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93 साल के अटलजी की हालत स्थिर, इंफेक्शन ठीक होने तक अस्पताल में रहेंगे: एम्स ने जारी किया हेल्थ बुलेटिन

भाजपा की तरफ से बयान जारी कर बताया गया कि वे नियमित जांच के लिए यहां आए हैं।

Dainik Bhaskar

Jun 12, 2018, 09:26 PM IST
atal bihari vajpayee admitted in aiims delhi

नई दिल्ली. पिछले नौ साल से अटलजी बीमार हैं। राजनीति की आत्मा की रोशनी जैसे घर में ही कैद। जीवित हैं, लेकिन नहीं जैसे। किसी से बात नहीं करते। जिनका भाषण सुनने विरोधी भी चुपके से सभा में जाते थे, उसी सरस्वती पुत्र ने मौन ओढ़ लिया। इतने सालों से बीमार हैं पर लंबे समय बाद एम्स में सोमवार को भर्ती होने की खबर आई। देश कांप उठा। मानो कह रहा हो- ईश्वर उन्हें लंबी उम्र दे।

एम्स ने मंगलवार शाम को हेल्थ बुलेटिन जारी किया। इसमें कहा गया है कि वाजपेयी की हालत स्थिर है। उन पर इलाज का असर हो रहा है। डॉक्टरों की एक टीम लगातार उन पर नजर रख रही है। इससे पहले सुबह जारी किए गए स्टेटमेंट में बताया गया था कि उन्हें इंजेक्टेबल एंटीबायोटिक दिए जा रहे हैं और हालत ठीक होने तक उन्हें अस्पताल में ही रखा जाएगा।

मनमोहन सिंह और मोहन भागवत हालचाल लेने पहुंचे
- शाम को ही पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अटलजी के हालचाल लेने एम्स पहुंचे। इससे पहले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और बीजेपी सांसद मुरली मनोहर जोशी भी यहां पहुंचे थे।

पूर्व प्रधानमंत्री को यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन
- भारत रत्न अटलजी को पिछली बार अगस्त 2017 में एम्स में भर्ती किया गया था। इस बार उन्हें यूरिनरी ट्रैक्ट में इंफेक्शन है। उनकी सिर्फ एक किडनी काम कर रही है। ऐसे में डायलिसिस की संभावना नहीं है।
- 30 साल से अटलजी के निजी फिजिशियन डॉ. रणदीप गुलेरिया की देखरेख में एम्स में उनका इलाज चल रहा है। पहली बार उन्हें कार्डियो एंड न्यूरो डिपार्टमेंट में भर्ती किया गया है।
- वाजपेयी के दामाद रंजन भट्टाचार्य और निजी सचिव एमसी जिग्सा अटलजी के साथ रहते हैं।

अटलजी को देखने सबसे पहले राहुल पहुंचे, इसके बाद नेताओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ
- जब पूर्व प्रधानमंत्री को एम्स में भर्ती करने की खबरें आईं तो कहा गया कि उन्हें रूटीन चेकअप के लिए लाया गया है। लेकिन शाम को राहुल गांधी उनसे मिलने पहुंचे। इसके बाद नेताओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया।
- राहुल के बाद नरेंद्र मोदी वहां पहुंचे। वे डॉक्टरों के साथ 50 मिनट रहे और अटलजी की सेहत के बारे में पूछते रहे। बता दें कि जब अटलजी प्रधानमंत्री थे, तब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे।
- मोदी के बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री विजय गोयल और डॉ. हर्षवर्धन भी आए।
- 1953 से वाजपेयी के साथ रहे लालकृष्ण अाडवाणी भी एम्स पहुंचे।

पिछली बार 2015 में सामने आई थी उनकी तस्वीर
अटल बिहारी वाजपेयी की तस्वीर पिछली बार 2015 में सामने आई थी। तब तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए वाजपेयी को घर जाकर भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया था।

