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93 साल के अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत में काफी सुधार: एम्स, योगी हाल जानने पहुंचे

वाजपेयीजी को 11 जून को एम्स में भर्ती किया गया था।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Jun 13, 2018, 10:27 PM IST

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    अटल बिहारी वाजपेयी तीन बार भारत के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। -फाइल

    - डॉक्टरों ने कहा कि वाजपेयीजी की हृदय गति, ब्लड प्रेशर और किडनी नॉर्मल है

    - वाजपेयीजी का हाल जानने के लिए सोमवार को नरेंद्र मोदी, राजनाथ, शाह और राहुल गांधी एम्स पहुंचे थे

    नई दिल्ली.एम्स में भर्ती पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत में सुधार हो रहा है। बुधवार को शाम 4 बजे जारी मेडिकल बुलेटिन के दौरान डॉक्टरों ने कहा कि पिछले 48 घंटों के दौरान उनकी हालत काफी बेहतर हुई है। किडनी, हृदय गति, ब्लड प्रेशर सभी नॉर्मल है। डॉक्टरों ने उम्मीद जताई कि अगले कुछ दिनों में वाजपेयीजी पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। बुधवार को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनका हाल जानने पहुंचे। वाजपेयीजी को 11 जून को एम्स में भर्ती किया गया था।

    11 जून को एम्स में किए गए थे भर्ती

    - वाजपेयीजी को 11 जून को यूरिन में इंफेक्शन के चलते दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पहले बताया जा रहा था कि उन्हें रुटीन चेकअप के लिए लाया गया है।
    - पूर्व प्रधानमंत्री से मिलने के लिए नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी, अमित शाह राजनाथ सिंह, लालकृष्ण आडवाणी, विजय गोयल समेत कई केंद्रीय मंत्री पहुंचे थे।

    पिछली बार 2015 में सामने आई थी उनकी तस्वीर
    - वाजपेयीजी की तस्वीर पिछली बार 2015 में सामने आई थी। तब तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए वाजपेयी को घर जाकर भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया था।

    तीन बार प्रधानमंत्री बने
    1) वाजपेयी सबसे पहले 1996 में 13 दिन के लिए प्रधानमंत्री बने। बहुमत साबित नहीं कर पाने की वजह से उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।
    2) दूसरी बार वे 1998 में प्रधानमंत्री बने। सहयोगी पार्टियों के समर्थन वापस लेने की वजह से 13 महीने बाद 1999 में फिर आम चुनाव हुए।
    3) 13 अक्टूबर 1999 को वे तीसरी बार प्रधानमंत्री बने। इस बार उन्होंने 2004 तक अपना कार्यकाल पूरा किया।

    2005 में सक्रिय राजनीति से संन्यास लिया
    - अटल बिहारी वाजपेयी ने 2005 में मुंबई में एक रैली में ऐलान कर दिया कि वे सक्रिय राजनीति से संन्यास ले रहे हैं और लालकृष्ण अाडवाणी और प्रमोद महाजन को बागडोर सौंप रहे हैं।
    - उस वक्त प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि वाजपेयी मौजूदा राजनीति के भीष्म पितामह हैं।

    2009 में तबीयत बिगड़ी, वेंटिलेटर पर रखा गया
    - 2009 में वाजपेयी की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सांस लेने में दिक्कत के बाद कई दिन वेंटिलेटर पर रखा गया। हालांकि, बाद में वे ठीक हो गए और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
    - बाद में कहा गया कि वाजपेयी लकवे के शिकार हैं। इस वजह से वे किसी से बोलते नहीं हैं। बाद में उन्हें स्मृति लोप भी हो गया। उन्होंने लोगों को पहचानना भी बंद कर दिया।


    1924 में ग्वालियर में जन्मे, मूल रूप से कवि और शिक्षक
    - वाजपेयी मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 25 दिसंबर 1924 को जन्मे। वे मूलत: कवि हैं और शिक्षक भी रह चुके हैं।
    - 1951 में जनसंघ की स्थापना हुई और अटलजी ने चुनावी राजनीति में प्रवेश किया। 1975-77 के आपातकाल के दौरान वे गिरफ्तार किए गए।
    - 1977 के बाद जनता पार्टी की मोरारजी देसाई की सरकार में वे विदेश मंत्री भी रहे।
    - 1980 में उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी के साथ मिलकर भारतीय जनता पार्टी की नींव रखी।

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    अटल बिहारी वाजपेयी को 2015 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उनके घर जाकर उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया। -फाइल
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