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एलजी ऑफिस में दूसरे दिन भी केजरी का धरना, कहा- दूसरा रास्ता नहीं था; भाजपा बोली- ये लोकतंत्र का मजाक

मुख्यमंत्री केजरीवाल और उनके 4 मंत्री सोमवार शाम को उपराज्यपाल सचिवालय में धरने पर बैठ गए।

Dainik Bhaskar

Jun 12, 2018, 07:08 PM IST
केजरीवाल और दिल्ली के मंत्री तीन मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। केजरीवाल और दिल्ली के मंत्री तीन मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं।

- आप सरकार की मांग है कि उपराज्यपाल दिल्ली में अफसरों की हड़ताल खत्म कराएं

- दूसरी मांग है कि आदेश नहीं मानने वाले अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाए

नई दिल्ली. दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल (एलजी) के बीच लड़ाई थमती नहीं दिख रही है। अनिल बैजल के आवास (उपराज्यपाल सचिवालय) के अंदर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत उनके तीन मंत्रियों का धरना दूसरे दिन भी जारी है। मंगलवार को डॉक्टरों की टीम ने धरने पर बैठे स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और साथियों का चेकअप किया। केजरीवाल ने वीडियो मैसेज में कहा कि दिल्ली के हित में सरकार की तीन मांगे पूरी नहीं हो रही हैं। इसके अलावा कोई रास्ता नहीं था। भाजपा ने कहा कि आप नेता लोकतंत्र का मजाक उड़ा रहे हैं। साथ ही एलजी ऑफिस ने भी धरने की आलोचना करते हुए इसे बेवजह का प्रदर्शन करार दिया।

दिल्ली की जनता के लिए धरने पर बैठे हैं: सीएम

- केजरीवाल ने कहा, ''हम यहां अपने लिए नहीं, दिल्ली की जनता के हित और सरकार को काम करने का हक दिलाने के धरने पर बैठे हैं। हमने 23 फरवरी को ही उपराज्यपाल से अफसरों की हड़ताल खत्म कराने की मांग की थी। पर अफसरों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। मनीष सिसोदिया और अन्य नेता उपराज्यपाल से मिले, कई चिट्ठियां भी लिखीं। इसके बाद हमने फैसला किया कि जब तक एलजी मांगे पूरी नहीं करते हैं, हम यहीं बैठे रहेंगे।''

दिल्ली की लड़ाई में दूसरों दलों से भी संपर्क में: सिंह

- उधर, मंत्रियों के धरने के समर्थन में मुख्यमंत्री आवास के बाहर आप नेताओं ने भी मंगलवार को धरना शुरू किया। यहां आप सांसद संजय सिंह ने कहा, ''यह दिल्ली के लोगों की अधिकारों की लड़ाई है। नरेंद्र मोदी के इशारे पर उपराज्यपाल ने दिल्ली सरकार को अपंग बना दिया। एलजी उनकी कठपुतली की तरह काम करते हैं, पर हम हारेंगे नहीं, अंत तक लड़ेंगे। दिल्ली की लड़ाई को लेकर हम सीपीआई और बाकी दलों से भी संपर्क में हैं।''

आप ने लोकतंत्र का मजाक उड़ाया: भाजपा

- आप नेताओं के धरने पर दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट किया-''लोकतंत्र का मजाक उड़ाया जा रहा है, ये सरकार कोई काम करने की बजाय सिर्फ नाटक करती है।''

- भाजपा सांसद विजेंद्र गुप्ता ने कहा, ''दिल्ली के मालिक केजरीवाल और उनके साथी एसी रूम में प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्हें बाहर से लाकर व्यंजन परोसे जा रहे हैं और दिल्ली जलसंकट से जूझ रही है। इन्हें सिर्फ राजनीति करने से मतलब है, ना कि जनहित के मुद्दों से।''

केजरीवाल और उनके मंत्री कब धरने पर बैठे?

- मुख्यमंत्री केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और श्रम मंत्री गोपाल राय सोमवार को अनिल बैजल के आवास पर गए। जब एलजी दफ्तर से उठकर चले गए तो शाम 5.30 बजे सभी मंत्रियों ने सचिवालय के अंदर वेटिंग रूम में ही धरना शुरू कर दिया।
- धरने की सूचना के बाद आधा दर्जन से ज्यादा आईपीएस अधिकारी, एक दर्जन से ज्यादा इंस्पेक्टर समेत करीब डेढ़ सौ पुलिसकर्मी राजनिवास के बाहर सुरक्षा के लिए तैनात करने पड़े। सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई। राज्यसभा सांसद संजय सिंह केजरीवाल से मिलने पहुंचे, पर उन्हें रोक दिया गया।

3 मांगों को लेकर आप नेताओं का धरना

- उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने ट्वीट में कहा कि उपराज्यपाल से तीन मांगें की गई हैं। पहली- दिल्ली सरकार में कार्यरत भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों की हड़ताल खत्म कराई जाए। दूसरी- काम रोकने वाले आईएएस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। तीसरी- राशन की दरवाजे पर आपूर्ति की योजना को मंजूर किया जाए।
- बता दें कि आप सरकार का आरोप है कि मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर कथित मारपीट की घटना के बाद से मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ दिल्ली के आईएएस अधिकारी करीब 4 महीने से हड़ताल पर हैं। वे ना तो फोन उठाते हैं और ना ही किसी सरकारी बैठक में शामिल हो रहे हैं।

मुख्य सचिव ने बयान में कहा- हम हड़ताल पर नहीं हैं

- दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव (सीएस) अंशु प्रकाश ने कहा, ''दिल्ली में कोई अधिकारी या कर्मचारी 19 फरवरी की आधी रात को सीएम आवास पर मारपीट की घटना के बावजूद हड़ताल पर नहीं है। घटना के बाद अधिकारियों ने उपराज्यपाल, गृहमंत्री, कैबिनेट सेक्रेटरी से मुलाकात के अलावा कैंडल मार्च भी निकाला था लेकिन काम प्रभावित नहीं किया। यहां तक की छुट्टी के दिन भी कई बार काम किया। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने एक बार बैठक का संदेश भेजा लेकिन फिर बाद में मुलाकात का टाइम नहीं दिया। न ही उनकी तरफ से मामला सुलझाने का कोई प्रयास किया गया।''

मंगलवार को डॉक्टरों की टीम ने स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और बाकी लोगों का चेकअप किया। मंगलवार को डॉक्टरों की टीम ने स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और बाकी लोगों का चेकअप किया।
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केजरीवाल और दिल्ली के मंत्री तीन मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं।केजरीवाल और दिल्ली के मंत्री तीन मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं।
मंगलवार को डॉक्टरों की टीम ने स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और बाकी लोगों का चेकअप किया।मंगलवार को डॉक्टरों की टीम ने स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और बाकी लोगों का चेकअप किया।
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