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कौन हैं डॉ. गुलेरिया जो 20 साल से कर रहे थे अटलजी का इलाज? बेहतरीन सेवा के लिए मिल चुका है पद्मश्री

डॉ. गुलेरिया ने 1992 में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर डिपार्टमेंट आॅफ मेडिसिन जॉइन किया था।

Danik Bhaskar | Aug 16, 2018, 06:28 PM IST
डॉ. गुलेरिया ने 1992 में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर डिपार्टमेंट आॅफ मेडिसिन जॉइन किया था। एम्स में भारत के पहले पल्मोनरी मेडिसिन एंड स्लीप डिसआॅर्डर सेंटर की शुरुआत करने का श्रेय इन्हीं को जाता है। डॉ. गुलेरिया ने 1992 में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर डिपार्टमेंट आॅफ मेडिसिन जॉइन किया था। एम्स में भारत के पहले पल्मोनरी मेडिसिन एंड स्लीप डिसआॅर्डर सेंटर की शुरुआत करने का श्रेय इन्हीं को जाता है।

नई दिल्ली. 94 साल के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का गुरुवार को एम्स नई दिल्ली में निधन हो गया। लंबे समय से किडनी और यूरिनरी इंफेक्शन के कारण बीमार चल रहे वाजपेई की एम्स डायरेक्टर और देश के जाने माने चिकित्सक डॉ. रणदीप गुलेरिया की निगरानी में देखरेख की जा रही थी। हिमाचल प्रदेश के रहने वाले डॉ. गुलेरिया पहले भी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की देखरेख कर चुके हैं। डॉ. रणदीप गुलेरिया पल्मोनरी मेडिसिन और स्लीप डिसऑर्डर विशेषज्ञ हैं और 1998 से अटल बिहारी वाजपेई के पर्सनल फिजिशियन हैं। इसके अलावा भारत सरकार ने इन्हें कई बड़ी पर्सनैलिटी को सेहतमंद रखने का जिम्मा दिया है। इनमें नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री सुशील कोईराला भी शामिल हैं।

जानते हैं पद्मश्री डॉ. गुलेरिया से जुड़ी खास 8 बातें...

1. गुलेरिया देश के पहले डॉक्टर हैं, जिन्होंने पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन में डीएम की डिग्री हासिल की थी। इन्होंने मेडिकल की पढ़ाई चंडीगढ़ के पोस्ट ग्रेज्युएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च से की है।

2. डॉ. गुलेरिया ने 1992 में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर डिपार्टमेंट आॅफ मेडिसिन जॉइन किया था। एम्स में देश का पहला पल्मोनरी मेडिसिन एंड स्लीप डिसआॅर्डर सेंटर की शुरुआत करने का श्रेय इन्हीं को जाता है। जिसकी शुरुआत 2011 में की थी।

3. रेस्पिरेट्री मसल फंक्शन, लंग्स कैंसर, अस्थमा, सीओपीडी में योगदान और 400 से अधिक नेशनल और इंटरनेशनल पब्लिकेशंस में प्रकाशित रिसर्च के लिए 2015 भारत सरकार ने पद्मश्री से नवाजा।

4. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति संबंधी समिति (एसीसी) ने उन्हें पांच साल के लिए एम्स का नया निदेशक नियुक्त किया है। इसके अलावा भारत में नई बीमारियों का पता लगाने और नेशनल लेवल पर एंटीबायोटिक के रसिस्टेंस को कंट्रोल करने वाली कमेटी के मेंबर भी हैं।

5. डॉ. गुलेरिया के पिता जगदेव सिंह गुलेरिया एम्स के डीन रह चुके हैं। ये उस दौर की बात है जब पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को गोली लगने के बाद एम्स में भर्ती किया गया था। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) में 2010-13 तक बतौर एडवाइजर भी काम कर चुके हैं।

6. इन दिनों रेस्पिरेट्री और कार्डियोवैस्कुलर कंडिशन का आपस में सम्बंध तलाशने के अलावा एयर क्वावालिटी पर स्टडी कर रहे हैं। इसके अलावा वे भारत की May Key कमेटी के मेंबर हैं और इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) वियना में रेडिएशन प्रोटेक्शन पर बतौर कंसल्टेंट काम कर रहे हैं।

7. 298 रिसर्च और 36 किताबों के लिए इन्हें राज नंदा ट्रस्ट और रॉयल कॉलेज आॅफ फिजिशियन लंदन की ओर से फेलोशिप दी जा चुकी है। 53 डॉक्टर्स ने एम्स डायरेक्टर के पद के लिए अप्लाई किया था जिसमें से डॉ. गुलेरिया का सेलेक्शन निदेशक पद के लिए हुआ था।

8. डॉ. गुलेरिया देश की कई बड़ी पो​लिटिकल पर्सनैलिटीज का ट्रीटमेंट कर चुके हैं। इनमें वित्त मंत्री अरुण जेटली और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज शामिल हैं। इनके अलावा नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री सुशील कोईराला का भी इलाज कर चुके हैं।

डॉ. गुलेरिया देश के पहले डॉक्टर हैं, जिन्होंने पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन में डीएम की डिग्री हासिल की थी। डॉ. गुलेरिया देश के पहले डॉक्टर हैं, जिन्होंने पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन में डीएम की डिग्री हासिल की थी।