महबूबा का बयान दुर्भाग्यपूर्ण, भाजपा पर आरोप लगाने की बजाय पार्टी चलाना सीखें: राममाधव

3 वर्ष पहले
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- जम्मू-कश्मीर में सरकार गिरने के बाद पीडीपी में असंतोष बढ़ गया, 5 विधायक बागी हो गए  
- राम माधव ने कहा- अपनी पार्टी को संभाल नहीं पा रही हैं महबूबा

 

नई दिल्ली.  भाजपा ने शनिवार को महबूबा मुफ्ती के उस आरोप को नकार दिया, जिसमें उन्होंने पीडीपी में तोड़फोड़ करने की बात कही थी। भाजपा महासचिव राम माधव ने कहा, 'महबूबा मुफ्ती का बयान न केवल गलत है, बल्कि हैरान करने वाला और दुर्भाग्यपूर्ण भी है। पूर्व मुख्यमंत्री को अपनी पार्टी को चलाने का सही तरीका सीखना चाहिए।' 
महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को केंद्र सरकार को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) में तोड़फोड़ करने पर धमकी दी थी। उन्होंने कहा था- "1987 की तरह अगर दिल्ली ने यहां (जम्मू-कश्मीर) की अवाम के वोट के अधिकार को छीनने की कोशिश की या किसी तरह की जोड़तोड़ की कोशिश की तो यहां सैयद सलाहुद्दीन और यासीन मलिक पैदा होंगे। मैं समझती हूं कि केंद्र की दखलंदाजी के बिना पार्टी में तोड़फोड़ नहीं की जा सकती।" 

 

जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने की मंशा नहीं: राममाधव ने कहा, "दिल्ली में बैठी सरकार राज्य में सरकार बनाने के लिए किसी भी प्रकार की कोई कोशिश नहीं कर रही है। महबूबा मुफ्ती अपनी पार्टी के भीतर के मामले निपटाने के बजाय भाजपा पर गलत आरोप लगाकर आतंकियों के नाम पर धमकी दे रही हैं। जहां तक आतंकियों की बात है तो सुरक्षाबल उनसे निपटना जानते हैं।" 

 

पीडीपी के 5 विधायक बागी हुए: 19 जून को भाजपा ने महबूबा सरकार से समर्थन वापस लिया था। इसके बाद पीडीपी में असंतोष बढ़ गया। कई नेताओं ने पार्टी के खिलाफ बयान दिए। इनमें बारामूला के विधायक जावेद हसन बेग, विधायक आबिद हुसैन अंसारी, उनके भतीजे इमरान हुसैन अंसारी, तंगमार्ग से विधायक मोहम्मद अब्बास वानी और पट्‌टन से विधायक इमरान अंसारी का नाम शामिल है। इसके अलावा जिला और तहसील स्तर के नेताओं ने भी आरोप लगाया कि पार्टी में उनकी बात सुनी नहीं जा रही है।

 

 

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