई गोलियां, फिर भी पाकिस्तानियों को खदेड़ने में लगा रहा ये वीर सपूत
    +3और स्लाइड देखें
    बेहद कठिन अभियान पर भेजे गए थे मेजर आचार्य
  • सीने पर खाई गोलियां, फिर भी पाकिस्तानियों को खदेड़ने में लगा रहा ये वीर सपूत
    +3और स्लाइड देखें
    बेटे की शहादत पर मेजर आचार्य के पिता फख्र है
  • सीने पर खाई गोलियां, फिर भी पाकिस्तानियों को खदेड़ने में लगा रहा ये वीर सपूत
    +3और स्लाइड देखें
    जब जंग शुरू हुई तब पिता बनने वाले थे मेजर आचार्य
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
India Result 2018: Check BSEB 10th Result, BSEB 12th Result, RBSE 10th Result, RBSE 12th Result, UK Board 10th Result, UK Board 12th Result, JAC 10th Result, JAC 12th Result, CBSE 10th Result, CBSE 12th Result, Maharashtra Board SSC Result and Maharashtra Board HSC Result Online

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए India News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Real Hero Shaheed Major Padmapani Acharya
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Latest News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×