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भास्कर इंटरव्यू: सर्वानंद बोले- एनआरसी का मकसद असम को सिर्फ विदेशी मुक्त करना है, इस पर किसी भी भारतीय को संदेह की जरूरत नहीं

एनआरसी विवाद के बाद असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल का पहला साक्षात्कार

Danik Bhaskar | Aug 05, 2018, 03:44 AM IST
सीएम ने कहा- एनआरसी ड्राफ्ट से सीएम ने कहा- एनआरसी ड्राफ्ट से

नई दिल्ली. एनआरसी का अंतिम ड्राफ्ट आने के बाद देश में सियासत तेज है। इस विवाद के बीच असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने शनिवार को पहली बार भास्कर को इंटरव्यू दिया। रविशंकर रवि से सोनोवाल की बातचीत...

Q. भाजपा का चुनाव में विदेशी मुक्त असम नारा था, सरकार कितना कामयाब हुई है?
A.
एनआरसी का मकसद असम को सिर्फ विदेशी मुक्त करना है। इसमें किसी भी भारतीय को संदेह करने की जरूरत नहीं है। जिनके नाम नहीं आए हैं, उनके नाम शामिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में नियमावली तैयार की जा रही है। असम को अवैध घुसपैठ की भारी कीमत चुकानी पड़ी है। शुद्ध एनआरसी तैयार करना एक राष्ट्रीय दायित्व है। क्योंकि एक भारत, श्रेष्ठ भारत हमारी नीति है। इसमें सभी राज्यों और राजनीतिक दलों को सहयोग करना चाहिए।

Q. देश भर में इस बात की चर्चा है कि असम से काफी लोगों को भगाया जा रहा है?
A.
राज्य में पूरी तरह शांति है, हिंसा की एक भी घटना नहीं हुई है। पूरे असम में शांति है, पर असम के बाहर देश में ऐसी अफवाह फैलाई जा रही है कि बिहार, यूपी, पश्चिम बंगाल और अन्य प्रदेशों के असम में रह रहे लोगों को यहां से भगाया जा रहा है। यह बात पूरी तरह से गलत है। एनआरसी से असम के किसी भी व्यक्ति को परेशानी नहीं है। असम के मुख्यमंत्री होने के नाते राज्य में बसे सभी लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी मेरी है। असम में बसे सभी समुदायों और सभी भाषाओं के लोगों ने ड्राफ्ट को स्वीकार कर लिया है। पर यह पूर्ण एनआरसी नहीं है।

Q. एनआरसी में जिन भारतीयों के नाम नहीं हैं, उनके लिए सरकार क्या व्यवस्था कर रही है?
A.
एनआरसी ड्राफ्ट से बाहर 40 लाख लोगों में से जिन भारतीय नागरिकों के नाम किसी कारणवश शामिल नहीं हो पाए हैं, उन्हें अपना पक्ष रखने पूरा मौका दिया जाएगा। 1971 के बाद अन्य राज्यों से असम आने वाले लोगों से नागरिकता का उचित प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है, ताकि अगली प्रक्रिया में उन्हें एनआरसी में अपना नाम शामिल करने में आसानी हो। ऐसे लोगों की राज्य सरकार भी हर तरह की कानूनी मदद करेगी। सुप्रीम कोर्ट भी इसके लिए जल्द दिशा-निर्देश जारी करेगा।

Q. ममता बनर्जी और उनकी पार्टी प्रदर्शन कर रही है, इस पर आप क्या कहेंगे?
A.
सीएम ममता बनर्जी का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है। असम का एक भी नागरिक नहीं भागा है और न ही किसी के साथ मारपीट हुई है। ऐसे में उकसाने वाले बयान ठीक नहीं हैं।