तीन बार प्रधानमंत्री बने
1)
वाजपेयी सबसे पहले 1996 में 13 दिन के लिए प्रधानमंत्री बने। बहुमत साबित नहीं कर पाने की वजह से उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।
2) दूसरी बार वे 1998 में प्रधानमंत्री बने। सहयोगी पार्टियों के समर्थन वापस लेने की वजह से 13 महीने बाद 1999 में फिर आम चुनाव हुए।
3) 13 अक्टूबर 1999 को वे तीसरी बार प्रधानमंत्री बने। इस बार उन्होंने 2004 तक अपना कार्यकाल पूरा किया।

2005 में सक्रिय राजनीति से संन्यास लिया
- अटल बिहारी वाजपेयी ने 2005 में मुंबई में एक रैली में ऐलान कर दिया कि वे सक्रिय राजनीति से संन्यास ले रहे हैं और लालकृष्ण अाडवाणी और प्रमोद महाजन को बागडोर सौंप रहे हैं।
- उस वक्त प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि वाजपेयी मौजूदा राजनीति के भीष्म पितामह हैं।

2009 में तबीयत बिगड़ी, वेंटिलेटर पर रखा गया
- 2009 में वाजपेयी की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सांस लेने में दिक्कत के बाद कई दिन वेंटिलेटर पर रखा गया। हालांकि, बाद में वे ठीक हो गए और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
- बाद में कहा गया कि वाजपेयी लकवे के शिकार हैं। इस वजह से वे किसी से बोलते नहीं हैं। बाद में उन्हें स्मृति लोप भी हो गया। उन्होंने लोगों को पहचानना भी बंद कर दिया।

1924 में ग्वालियर में जन्मे, मूल रूप से कवि और शिक्षक
- वाजपेयी मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 25 दिसंबर 1924 को जन्मे। वे मूलत: कवि हैं और शिक्षक भी रह चुके हैं।
- 1951 में जनसंघ की स्थापना हुई और अटलजी ने चुनावी राजनीति में प्रवेश किया। 1975-77 के आपातकाल के दौरान वे गिरफ्तार किए गए।
- 1977 के बाद जनता पार्टी की मोरारजी देसाई की सरकार में वे विदेश मंत्री भी रहे।
- 1980 में उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी के साथ मिलकर भारतीय जनता पार्टी की नींव रखी।

करीब छह दशक से अटल बिहारी वाजपेयी के सहयोगी लालकृष्ण आडवाणी उनका हालचाल लेने एम्स पहुंचे। करीब छह दशक से अटल बिहारी वाजपेयी के सहयोगी लालकृष्ण आडवाणी उनका हालचाल लेने एम्स पहुंचे।
भाजपा सरकार आने के बाद प्रणब मुखर्जी ने  2015 में घर जाकर अटल बिहारी को भारतरत्न से सम्मानित किया था। भाजपा सरकार आने के बाद प्रणब मुखर्जी ने 2015 में घर जाकर अटल बिहारी को भारतरत्न से सम्मानित किया था।
अटल बिहारी वाजपेयी तीन बार भारत के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। -फाइल अटल बिहारी वाजपेयी तीन बार भारत के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। -फाइल
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करीब छह दशक से अटल बिहारी वाजपेयी के सहयोगी लालकृष्ण आडवाणी उनका हालचाल लेने एम्स पहुंचे।करीब छह दशक से अटल बिहारी वाजपेयी के सहयोगी लालकृष्ण आडवाणी उनका हालचाल लेने एम्स पहुंचे।
भाजपा सरकार आने के बाद प्रणब मुखर्जी ने  2015 में घर जाकर अटल बिहारी को भारतरत्न से सम्मानित किया था।भाजपा सरकार आने के बाद प्रणब मुखर्जी ने 2015 में घर जाकर अटल बिहारी को भारतरत्न से सम्मानित किया था।
अटल बिहारी वाजपेयी तीन बार भारत के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। -फाइलअटल बिहारी वाजपेयी तीन बार भारत के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। -फाइल
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