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शास्त्री की मौत की जांच से जुड़े रिकॉर्ड हों सार्वजनिक, CIC ने पीएमओ को दिए निर्देश

निर्देश दिया गया कि 1977 में मौत के कारणों की जांच के लिए बनाए गए राज नारायण समिति के रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएं।

dainikbhaskar.com | Last Modified - May 13, 2018, 08:01 PM IST

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नई दिल्ली.केंद्रीय सूचना आयोग ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की रहस्यमयी मौत से जुड़े रिकॉर्ड सार्वजनिक करने को कहा है। आयोग ने इसके लिए पीएम ऑफिस, गृह और विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया है कि 1977 में मौत के कारणों की जांच के लिए बनाए गए राज नारायण समिति के रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएं। आयोग ने कहा है कि समिति से जुड़े रिकॉर्ड का कथित तौर पर पता नहीं लग रहा है। बता दें 1966 में शास्त्री की रहस्यमय ढंग से मौत हो गई थी।RTI को लेकर दिए निर्देश...

- सूचना आयुक्त श्रीधर आचार्युलु ने पीएमओ, गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय को देश के दूसरे प्रधानमंत्री की मौत से संबंधित दस्तावेजों की मौजूदगी को लेकर बयान को प्रकाशित करने को कहा है।
- उन्होंने कहा कि सरकारी अफसरों का ये संवैधानिक कर्तव्य है कि वो सभी रिकॉर्ड के बारे में जानकारी दें। लोग अपने प्रिय नेता के मौत के पीछे की सच्चाई जानने की अपेक्षा रखते हैं।
- उन्होंने कहा कि पीएम ऑफिस की भी पहली जिम्मेदारी होती है कि वो लोगों को ये बताएं कि देश के स्वर्गीय पीएम लाल बहादुर शास्त्री के साथ क्या हुआ था।
- सूचना आयुक्त का ये निर्देश एक आरटीआई एप्लीकेशन पर आया है, जिसमें आवेदककर्ता ने गृह मंत्रालय से शास्त्री की मौत के बाद की जानकारी मांगी है।
- आरटीआई में पूछा गया है कि शास्त्री की डेडबॉडी अंतिम संस्कार के लिए भारत लाई गई थी या फिर सोवियत यूनियन में ही उनका क्रीमेशन किया गया। साथ ही उनके पोस्टमॉर्टम की भी कॉपी की मांग की है।

सुनवाई में नहीं मिली जानकारी
- गृह मंत्रालय ने नवदीप गुप्ता की मौजूदा एप्लीकेशन को नेशनल आर्काइव ऑफ इंडिया को ट्रांसफर कर दिया है। मामले की सुनवाई के दौरान एनएआई को रिप्रेजेन्ट करने वाले केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी ने आयोग को बताया कि इस बारे में जानकारी विदेश मंत्रालय, रूस में भारतीय दूतावास, गृह मंत्रालय या किसी अन्य अथॉरिटी के पास हो सकती है।
- सूचना आयुक्त ने कहा कि केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी ने बताया कि अखबारों की कुछ कतरनों की जानकारी को छोड़ दें तो उनके पास शास्त्री की मौत या पोस्टमॉर्टम से जुड़ा कोई प्रमाणिक रिकॉर्ड नहीं है।

सूचना आयुक्त ने लिया संज्ञान
- इस पर संज्ञान लेते हुए सूचना आयुक्त ने पीएमओ, विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय से समिति से जुड़े रिकॉर्ड को देखने के लिए कहा है। साथ शास्त्री की मौत से संबंधित 11 पन्नों के डॉक्युमेंट को भी सार्वजनिक करने का निर्देश दिया है, जो कैबिनेट सेक्रेट्रिएट के पास है।
- इससे पहले 2011 में भी आयोग ने अलग-अलग मामलों की सुनवाई के दौरान शास्त्री की मौत से जुड़े 11 पन्नों के दस्तावेजों का खुलासा करने का निर्देश दिया था। हालांकि, इसमें विदेश मंत्रालय के एक डॉक्युमेंट को रोकने की भी मंजूरी दी थी, जिसमें मुक्ति वाहिनी का संदर्भ था।

ताशकंद में हुई थी शास्त्री की मौत
- रूस के ताशकंद में शास्त्री की रहस्यमय ढंग से मौत हो गई थी। शास्त्री जी 1965 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद पाकिस्तानी राष्ट्रपति महमूद अयूब खान के साथ एक घोषणा पत्र साइन करने के लिए रूस गए थे। इसे साइन करने के बाद ही 11 जनवरी 1966 को उनकी मौत हो गई थी। बताया गया था कि हार्ट अटैक के चलते उनकी मौत हुई थी, लेकिन विदेशी धरती पर हुई उनकी मौत को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हुए थे और अब भी हो रहे हैं।

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Web Title: shaastri ki maut ki jaanch se judee rikord hon saarvjnik, CIC ne PMo ko die nirdesh
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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