गंगा सफाई पर लंदन में गडकरी से तुलना, नाराज उमा भारती ने बाबा रामदेव को लिखी चिट्ठी

3 वर्ष पहले
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- उमा ने लिखा- रामदेव के मुंह से निकला ऐसा जुमला मुझे नुकसान पहुंचा सकता है 

- रामदेव ने कहा- उमा भारतीजी के साथ आध्यात्मिक भाई-बहन का संबंध है

 

नई दिल्ली.  बाबा रामदेव द्वारा गंगा सफाई के काम पर लंदन में नितिन गडकरी से तुलना किए जाने से उमा भारती खफा हो गई हैं। उन्होंने रामदेव को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने लिखा है कि उनके (रामदेव) मुंह से निकला ऐसा कोई भी जुमला उन्हें (उमा) नुकसान पहुंचा सकता है। 

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, उमा ने चिट्ठी में लिखा है कि लंदन में टेम्स नदी के किनारे से आपने गंगा पर अपने विचार व्यक्त किए। मुझे आपके द्वारा गंगा की विवेचना करते समय दो मंत्रियों की तुलना करना अजीब लगा। मैं भी नितिन गडकरीजी की प्रशंसक हूं। पूरी दुनिया के सामने लंदन से किसी टीवी चैनल पर मेरे बारे में चर्चा करते समय शायद आपको यह ध्यान नहीं रहा कि आप मुझे निजी तौर पर आहत और मेरे आत्मसम्मान पर आघात कर रहे हैं। 

 

परिश्रम ही मेरी शक्ति: उमा ने आगे लिखा कि आठ साल की उम्र से अभी तक इन 50 सालों में घोर परिश्रम, विचारनिष्ठा और राष्ट्रवाद मेरी शक्ति हैं और इसी विश्ववसनीयता ने राजनीति में मुझे उचित स्थान दिलाया है। आप मेरे मार्गदर्शक रहे हैं। अक्टूबर में गंगोत्री से गंगासागर तक लाखों लोग गंगा के किनारे स्वच्छता और वृक्षारोपण कार्यक्रम में भागीदारी करेंगे। मैं आपसे और सभी संतों से इसके लिए निवेदन करती हूं। 

 

मेरी ऐसी कोई मंशा नहीं थी: उमा के इस पत्र पर बाबा रामदेव ने ट्वीट के जरिए जवाब दिया। उन्होंने लिखा, पूज्य उमा भारतीजी के साथ मेरा आध्यात्मिक भाई-बहन का संबंध है। उनके सम्मान को आहत करने की मेरी कोई मंशा नहीं थी। मेरा मकसद गंगा की कार्ययोजना पर उन्हें आ रही प्रारम्भिक व प्रशासनिक कठिनाइयों की ओर इशारा करना भर था। उनकी गंगा-निष्ठा, धर्म-निष्ठा और राष्ट्र-निष्ठा प्रशंसनीय है।

 

रामदेव ने कहा था- गडकरी का काम दिखता है: बाबा रामदेव ने इंटरव्यू में कहा था कि उमाजी की फाइल आफिस में अटक जाती है, जबकि गडकरीजी की फाइल नहीं अटकती है। उन्होंने कहा था कि देश में सबसे ज्यादा किसी मंत्री का काम दिखता है तो वह गडकरी का है।

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