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एअर इंडिया को देना पड़ सकता है 60 करोड़ जुर्माना, उड़ान में 6 घंटे की देरी से यात्रियों को हुई थी परेशानी

खराब मौसम की वजह से दिल्ली-शिकागो की उड़ान डायवर्ट करनी पड़ी थी।

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 01:27 PM IST
डीजीसीए के निर्देशों की वजह से एयर इंडिया के 323 यात्री परेशान हुए- फाइल डीजीसीए के निर्देशों की वजह से एयर इंडिया के 323 यात्री परेशान हुए- फाइल

  • डीजीसीए के नियमों की वजह से 6 घंटे रुकी रही इंटरनेशनल फ्लाइट
  • अमेरिकी नियमों के मुताबिक 4 घंटे से ज्यादा ऑन बोर्ड डिले पर लगती है पेनल्टी

नई दिल्ली. उड़ान में देरी की वजह से एअर इंडिया को 60 करोड़ रुपए का जुर्माना चुकाना पड़ सकता है। 9 मई को दिल्ली-शिकागो फ्लाइट में देरी की वजह से एयरलाइंस को अमेरिकी नियमों के मुताबिक ये जुर्माना भरना पड़ सकता है। फ्लाइट में 323 पैसेंजर थे, जिन्हें देरी की वजह से काफी परेशानी हुई थी। डीजीसीए की ओर से फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट (एफडीटीएल) में छूट वापस लेने की वजह से एअर इंडिया को इस तरह के हालातों का सामना करना पड़ा।

प्रति यात्री 18,42,500 रुपए जुर्माने का नियम
- अमेरिकी नियमों के मुताबिक इस तरह के मामलों में प्रति यात्री 27,500 डॉलर ( करीब 18,42,500 रुपए) जुर्माना लगता है। फ्लाइट में कुल 323 पैसेंजर थे। ऐसे में कुल जुर्माना राशि 8.8 मिलियन डॉलर (60 करोड़ रुपए) होती है।

क्या है पूरा मामला
- 9 मई को फ्लाइट एआई 127 ने दिल्ली से शिकागो के लिए उड़ान भरी थी। टेक ऑफ के 16 घंटे में फ्लाइट को शिकागो में लैंड करना था। खराब मौसम की वजह से तय समय पर लैंडिंग नहीं हो पाई।
- फ्लाइट डायवर्ट कर मिल्वॉकी में लैंडिंग करवाई गई। इसकी वजह से 16 घंटे का सफर 22 घंटे में हुआ। मिल्वॉकी में लैंडिंग के बाद वापस उड़ान भरकर फ्लाइट 2 घंटे में शिकागो पहुंच सकती थी लेकिन डीजीसीए के निर्देश आड़े आ गए। स्टाफ की ड्यूटी खत्म हो गई थी और निर्देशानुसार फ्लाइट में मौजूद क्रू मेंबर्स को उस दिन एक ही लैंडिंग की इजाजत थी।

दूसरा स्टाफ बुलवाया, 6 घंटे बाद उड़ान भरी
- एयरलाइंस को सड़क मार्ग से दूसरे क्रू मेंबर्स बुलवाने पड़े। 6 घंटे तक 323 यात्री फ्लाइट के अंदर बैठे रहे। 6 घंटे बाद शिकागो के लिए फ्लाइट टेक ऑफ हुई जबकि फ्लाइट के जरिए मिल्वॉकी से शिकागो पहुंचने में सिर्फ 19 मिनट लगते हैं।

अमेरिकी गाइडलाइंस का किया उल्लंघन
- अमेरिकी नियमों के मुताबिक इस मामले में एअर इंडिया की गलती है। वहां नियम है कि अगर इंटरनेशनल पैसेंजर फ्लाइट के अंदर चार घंटे से ज्यादा इंतजार करते हैं तो एयरलाइंस टार्मेक डिले की दोषी होती है।

एयर इंडिया ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है
- डीजीसीए के नियमों के खिलाफ एअर इंडिया और फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस 15 मई को याचिका दायर की है। इसमें 18 अप्रैल के डीजीसीए के उन निर्देशों में बदलाव की मांग की गई है जिनके तहत फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट में बदलाव की इजाजत नहीं है। इस याचिका पर कोर्ट ने केंद्र सरकार और डीजीसीए से जवाब मांगा है।
- एयरलाइंस अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल इमरजेंसी और दूसरी परिस्थितियों में फ्लाइट डायवर्ट करना आम बात है। ऐसे में नियमों में छूट होनी चाहिए।

323 यात्रियों में 41 व्हीलचेयर सपोर्ट वाले थे
- फ्लाइट पैसेंजर्स में 41 व्हील वाले थे जबकि दो शिशु शामिल थे। एक ऑटिज्म पीड़ित बच्ची भी यात्रा कर रही थी, ये उसका पहला हवाई सफर था। ऐसे हालातों से बच्ची परेशान हो गई और मेडिकल स्टाफ बुलाना पड़ा।
- फ्लाइट डायवर्ट होने की वजह से मिल्वॉकी एयरपोर्ट पर भी अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। इस मामले से शिकागो में पूरे ऑपरेशन पर असर पड़ा और वहां से दिल्ली की उड़ान में 28 घंटे की देरी हुई।

डीजीसीए के खिलाफ एयर इंडिया और एफआईए ने कोर्ट में याचिका दायर की है।- फाइल डीजीसीए के खिलाफ एयर इंडिया और एफआईए ने कोर्ट में याचिका दायर की है।- फाइल