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जानें पीरियड्स में कितनी बार बदलना चाहिए सैनेटरी पैड, भूल से भी न करें ये गलतियां

अभी भी दुकानों पर सैनेटरी पैड अखबारों में लपेट कर बेचे जाते हैं।

Danik Bhaskar | Mar 13, 2018, 11:29 AM IST

हाल के दिनों में सोशल मीडिया की वजह से कई बदलाव आए हैं। लड़कियां खुलकर पीरियड्स के बारे में बोलने और लिखने लगी हैं, लेकिन अभी समाज का एक बड़ा तबका है, जिसे पीरियड्स के बारे में अभी जागरुक करने की जरूरत है। इसी कड़ी में आज हम महिलाओं के स्वास्थ और उनकी हाइजीन के बारे में बता रहे हैं। हम बता रहे हैं कि पीरियड्स के दौरान किन बातों का ख्याल रखकर महिलाएं अपने आपको स्वस्थ और ताजा रख सकती हैं।

पीरियड्स के दौरान महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव आते हैं। रक्त स्त्राव होता है। ऐसे में महिलाओं को अपने निजी अंगों की साफ-सफाई पर खास ध्यान देना चाहिए, लेकिन कभी चिड़चिड़ेपन तो कभी लारपवाही की वजह से महिलाएं इसपर ठीक से ध्यान नहीं दे पाती हैं। पीरियड्स के दौरान ऐसी लापरवाही बाद में आप पर भारी पड़ सकती है।

कितनी बार बदलें पैड

कई हेल्थ साइट्स कहती हैं कि पीरियड्स के दिनों में लगभग चार घंटे में पैड बदल लेना चाहिए।वहीं, 'द हेल्थ साइट' की एक रिपोर्ट के अनुसार डॉ उमा वैद्यनाथन जो कि नई दिल्ली स्थित मैक्स हॉस्पिटल की स्त्री रोग विषेशज्ञ और ओब्स्टेट्रीशियन कहती हैं कि पीरियड का ब्लड मे काफी बदबूदार होता है। अगर समय-समय पर पैड न बदला जाए तो पैड की वजह से महिलाओं को इंफेक्शन, रैसेज जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

उन्होंने बताया कि ऐसे चांसेस हालांकि कम हैं, लेकिन कई बार पैड न बदलने की वजह से टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम (TSS) नाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है। डॉ.विद्यानाथन के मुताबिक महिलाओं को समय-समय पर पैड बदलते रहना चाहिए। इसके लिए कोई निश्चित अंतराल नहीं है। खासकर पीरियड के पहले तीन दिन तो महिलाओं को इस बात का ख्याल रखना चाहिए। पैड बदलने को लेकर डॉ विद्यानाथन ने बताया कि इसके लिए कोई निश्चित समयसीमा नहीं है।

ब्लड फ्लो के मुताबिक महिलाओं को अपने पैड को बदलते रहना चाहिए। वहीं पैड की क्वालिटी और उसकी क्षमता पर भी ये निर्भर करता है। हालांकि, आपके खून का प्रवाह अंतिम या आखिरी के दो दिनों में कम हो जाता है तब आप अपने पैड को केवल दो बार या तीन बार बदल सकते हैं परन्तु जब आखिरी दिनों में खून का प्रवाह बिलकुल ही काम हो जाये तो आप इसे दिन में दो बार बदल सकते हैं। वहीं पीरियड के पांचवे और छठे दिन जब वो अपने आखिरी पड़ाव में हो तो आप एहतियात के तौर पर पैड को अपने साथ कैरी कर सकती है।

आगे जानें कैसी गलतियां पड़ सकती हैं पीरियड्स में भारी

पीरियड्स के दौरान प्राइवेट पार्ट्स की साफ-सफाई में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि मेन्स्ट्रूअल ब्लड शरीर से बाहर निकलने के बाद दूषित हो जाता है। दूषित रक्त के साथ पैड वैजाइना और पसीने के माध्यम से कीटाणुओं के संपर्क में आता है। अगर ये स्थिति लंबे वक्त तक बनी रहती हैं तो नमी और गर्मी की वजह से आपको रैशेज और वैजाइनल इंफेक्शन जैसी समस्याएं हो सकती है। आपको बता दें कि अगर आप टैम्पोन का इस्तेमाल करती हैं तो अधिक सावधानी की जरूरत है, क्योंकि लंबे समय तक टैम्पोन अगर पड़ा रहे तो टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम या टीएसएस जैसी स्थिति बन सकती है। इसे दो घंटे में बदल लेना चाहिए।

इन चीजों का न करें इस्तेमाल

पहले पीरियड्स के दौरान महिलाएं, राख, पत्ते, कपड़ा, भूसा जैसी चीजों का इस्तेमाल करती थीं, लेकिन धीरे-धीरे जागरूकता के साथ ये चीजें खत्म हो रही हैं, लेकिन अभी भी कई महिलाएं ऐसी हैं, जो पीरियड्स के दौरान कपड़े का इस्तेमाल कर लेती हैं। सिर्फ गांवों और कस्बों में नहीं बल्कि शहरों में भी ऐसी कई महिलाएं हैं जो पीरियड्स के दौरान कपड़े के इस्तेमाल करती हैं। आपको बता दें कि ऐसा करने से महिलाओं में वेजाइनल इंफ़ेक्शन का खतरा कई गुणा बढ़ जाता है। इसलिए ये गलती कभी भी भूल कर न करें।

पीरियड्स के समय रखें इन बातों का ध्यान

1.पीरियड्स के दौरान सैनेटरी पैड का चुनाव करते वक्त महिलाओं को कुछ बातों का ध्यान अवश्य रखना चाहिए। जैसे पैड हमेशा अच्छी क्वालिटी का इस्तेमाल करना चाहिए।

 

2. सैनेटरी पैड हमेशा हल्का होना चाहिए।

 

3. हमेशा एक ही सैनेटरी पैड या टैम्पॉन का इस्तेमाल करना चाहिए। कई बार हैवी ब्लीडिंग को रोकने के लिए महिलाएं एक साथ एक से अधिक पैड्स का इस्तेमाल कर लेती हैं, जो कि सेहत के लिए ख़तरनाक होता है। एक समय में एक ही चीज़ का इस्तेमाल ‌करना चाहिए।

 

4. सैनेटरी पैड को इस्तेमाल करने के बाद उसे सही तरीके से फेंकना भी जरूरी है, वरना वो बीमारी की वजह बन सकता है। इस्तेमाल किए गए सैनेटरी पैड को कागज में लपेटने के बाद ही कूड़ेदान में फेंकना चाहिए।

 

5. सैनेटरी पैड बदलने के बाद हर बाद अच्छी तरह से हाथ धोना जरूरी है वरना इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।