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परेशान करने वाली कॉल्स और मैसेज से मिल सकता है छुटकारा, ट्राई ने किया नियमों में बदलाव

4 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी आॅफ इंडिया (ट्राई) ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए गुरुवार को कुछ नियमों में बदलाव किया। नए नियमों के तहत सब्सक्राइबर्स को बार-बार परेशान करने वाली कॉल्स से छुटकारा मिल सकता है। नए नियमों के मुताबिक, अब टेलिमार्केटिंग कंपनियों को उपभोक्ताओं को मैसेज भेजने के लिए उनकी मंजूरी लेनी होगी। उपभोक्ता के पास मंजूरी की समय-सीमा तय करने का विकल्प होगा। ट्राई ने टेलिकॉम ऑपरेटर्स से कहा है कि कमर्शियल कम्युनिकेशन सिर्फ रजिस्टर्ड सेंडर्स के जरिए ही होने चाहिए। 

ट्राई की ओर से जारी बयान के अनुसार, “नियमों में बदलाव अनिवार्य हो गया था। नए नियम का उद्देश्य यूजर्स को इन कॉल्स और मैसेज से हो रही परेशानी से मुक्त करना है।” 

 

उपभोक्ताओं को मिलेगा ज्यादा नियंत्रण: ट्राई ने कहा कि कुछ टेलिमार्केटिंग कंपनियां गलत तरीके से ग्राहकों की मंजूरी मिलने का दावा करती हैं। नए नियमों के तहत उपभोक्ता अपनी सहमति पर पूरा नियंत्रण रख सकेंगे। उनके पास पहले से दी गई सहमति को वापस लेने का भी विकल्प होगा। ट्राई ने कहा कि यदि कोई उपभोक्ता गलती से मंजूरी दे देता है, तो वह उसे रद्द भी कर सकेगा। इस तरह से कंपनियां मौजूदा नियमों का दुरुपयोग नहीं कर सकेंगी। नियमों को तोड़ने वाली कंपनियों पर जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है। उल्लंघन की श्रेणियों के तहत कंपनियों पर 1,000 से 50 लाख रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकेगा। 

 

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