Hindi News »National »Ayodhya Vivad »Latest News» That Was Not Mosque, Kar Sevak Demolished Hindu Temple, Says Saraswati Shankaracharya, अयोध्या, शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती

कार सेवकों ने अयोध्या में बाबरी मस्जिद नहीं, मंदिर तोड़ा था

छह दिसंबर 1992 का दिन कौन भूल सकता है। इस दिन कारसेवकों ने अयोध्या में बाबरी ढांचा गिराया दिया था।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Mar 19, 2018, 03:59 PM IST

  • कार सेवकों ने अयोध्या में बाबरी मस्जिद नहीं, मंदिर तोड़ा था
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    स्पेशल डेस्क.छह दिसंबर 1992 का दिन कौन भूल सकता है। इस दिन कारसेवकों ने अयोध्या में विवादित ढांचा गिरा दिया था। घटना के बाद देश के कई हिस्सों में दंगे भी हुए। लेकिन अब इस मामले में द्वारका पीठ के जगतगुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के बयान ने सनसनी फैला दी है। उन्होंने कहा है कि रामजन्मभूमि में मस्जिद कभी थी ही नहीं और छह दिसंबर को कार सेवकों ने मस्जिद नहीं बल्कि मंदिर गिराया था। क्या कहा शंकराचार्य सरस्वती ने?...

    - शंकराचार्य का मानना है कि बाबरी मस्जिद का कोई ढांचा दरअसल था ही नहीं। कार सेवकों ने मंदिर गिराया था।
    - उन्होंने कहा कि रामजन्मभूमि में मस्जिद कभी थी ही नहीं। कोई ऐसा चिह्न नहीं था, जिससे उसे मस्जिद कहा जा सके।
    - न तो बाबरनामा में और न ही आइने अकबरी में ऐसा कोई विवरण उपलब्ध होता है, जिससे ये बात सिद्ध हो कि बाबर ने अयोध्या में किसी मस्जिद का निर्माण किया था।
    - सरस्वती ने बताया कि अदालत के आदेश के बाद हम अयोध्या में विवादित रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद में भव्य राम मंदिर बनाएंगे।

    HC ने विवादित जमीन 3 हिस्सों बांटने का दिया था ऑर्डर

    - इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विवादित 2.77 एकड़ जमीन 3 बराबर हिस्सों में बांटने का ऑर्डर दिया था। अदालत ने रामलला की मूर्ति वाली जगह रामलला विराजमान को दी। सीता रसोई और राम चबूतरा निर्मोही अखाड़े को और बाकी हिस्सा मस्जिद निर्माण के लिए सुन्नी वक्फ बोर्ड को दिया था।

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