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वही टीम अपना बेस्ट दे सकती है, जो खुद से कनेक्ट हो पाती है : विशाल जैकब

हाल ही में नोशन प्रेस ने 'कनेक्टिंग विद यूअरसेल्फ' बुक पब्लिश की है, जिसे विशाल जैकब ने लिखा है।

Danik Bhaskar | Jul 02, 2018, 04:51 PM IST

हाल ही में नोशन प्रेस ने 'कनेक्टिंग विद यूअरसेल्फ' (Connecting with Yourself) बुक पब्लिश की है। इसे विशाल जैकब ने लिखा है जो WaveMaker India में डिजिटल मीडिया और मार्केटिंग के वाइस प्रेसीडेंट हैं। वे कहते हैं कि वही टीम अपना बेस्ट दे सकती है, जो खुद से कनेक्ट हो पाती है।

जैकब कहते हैं कि मेरे करियर के 17 साल के दौरान और खासकर पिछले दशक में मुझे कई टीमों को लीड करने का मौका मिला है। जितना मैं उनकी मदद कर सका, उतना ही मैं उनसे भी सीख सका। उनके साथ काम करने के दौरान मेरा अनुभव रहा है कि वे टीम ही अपना बेस्ट दे पाती हैं जिनमें शामिल लोग खुद से जुड़ पाते हैं। ऐसे लोग सेक्योर और कॉन्फिडेंट होते हैं। उनकी आत्मनिरीक्षण करने की क्षमता उन्हें ओपन और दूसरों को स्वीकार करने के योग्य बनाती है। खुद से जुड़ने की यह क्षमता पर्सनल और प्रोफेशनल ग्रोथ में भी मदद करती है।


लेकिन दुभार्ग्य से कई लोग अपने बारे में गहनता से नहीं जानते हैं। हमारे स्कूल और कॉलेज हमें आत्मनिरीक्षण करना नहीं सिखाते। हममें से अधिकांश लोग स्कूल इसलिए जाते हैं ताकि वे अपने पैरेंट्स या टीचर्स की अपेक्षाओं पर खरा उतर सकें।


खुद को खोजने की यात्रा अपने आप में काफी रुचिकर है। मेरे लिए यह तब शुरू हुआ, जब मैंने खुद से यह पूछना शुरू किया कि मैं सोचता क्यों हूं, महसूस क्यों करता हूं और काम क्यों करता हूं? मेरा मानना है कि अपने सेंस से खुद को जुड़ा रखने के कारण ही मैं कभी भी खत्म नहीं होने वाली यात्रा को आगे बढ़ा पाया।

लेखक के बारे में :
किताब के लेखक विशाल जैकब वेवमेकर इंडया के डिजिटल मीडिया एंड मार्केटिंग के वाइस प्रेसीडेंट हैं। उनके पास डिजिटल मार्केटिंग, कम्युनिकेशन प्लानिंग और कंज्यूमर बिहेवियर का 17 साल का अनुभव है। विशाल न्यूरोलीडरशिप इंस्टीट्यूट द्वारा सर्टिफाइड एग्जीक्यूटिव कोच भी हैं। उन्होंने डिजिटल मार्केटिंग पर दो किताबें लिखी हैं और वे देश के कुछ टॉप बी-स्कूल्स में गेस्ट लेक्चर भी हैं।