महबूबा की पार्टी के विधायकों के बागी सुर तेज, बारामूला से एमएलए हसन ने कहा- चुनाव हारे हुए लोग पीडीपी चला रहे हैं

3 वर्ष पहले
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- 1 जुलाई को पीडीपी के चार विधायकों ने पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए थे

 

श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर में सत्ता से बाहर होने के बाद महबूबा मुफ्ती की पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट (पीडीपी) में बागियों की तादाद बढ़ती जा रही है। बारामूला के विधायक जावेद हसन बेग ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी अपने विधायकों का सम्मान नहीं कर रही है। हारने वाले लोग पीडीपी को चला रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि लीडरशिप विधायकों को तवज्जो ही नहीं देती और इस पार्टी के लिए मैंने अपने 20 साल बर्बाद कर दिए। 

इससे पहले चार और विधायकों ने महबूबा मुफ्ती के खिलाफ परिवार की राजनीति करने का आरोप लगाया था। विधायक आबिद हुसैन अंसारी, उनके भतीजे इमरान हुसैन अंसारी, तंगमार्ग से विधायक मोहम्मद अब्बास वानी ने महबूबा पर पार्टी को 'परिवार डेमोक्रेटिक पार्टी' बताया था। आबिद ने कहा था- भाजपा-पीडीपी गठबंधन के दौरान लिए गए फैसलों और नीतियों से हम खुश नहीं हैं। इनके अलावा पट्‌टन से विधायक इमरान अंसारी ने आरोप लगाया था कि पीडीपी पर कुछ लोगों ने अधिकार जमा रखा है।

 

असंतुष्ट विधायक भाजपा के संपर्क में : सूत्रों के मुताबिक, पीडीपी के कुछ नेता भाजपा के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर की राजनीति में सुनामी लाने के लिए तैयार हैं। पीडीपी और कांग्रेस समेत अन्य पार्टियों के बागी और असंतुष्ट नेता कुछ दिनों में एक साथ आ सकते हैं। यह चर्चा तेज इसलिए हुई, क्योंकि 27 जून को ही भाजपा नेता राम माधव ने पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेता सज्जाद लोन से मुलाकात की थी।

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