Hindi News »National »Latest News »National» Airforce Second Jaguar Crash In Three Days In Gujrat

चार दिन में दूसरा जगुआर एयरक्राफ्ट दुर्घटनाग्रस्त, लैंडिंग के वक्त रनवे पर 500 फीट तक फिसला

इससे पहले गुजरात के कच्छ में 5 जून को भारतीय वायुसेना का जगुआर एयरक्राफ्ट दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Jun 08, 2018, 04:11 PM IST

  • चार दिन में दूसरा जगुआर एयरक्राफ्ट दुर्घटनाग्रस्त, लैंडिंग के वक्त रनवे पर 500 फीट तक फिसला, national news in hindi, national news
    +1और स्लाइड देखें
    यह फोटो एयरफोर्स के जगुआर एयरक्राफ्ट का है, जो 5 जून को क्रैश हो गया था। इस हादसे में एयर कमोडोर संजय चौहान शहीद हो गए थे।

    अहमदाबाद.गुजरात के जामनगर एयरबेस पर एयर फोर्स का जगुआर एयरक्राफ्ट शुक्रवार को दुर्घटनाग्रस्त गया। इसमें किसी को नुकसान नहीं पहुंचा है। पायलट क्रैश होने के पहले ही सुरक्षित बाहर निकल गया। चार दिन में यह दूसरा हादसा है। इससे पहले 5 जून को कच्छ में जगुआर एयरक्राफ्ट दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में एयर कमोडोर रैंक के अफसर संजय चौहान शहीद हो गए थे। एयरफोर्स ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए गए।

    एयर बेस पर 500 फीट तक फिसल गया एयरक्राफ्ट

    - वायुसेना के प्रवक्ता ने बताया कि हादसा शुक्रवार सुबह 9.20 बजे हुआ। लैंडिंग से पहले पायलट को विमान में खराबी का अंदाजा हो गया था। इसलिए एयर कमोडोर रैंक के अफसर ने खुद को बाहर निकल लिया और उनकी जान बच गई।

    - एजेंसी ने सूत्रों को हवाले से बताया कि हादसे के पहले वह रनवे पर करीब 500 फीट तक फिसल गया।

    चार दिन में दूसरा हादसा
    - गुजरात के कच्छ में 5 जून को भारतीय वायुसेना का जगुआर एयरक्राफ्ट दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में एयर कमोडोर रैंक के अफसर संजय चौहान शहीद हो गए थे। एयरक्राफ्ट ने रूटीन ट्रेनिंग के लिए जामनगर से उड़ान भरी थी। इस हादसे की जांच के भी कोर्ट ऑफ इन्कॉयरी के आदेश दिए जा चुके हैं।
    - जगुआर एयक्राफ्ट पिछले चार दशक से वायुसेना में सेवा दे रहा है। वायुसेना जगुआर में रडार और इंजन को अपग्रेड करने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। जिससे उसे लंबे समय तक उपयोग में लिया जा सके।

    विमान बस्ती पर न गिरे इसलिए पायलट ने नहीं छोड़ी अपनी सीट

    - भुज से मुंदरा जा रहे मार्ग पर एयर कोमोडोर संजय चौहान विमान टूटने के दौरान चेयर इजेक्ट कर पैराशूट के जरिए अपनी जान बचा सकते थे। लेकिन ऐसा करने पर विमान बस्ती के ऊपर गिर सकता था। उन्होंने जनहानि को बचाने के लिए सीट नहीं छोड़ी और अपनी जान दे दी।

    स्टेशन कमांडर थे चौहान
    - एयर कोमोडोर संजय चौहान वायुसेना में सीनियर अधिकारी थे। वे स्टेशन कमांडर थे। एयर कोमोडोर रैंक आर्मी की ब्रिगेडियर रैंक के बराबर होती है। संजय को हादसे में गंभीर चोटें आई थीं। बाद में उनकी मौत हो गई।

    पहले भी हो चुका है ऐसा हादसा
    - असम के माजुली द्वीप में 15 फरवरी को वायुसेना का एयरक्राफ्ट क्रैश हुआ था। इस हादसे में दोनों पायलट शहीद हो गए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक-यह माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट (Virus SW80) रूटीन फ्लाइट पर था।

    - 2013 में दो एमआईजी-29 फाइटर प्लेन जून और जुलाई में गुजरात के जामनगर एयर बैस के पास क्रैश हुए थे।

  • चार दिन में दूसरा जगुआर एयरक्राफ्ट दुर्घटनाग्रस्त, लैंडिंग के वक्त रनवे पर 500 फीट तक फिसला, national news in hindi, national news
    +1और स्लाइड देखें
    जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्कॉयरी के ऑर्डर दे दिए गए हैं। - फाइल
Topics:
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From National

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×