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आज मदर्स डे...कैसे बन सकते हैं सिंगल पैरेंट...5 स्टेप की है प्रॉसेस

Dainik Bhaskar

May 13, 2018, 12:02 AM IST

आज मदर्स डे है। महिलाएं चाहें तो वे बच्चा एडॉप्ट करके सिंगल पैरेंट बन सकती हैं।

Mother's Day, Adoption Rules in India

न्यूज डेस्क। आज मदर्स डे है। महिलाएं चाहें तो वे बच्चा एडॉप्ट करके सिंगल पैरेंट बन सकती हैं। बच्चा एडॉप्ट करने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो चुकी है। चाइल्ड एडॉप्शन के लिए काम करने वाली संस्था सेवा भारती मातृछाया की काउंसलर प्रीति साहू ने बताया कि अब चाइल्ड एडॉप्शन के लिए इधर-उधर चक्कर नहीं लगाने होते। मिनिस्ट्री ऑफ वुमन एंड चाइल्ड केयर के तहत सेंट्रल अडॉप्शन रिर्सोस अथॉरिटी (CARA) के जरिए एडॉप्शन के लिए ऑनलाइन ही प्रॉसेस किया जा सकता है। हम बता रहे हैं इसकी स्टेप बाय स्टेप प्रॉसेस।

क्या है पूरा प्रोसीजर....

स्टेप 1 : रजिस्ट्रेशन

> कोई भी पैरेंट सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी (CARA) की वेबसाइट cara.nic.in पर जाकर चाइल्ड एडॉप्शन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा सकता है। रजिस्ट्रेशन के वक्त आपको लोकल एजेंसी को सिलेक्ट करना होगी। जिस भी एरिया में आप रहते हैं, वहां काम करने वाली एजेंसी का नाम ऑनलाइन सिलेक्ट करना होगा। सभी रिकग्नाइज्ड एजेंसी के नाम कारा की वेबसाइट पर दर्ज हैं।

स्टेप 2 : वेरिफिकेशन
> रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद होम सर्वे होता है। यह सर्वे लोकल एजेंसी द्वारा किया जाता है। एजेंसी वेरिफिकेशन करती है। क्राइटेरिया चेक किया जाता है। जैसे, पैरेंट्स की उम्र 45 साल या इससे कम है तो उन्हें 0 से 2 साल की उम्र का बच्चा दिया जा सकता है। 45 से 50 साल के बीच उम्र है तो उन्हें 2 से 4 साल का बच्चा दिया जा सकता है। 50 से 55 साल के बीच उम्र है तो 8 से 18 साल की उम्र का बच्चा दिया जा सकता है।

वेटिंग जनरेट होगा, देखिए अगली स्लाइड में...

Mother's Day, Adoption Rules in India

स्टेप 3 : वेटिंग 

 
> फिर वेटिंग जनरेट होता है। फिर कुछ समय बाद प्रोफाइल पर ऑनलाइन ही चाइल्ड रिफलेक्ट होते हैं। इसमें बच्चे की पूरी डिटेल, फोटो होती है। यदि बच्चा पसंद है तो 48 घंटों में उसे रिजर्व करना होता है। संबंधित एजेंसी में 20 दिनों के अंदर जाकर फिजिकली भी बच्चे 

को देखा जा सकता है। 

 

स्टेप 4 : प्री-एडॉप्शन प्रॉसेस


> एजेंसी के कंसर्न ऑफिसर आपको पूरे प्रोसीजर के बारे में बताएंगे। पैरेंटिंग और एडॉप्शन को लेकर आपको अनुभवी कंसल्टेंट्स आप से कंसल्ट करेंगे। यह प्रोसीजर सिंगल पैरेंट्स या चाइल्डलेस कपल्स के लिए काफी हेल्पफुल होता है। 

 

स्टेप 5 :  एडॉप्शन प्रॉसेस


> इसके बाद एडॉप्शन कमेटी केस को देखती है। सबकुछ सही होने पर बच्चे को हैंडओवर कर दिया जाता है और कोर्ट में केस लगाया जाता है। कोर्ट का प्रोसीजर 2 महीने का होता है। इसके बाद कानूनी तौर पर बच्चे को पैरेंट्स को सौंप दिया जाता है। फीमेल को बेटी और बेटा दोनों में से कोई भी मिल सकता है जबकि मेल पैरेंट को सिर्फ लड़का ही दिया जाता है। होम सर्वे के दौरान 6 हजार रुपए 

जमा करना होते हैं।

 

> एडॉप्शन के वक्त 40 हजार रुपए फीस लगती है। यह दो पार्ट में देना होती है। एक बार 24 हजार रुपए और दूसरी बार 16 हजार रुपए लगते हैं।

 

> एडॉप्शन के बाद अगले दो साल में लोकल एजेंसी चार होम विजिट करती है। एक विजिट के 2 हजार रुपए देना होते हैं। इस तरह चार विजिट के कुल 8 हजार रुपए लगते हैं। इस तरह पूरी प्रोसीजर में कुल 54 हजार रुपए फीस के तौर पर देना होते हैं। 

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